फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   aipmt paper leak case : four accused will be remain in jail

एआईपीएमटी पेपर लीक मामला : परीक्षा वाले दिन पकड़े गए चारों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

Wed, 26 Aug 2015 02:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Wed, 26 Aug 2015 02:57 AM IST
विज्ञापन
एआईपीएमटी पेपर लीक मामले में पहले दिन पकड़े गए चारों आरोपियों की जमानत याचिका जिला कोर्ट में खारिज कर दी गई है। इनमें से एक आरोपी रवि ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर कर दी है।
विज्ञापन


 बता दें कि मामले में सबसे पहले 3 मई 2015 को पुलिस ने गुढाणा निवासी डॉ भूपेंद्र सिंह, गद्दी खेड़ी निवासी राजेश बिश्नोई, बसंत विहार निवासी संजीत और ग्रेटर नोएडा के नीमका निवासी रवि अत्री को गिरफ्तार किया था। 27 जुलाई को रद की गई याचिका पर 28 जुलाई को रवि के वकील ने हाईकोर्ट में अर्जी लगाई। 6 अगस्त को हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।
विज्ञापन


पुलिस सूत्रों की मानें तो मुख्य आरोपी और अभी तक फरार मदीना निवासी रूप कुमार दांगी की संपत्ति की जल्द ही कुर्की हो सकती है। माह पहले जेल भेजे गए दांगी के करीबी राजेश की जमानत मंजूर हो गई है। शुक्रवार को ही वह जमानत पर जेल से बाहर आया। गौरतलब है कि अधिकतर छात्रों की जमानत संदेह के लाभ के चलते पहले ही मंजूर हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पेपर किसने और कैसे लीक किया
पुलिस ने कोर्ट में चालान तो पेश कर दिया लेकिन यह नहीं बता सकी कि केंद्र से पेपर किसने और कैसे लीक किया। केवल इतना बताया है कि आंसर-की दांगी ने अपने साथियों को रुपये देकर तैयार करवाई।  

59 गवाह देंगे गवाही
चालान में 59 लोगों को गवाह बनाया गया है। इनमें पुलिस अधिकारी, डॉक्टर्स सहित छात्र शामिल हैं। आईपीसी की धारा 467(फर्जी दस्तावेज तैयार करना), 468-471 (छल के लिए फर्जी दस्तावेज प्रयोग करना), 120 बी, 420 और 66ए आईटी एक्ट में चालान पेश किया गया है। 29 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

परीक्षा वाले दिन भूपेंद्र ने 5 लोगों को भेजी थी आंसर-की
चालान में पुलिस तफ्तीस के तहत आरोपी भूपेंद्र ने परीक्षा वाले दिन अपने मोबाइल से पांच लोगों को आंसर-की भेजी थी। इनमें मुख्यारोपी रूप सिंह दांगी का दोस्त राजेश बिश्नोई, धर्मेंद्र, विकास कौशिक, गौतम, हांसी का जगदीश उर्फ जेड़ी शामिल हैं। आरोपी विकास व सुमित ने आंसर-की बनाने के लिए 5500 व 7500 रुपये लिये थे।

नीमराणा के होटल सितारा में खाया था 40 लोगों ने खाना
दांगी ने शक्ति रिसोर्ट को पेपर लीक करने और आंसर-की भेजने का कंट्रोल रूम बना रखा था। 3 मई को ही दांगी सहित 40 अन्य साथियों ने राजस्थान के नीमराणा स्थित होटल सितारा में खाना खाया। पुलिस ने होटल से 18 हजार 200 रुपये का दांगी के नाम का बिल बरामद कर चालान में शामिल किया है।

चालान रिपोर्ट में मुख्य आरोपियों के बयान-
भूपेंद्र- 15 दिन पहले ओमेक्स सिटी में बनी प्लानिंग
नवीन ने मुझे परीक्षा वाले दिन आंसर-की नोट कराई। इसके बाद मैंने नोएडा के रवि अत्री के कहने पर धर्मेंद्र, विकास कौशिक व जगदीश को आंसर-की दी। परीक्षा से करीब 15 दिन पहले पेपर लीक के मामले को लेकर हमारी सभी की ओमेक्स सिटी में दांगी के मकान पर बैठक हुई। इसमें सबकी जिम्मेदारियां तय की गई थी।

राजेश बिश्नोई: रुपयों का तीसरा हिस्सा मिलना था
डॉ भूपेंद्र से मेरी परीक्षा से तीन दिन पहले बात हुई थी। उन्होंने फोन पर बताया था कि अपने प्रतिभागियों का जुगाड़ कर लो। प्रत्येक परीक्षार्थी से 25 लाख रुपये लिये जाएंगे। रुपयों में से तीसरा हिस्सा मुझे दिया जाएग। इसके बाद मैंने आदमपुर के एक परीक्षार्थी से 25 लाख रुपये लेकर उसके पास आंसर-की भिजवाई थी।  

संजीत - सन्नी के नाम से बुक कराए 4 कमरे
15 दिन पहले भूपेंद्र, रूप दांगी, राजेश बिश्नोई, नवीन, कृ ष्ण, सन्नी दहिया के साथ ओमेक्स सिटी में बैठक हुई थी। बैठक में दांगी ने सभी को अपने उम्मीदवार तलाश करने के निर्देश दिए थे। यहां तय हुआ था कि दांगी पेपर आउट करवाएगा। इसके बाद राजस्थान के बहरोड स्थित शक्ति रिसोर्ट में सन्नी दहिया के नाम से 4 कमरे बुक कराए गए थे। यहां से ही सारा लीक प्रकरण ऑपरेट किया गया।

रवि अत्री- अच्छी बचत के चक्कर में फंसे
मेरी दोस्ती काफी समय से संजीत के साथ थी। फिर भूपेंद्र व राजेश के साथ भी हो गई। भूपेंद्र ने कहा था कि कोई काम धंधा ऐसा करना है जिसमें अच्छी बचत हो। फिर दांगी से बात हुई। उसने एआईपीएमटी परीक्षा का पेपर लीक करने और केंडिडेट तैयार करने की बात कही। इस पर मैंने तीन केंडिडेट तैयार किए थे। परीक्षा वाले दिन दांगी ने मेरे पास आंसर-की भिजवा दी थी।

परिमठ कोठ- नागपुर महाराष्ट्र
मैं करियर काउंसिलिंग का काम करता था। परीक्षा से कुछ दिन पहले मेरे पास एक परिचित का फोन आया। उसने एआईपीएमटी का पेपर देने वाले छात्रों के बारे में पूछा और लीक पेपर देने की बात कही। इस पर मैंने एक छात्र से 15 लाख रुपये लिये थे। इसमें 80 हजार रुपये मेरा कमीशन बना था।



अदालत में पेश किया गये चालान में अधिकतर बयानों का मेल नहीं हो रहा है। गौर से देखा जाए तो कोई भी मेलजोल नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में केस कमजोर होने की संभावना बढ़ गई है। वहीं, रवि की जमानत के लिए 5 अगस्त को हाईकोर्ट में अर्जी लगा दी गई है।
कृष्ण कौशिक, आरोपी रवि अत्री के वकील।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed