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एएसआई के बेटे को दोस्तों ने पीटकर मार डाला, सड़क पर फेंका शव
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 24 Aug 2015 02:27 AM IST
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वैश्य कॉलेज में बीए फाइनल ईयर के छात्र रवि सिंह (23) की दोस्तों ने ही रॉड से पीटकर हत्या कर दी।
युवक दोस्तों के साथ खेत में बने कोठड़े में बैठकर पार्टी कर रहा था। हत्या के बाद शव सुनारिया जेल बाईपास पर फेंक दिया गया।
परिजनों के बयान पर उसके चार दोस्तों पर ही हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने दो को हिरासत में भी ले लिया है।
मृतक के पिता सुनारिया कलां निवासी एएसआई सुरेंद्र सिंह सेक्टर 1 स्थित पुलिस चौकी में बतौर एएसआई तैनात हैं। वारदात शनिवार रात को अंजाम दी गई।
मामले में सुनारिया गांव के प्रदीप उर्फ डोडू, मोनू, पीका और रिठाल के युवक पर केस दर्ज किया गया है। शिकायत में केवल रंजिशन वारदात लिखा गया है।
एएसआई सुरेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि रवि शनिवार शाम 6 बजे खेत में जाने के लिए घर से निकला। फिर देर रात तक घर नहीं लौटा।
परिजनों ने रातभर रवि की तलाश की। रविवार तड़के सुनारिया बाईपास पर दौड़ लगाने गए गांव के लड़कों ने रवि का शव पुरानी शुगर मिल से सुनारिया जेल की ओर जाने वाले रोड पर बीचोंबीच पड़ा देखा। परिजनों के बाद पुलिस और एफ एसएल टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस ने बताया सड़क हादसा, परिजन हत्या पर अड़े
पोस्टमार्टम हाउस में पुलिस और मृतक के परिजनों के बीच बहस हो गई। पुलिस मामले को महज एक हादसा बता रही थी। दूसरी तरफ परिजन इस बात पर अड़े थे कि रवि की हत्या की गई है। तूल पकड़ता देख पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। फिर रवि का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया गया।
जहां शव मिला, वहां खून का एक छींटा तक नहीं
आरोपियों ने रवि क ा बायां हाथ और पैर की हड्डी तोड़ रखी थी। पुलिस की मानें तो वाहन की टक्कर से हड्डियां टूटीं। परिजनों का कहना था कि जहां शव मिला, वहां खून का एक छींटा तक नहीं मिला है। हादसा होता तो थोड़ा खून तो सड़क पर जरूर मिलता। इसी शक के चलते कार्रवाई की गई। सुरेंद्र के दो और बेटे हैं।
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पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा युवक, फिर खुली केस की परतें
अभी पुलिस हत्या और हादसे को लेकर उलझी हुई थी। सुबह 10 बजे गांव का एक युवक अरविंद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। उसने एक -एक करके केस की परतें खोल दी। हालांकि हत्या की पुष्टि उसके बयान से भी नहीं हो सकी। अरविंद ने बताया कि रात करीब 9 बजे रवि ने उसके मोबाइल पर फ ोन किया था। कहा था कि मैं बाईपास पर खड़ा हूं। तुम बाइक लेकर आ जाओ और मुझे यहां से ले जाओ। लेकिन अरविंद के पास कोई साधन नहीं होने के कारण वह रवि को लेने नहीं जा सका।
वारदात से पहले रवि के साथ ही बैठा था अरविंद
अरविंद ने पुलिस को बताया कि रवि के कहने पर वह गांव के मोनू नाम के युवक के कोठड़े पर गया था। यहां, मोनू, प्रदीप उर्फ डोडू, पीका और रिठाल का एक युवक पहले से ही मौजूद थे। यहां कुछ देर रुकने के बाद अरविंद वापस आ गया। सुरेंद्र सिंह का आरोप है कि बाद में मोनू, प्रदीप उर्फ डोडू, पीके व रिठाल के युवक ने रवि की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी।
