हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार प्रो वीरेंद्र और दलाल खाप प्रवक्ता पर देशद्रोह का केस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जाट आरक्षण आंदोलन के बाद भड़के उपद्रव को भड़काने के आरोपों के बाद पहली बड़ी कार्रवाई की गई है। उपद्रव से जुड़ा एक ऑडियो टेप सामने आने पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह पर देशद्रोह का केस दर्ज किया गया है। प्रोफेसर के अलावा दलाल खाप के प्रवक्ता कैप्टन मानसिंह दलाल के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस ने कैप्टन पवन कुमार अचल की शिकायत पर भिवानी की एमसी कॉलोनी निवासी वीरेंद्र सिंह और मानसिंह दलाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 124 ए (देशद्रोह), 120 बी (आपराधिक षडयंत्र, पब्लिक प्रोपर्टी डैमेज एक्ट), 153 ए (धर्म, भाषा, नस्ल वगैरह के आधार पर लोगों में नफरत फैलाने की कोशिश), 153 बी (राष्ट्रीय एकता अखंडता के खिलाफ) 109 (उकसाना) और 427 (आगजनी करना) के तहत केस दर्ज किया।
पवन ने शिकायत में बताया कि जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में पूरे प्रदेश में पब्लिक प्रॉपर्टी में आगजनी, लूटपाट सहित रोड जाम किए गए। आंदोलन को उग्र बनाने के दोनों आरोपियों की भूमिका का एक ऑडियो टेप सामने आया था। वहीं, वीरेंद्र सिंह स्वीकार करते हैं कि यह उनकी और कैप्टन की फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो है। लेकिन उसमें पूरी बातचीत नहीं है और वह पुराना होने के साथ ही अधूरा भी है।
यह उस समय का ऑडियो है, जब केवल रोहतक या आसपास ही जाम लगा था और इस ऑडियो का मतलब भी गलत निकाला जा रहा है। उनके अनुसार वे किसी भी जगह भड़काऊ बात नहीं कर रहे हैं। वह केवल यह कह रहे हैं कि इनेलो की छात्र विंग इनसो वाले जाम का समर्थन कर रहे हैं और उसका स्वाद ले रहे हैं। वे दूसरी जगहों पर जाम का समर्थन न करें और अपने यहां सिरसा में जाकर जाम लगाएं। प्रोफेसर के अनुसार उन्होंने जिस कप्तान और मान सिंह से यह बात कही, उनके यहां बहादुरगढ़ और सिरसा के लिए कही थी। वहां पूरे आंदोलन के दौरान शांति बनी रही।