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एडीजीपी वाई पूरण कुमार सुसाइड केस: गनमैन ने मांगी थी ठेकेदार से मंथली... फॉरेंसिक जांच में आवाज की पुष्टि

Sun, 30 Nov 2025 10:22 AM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Sun, 30 Nov 2025 10:22 AM IST
सार

एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, सुशील कुमार ने 1 अप्रैल से 6 अक्तूबर के बीच 5 मोबाइल फोन इस्तेमाल किए। इनसे कई थाना प्रभारियों व पुलिसकर्मियों के नंबर मिलने की बात भी सामने आई है।

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ADGP suicide case: Gunman had demanded monthly payment from contractor, forensic examination confirms voice
एडीजीपी वाई पूरण कुमार की फाइल फोटो - फोटो : पीटीआई

विस्तार

हरियाणा के एडीजीपी वाई पूरण कुमार के गनमैन सुशील कुमार पर शराब ठेकेदार से ढाई लाख रुपये मंथली मांगने के मामले में एसआईटी ने जांच पूरी कर 17 पेज की चार्जशीट तैयार कर ली है। मधुबन फॉरेंसिक लैब की ओर से एसआईटी को भेजी रिपोर्ट में सुशील की आवाज की पुष्टि हुई है। चार्जशीट में स्पष्ट किया गया है कि महेंद्रगढ़ से आया हवलदार सुशील 14 नवंबर 2021 से एडीजीपी के साथ अस्थायी तौर पर तैनात था।

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पुलिस को 5 दिसंबर से पहले चार्जशीट अदालत में दाखिल करनी होगी अन्यथा आरोपी को जमानत मिलने का रास्ता खुल सकता है। प्रवीण बंसल ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि उसे 6 अक्तूबर को सुशील ने खुद को आईजी साहब का खास आदमी बताते हुए कहा कि रोहतक में शराब का ठेका चलाना है तो मंथली देनी होगी।
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प्रवीण ने कॉल रिकॉर्डिंग व सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंपे। ऑडियो की रिपोर्ट आ गई लेकिन वीडियो की रिपोर्ट आना बाकी है। अर्बन एस्टेट थाने में एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। इसी दिन एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद 14 अक्तूबर को एएसआई संदीप लाठर ने भी सुसाइड कर लिया। एसआईटी ने चार्जशीट में संदीप की ओर से जारी वीडियो और कथित सुसाइड नोट भी शामिल किया है।

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ऑडियो का हिस्सा जिसकी पुिष्ट हुई है

गवाह जयभगवान: भाई आपनी जो जुबान हो रही, वो तो ईब कर दयांगै भाई साहब।

शिकायतकर्ता प्रवीण बंसल: मैं ये कह रहा था देखा अ। दो हो गए।

आरोपी सुशील ...पता है मेरे को, पर मैं नहीं हूं, अब ये बात भी मेरे ऊपर आ ज्यागी, मैंने जैसे आपने मेरे से बोल दिया, मेरी आपसे बात ही नहीं हुई। डिमांड कुछ और थी। मैं इसको कर कराके यहां तक ले आया। अब मैं आपको कैसे...। मैं तो देखो भाई आपके पक्ष में हूं। मैंने तो आपके लिए जयभगवान को बोला था। मैंने खुद बल्कि उसने भी बोल दिया था कि म्हारा खर्चा-खुर्चा पहुंचा दें। बताई थी न बात मैंने। ...इसको पूरा कर दो अमाउंट को। जो आपने बोली थी, नहीं मजाक नहीं इसको तो पूरा कर दो।

7 माह में बदले 5 फोन, कई पुलिसकर्मियों के नंबर मिले

एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, सुशील कुमार ने 1 अप्रैल से 6 अक्तूबर के बीच 5 मोबाइल फोन इस्तेमाल किए। इनसे कई थाना प्रभारियों व पुलिसकर्मियों के नंबर मिलने की बात भी सामने आई है।

बिना पोस्टिंग आदेश के तैनाती
यह भी सामने आया है कि सुशील 2021 से अस्थायी तौर पर वाई पूरण कुमार के साथ तैनात था। इस अवधि में उसकी औपचारिक पोस्टिंग से जुड़ा कोई आदेश एसआईटी को नहीं मिले। कैंटीन में सुशील ने अपना नाम रीडर महेश बताकर एंट्री कराई थी।

रिश्वतकांड में वाई पूरण कुमार की भूमिका पर अब जांच होगी तेज
चंडीगढ़। सुशील की ओर से रिश्वत मांगने की पुष्टि के बाद अब एसआईटी ने वाई पूरण कुमार की संभावित भूमिका की जांच तेज कर दी है। अब जांच का महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि क्या सुशील ने यह सब पूरण कुमार के कहने पर किया या वह स्वयं ऐसा कर रहा था। सुशील की गिरफ्तारी भी वाई पूरण कुमार की सरकारी गाड़ी से हुई थी।

शिकायतकर्ता प्रवीण ने भी आरोप लगाया था कि वाई पूरण कुमार के दफ्तर में बैठकर ही सुशील मंथली की मांग करता था। यह पूरा घटनाक्रम पूरण कुमार के आसपास केंद्रित रहा जिससे पुलिस का संदेह गहरा गया है। हालांकि, अभी तक इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि गनमैन सुशील ने वाई पूरण के निर्देश पर रिश्वत मांगी थी।

अधिकारी के अनुसार

आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ चार्जशीट अदालत में जल्द दाखिल कर दी जाएगी। -सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी रोहतक।

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