पहले पार्टी की फिर हत्या
हिरासत में लिए गए आरोपी मोनू की मानें तो उसके कोठड़े पर पहले भी रवि कई बार पार्टी के लिए आता जाता रहा है। बीती रात को कोठड़े पर करीब 7 युवक मौजूद थे। शराब की दो बोतलें लाई गई थीं। परिजनों का आरोप है कि पहले आरोपियों ने रवि के साथ शराब पी, फिर उसे मौत के घाट उतार दिया।
हिरासत में लिये गए आरोपियों के बयान-
प्रदीप उर्फ डोडू- जब मोनू अपनी बाइक से अरविंद को छोड़ने गया था तो उसके कुछ देर बाद ही रवि भी पैदल कोठड़े से घर जाने की बात कहकर चला गया था। इसके बाद मैं, पीका और रिठाल का युवक कोठड़े पर मौजूद थे। कुछ देर बाद ही हम भी चले गए।
मोनू: सभी युवक मेरे कोठड़े पर बैठकर पार्टी कर रहे थे। मैं भी शामिल था। रात करीब 9 बजे मैं अरविंद को उसके घर छोड़कर अपने घर खाना खाने के लिए चला गया। वापस कोठड़े पर पहुंचा तो यहां कोई नहीं मिला। कोठड़े की चाबी पीका के पास थी।
जिस पर ज्यादा शक, वही फरार
परिजनों के शक और हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों के बयानों के विरोधाभास पर गौर किया जाए तो हर जगह शक की सुइ रिठाल निवासी युवक की तरफ घूम रही है। डोडू ने बताया कि पीका उसे अपने साथ लेकर कोठड़े पर आया था। इसके अलावा कोठडे़ पर बैठा एक भी युवक रिठाल वासी के नाम तक नहीं जानता है। परिजनों ने सबसे ज्यादा शक उसी पर जाहिर किया है। हालांकि असली सच्चाई तो पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी।
सुबह कर दी कोठड़े की सफाई
इतना ही नहीं आरोपियों ने घटना के बाद कोठड़े की भी सफाई कर दी। फिर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मोनू ने बताया कि वह सुबह खेतों में गया था। इस दौरान उसने कोठड़े की सफाई की। पुलिस का शक मोनू की तरफ भी घूम गया है।
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युवक दोस्तों के साथ खेत में बने कोठड़े में बैठकर पार्टी कर रहा था। हत्या के बाद शव सुनारिया जेल बाईपास पर फेंक दिया गया।
परिजनों के बयान पर उसके चार दोस्तों पर ही हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने दो को हिरासत में भी ले लिया है।
मृतक के पिता सुनारिया कलां निवासी एएसआई सुरेंद्र सिंह सेक्टर 1 स्थित पुलिस चौकी में बतौर एएसआई तैनात हैं। वारदात शनिवार रात को अंजाम दी गई।
मामले में सुनारिया गांव के प्रदीप उर्फ डोडू, मोनू, पीका और रिठाल के युवक पर केस दर्ज किया गया है। शिकायत में केवल रंजिशन वारदात लिखा गया है।
एएसआई सुरेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि रवि शनिवार शाम 6 बजे खेत में जाने के लिए घर से निकला। फिर देर रात तक घर नहीं लौटा।
परिजनों ने रातभर रवि की तलाश की। रविवार तड़के सुनारिया बाईपास पर दौड़ लगाने गए गांव के लड़कों ने रवि का शव पुरानी शुगर मिल से सुनारिया जेल की ओर जाने वाले रोड पर बीचोंबीच पड़ा देखा। परिजनों के बाद पुलिस और एफ एसएल टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस ने बताया सड़क हादसा, परिजन हत्या पर अड़े
पोस्टमार्टम हाउस में पुलिस और मृतक के परिजनों के बीच बहस हो गई। पुलिस मामले को महज एक हादसा बता रही थी। दूसरी तरफ परिजन इस बात पर अड़े थे कि रवि की हत्या की गई है। तूल पकड़ता देख पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। फिर रवि का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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जहां शव मिला, वहां खून का एक छींटा तक नहीं
आरोपियों ने रवि क ा बायां हाथ और पैर की हड्डी तोड़ रखी थी। पुलिस की मानें तो वाहन की टक्कर से हड्डियां टूटीं। परिजनों का कहना था कि जहां शव मिला, वहां खून का एक छींटा तक नहीं मिला है। हादसा होता तो थोड़ा खून तो सड़क पर जरूर मिलता। इसी शक के चलते कार्रवाई की गई। सुरेंद्र के दो और बेटे हैं।
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पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा युवक, फिर खुली केस की परतें
अभी पुलिस हत्या और हादसे को लेकर उलझी हुई थी। सुबह 10 बजे गांव का एक युवक अरविंद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। उसने एक -एक करके केस की परतें खोल दी। हालांकि हत्या की पुष्टि उसके बयान से भी नहीं हो सकी। अरविंद ने बताया कि रात करीब 9 बजे रवि ने उसके मोबाइल पर फ ोन किया था। कहा था कि मैं बाईपास पर खड़ा हूं। तुम बाइक लेकर आ जाओ और मुझे यहां से ले जाओ। लेकिन अरविंद के पास कोई साधन नहीं होने के कारण वह रवि को लेने नहीं जा सका।
वारदात से पहले रवि के साथ ही बैठा था अरविंद
अरविंद ने पुलिस को बताया कि रवि के कहने पर वह गांव के मोनू नाम के युवक के कोठड़े पर गया था। यहां, मोनू, प्रदीप उर्फ डोडू, पीका और रिठाल का एक युवक पहले से ही मौजूद थे। यहां कुछ देर रुकने के बाद अरविंद वापस आ गया। सुरेंद्र सिंह का आरोप है कि बाद में मोनू, प्रदीप उर्फ डोडू, पीके व रिठाल के युवक ने रवि की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी।
पहले पार्टी की फिर हत्या
हिरासत में लिए गए आरोपी मोनू की मानें तो उसके कोठड़े पर पहले भी रवि कई बार पार्टी के लिए आता जाता रहा है। बीती रात को कोठड़े पर करीब 7 युवक मौजूद थे। शराब की दो बोतलें लाई गई थीं। परिजनों का आरोप है कि पहले आरोपियों ने रवि के साथ शराब पी, फिर उसे मौत के घाट उतार दिया।
हिरासत में लिये गए आरोपियों के बयान-
प्रदीप उर्फ डोडू- जब मोनू अपनी बाइक से अरविंद को छोड़ने गया था तो उसके कुछ देर बाद ही रवि भी पैदल कोठड़े से घर जाने की बात कहकर चला गया था। इसके बाद मैं, पीका और रिठाल का युवक कोठड़े पर मौजूद थे। कुछ देर बाद ही हम भी चले गए।
मोनू: सभी युवक मेरे कोठड़े पर बैठकर पार्टी कर रहे थे। मैं भी शामिल था। रात करीब 9 बजे मैं अरविंद को उसके घर छोड़कर अपने घर खाना खाने के लिए चला गया। वापस कोठड़े पर पहुंचा तो यहां कोई नहीं मिला। कोठड़े की चाबी पीका के पास थी।
जिस पर ज्यादा शक, वही फरार
परिजनों के शक और हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों के बयानों के विरोधाभास पर गौर किया जाए तो हर जगह शक की सुइ रिठाल निवासी युवक की तरफ घूम रही है। डोडू ने बताया कि पीका उसे अपने साथ लेकर कोठड़े पर आया था। इसके अलावा कोठडे़ पर बैठा एक भी युवक रिठाल वासी के नाम तक नहीं जानता है। परिजनों ने सबसे ज्यादा शक उसी पर जाहिर किया है। हालांकि असली सच्चाई तो पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी।
सुबह कर दी कोठड़े की सफाई
इतना ही नहीं आरोपियों ने घटना के बाद कोठड़े की भी सफाई कर दी। फिर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मोनू ने बताया कि वह सुबह खेतों में गया था। इस दौरान उसने कोठड़े की सफाई की। पुलिस का शक मोनू की तरफ भी घूम गया है।