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छात्राओं का यौन उत्पीड़न
Updated Sat, 07 Jul 2018 02:48 AM IST
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फालोअप : सरकारी स्कूल में छात्राओं के यौन उत्पीड़न का मामला
हेडिंग : प्रार्थना के समय होती थी छेड़छाड़, जांच टीम ने कोरी पर्ची पर लिखवाई छात्राओं से परेशानियां
: दो छात्राओं ने रिश्तेदारों पर लगाया आरोप, महिला शिक्षक करेंगी गहराई से छात्राओं से पूछताछ
: डीईओ बोली, मामला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कह सकूंगी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर के एक सरकारी स्कूल में छात्राओं से प्रार्थना के समय छेड़छाड़ होती थी। यह आरोप जांच टीम को मुख्यालय से आई छात्राओं द्वारा लिखे गए गुमनाम पत्र में लगाया गया है। मामले की शिक्षा विभाग ने गहराई से जांच पड़ताल शुरू कर दी है। टीम स्कूल पहुंची और छात्राओं से पर्ची देकर कहा कि वे लिखित में अपनी परेशानियां बताएं। साथ ही स्टाफ की मीटिंग भी ली। विभाग के एक अधिकारी ने ऑफ द रिकार्ड जांच के बारे में ब्योरा दिया। डीईओ सुनीता रुहिल का कहना है कि वे जांच पूरी होेने तक आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बोलेंगी।
स्कूल की छात्राओं ने दबी जुबान में बताया कि एक टीम स्कूल में आई हुई थी। टीम के सदस्यों ने छात्राओं से पर्ची पर अपनी-अपनी समस्याएं लिख कर देने को कहा। छात्राओं ने बताया कि उन्हें पर्ची पर नाम न लिखने की बात कही गई थी। छात्राओं ने पर्ची पर सभी प्रकार की समस्याएं लिखीं। उधर, मामले की जांच कर रही विभागीय टीम को चंडीगढ़ मुख्यालय से वह गुमनाम पत्र मिल गया है, जो छात्राओं की तरफ से छेड़छाड़ का आरोप लगाकर भेजा गया था। जांच टीम के एक सदस्य ने बताया कि गुमनाम पत्र में लिखा हुआ है कि छात्राओं से प्रार्थना के समय छेड़छाड़ की जाती थी। जब जांच की तो स्टाफ सदस्यों व छात्राओं द्वारा यह स्वीकार किया गया कि प्रार्थना के दौरान संबंधित शिक्षक स्टेज से नीचे ही नहीं उतरते थे।
रिश्तेदार करते हैं उत्पीड़न, महिला शिक्षक करेंगी पड़ताल
जांच कर रही विभाग की टीम के एक सदस्य ने बताया कि जांच टीम ने जब छात्राओं की समस्या को समझते हुए उन्हें कोरे कागज पर बिना नाम दिए अपनी शिकायत देने की बात की। छात्राओं ने कोरे पेज पर अपनी-अपनी शिकायतें दीं। उन शिकायतों में दो छात्राओं ने अपने रिश्तेदारों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। जांच टीम ने विद्यालय की महिला शिक्षिका को छात्राओं से इस मामले की पूर्ण जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी दी है।
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स्कूल के बाहर मनचले खड़े रहते हैं
जांच टीम के सदस्य ने बताया कि जांच के दौरान कुछ छात्राओं ने स्कूल के बाहर मनचलों के खड़े रहने की बात कही। छात्राओं ने स्कूल के बाहर खड़े मनचलों द्वारा छेड़खानी करने की बात बताई। जांच टीम के सदस्यों ने स्कूल प्रबंधन को पुलिस प्रशासन से बात कर छुट्टी के समय स्कूल के बाहर ड्यूटी लगवाने की सलाह दी।
ये शिकायत मात्र अफवाह : प्राचार्य
स्कूल के प्राचार्य ने कहा कि मुझ पर लगे आरोप मात्र अफवाह है। स्कूल के सभी स्टाफ सदस्य व छात्राएं मेरे साथ खड़े हैं।
जांच रिपोर्ट मिलने से पहले कुछ नहीं बोलूंगी : डीईओ
मामले की जांच पड़ताल शुरू हो गई है। जांच रिपोर्ट मिलने से पहले कुछ नहीं बोलूंगी।
-सुनीता रुहील, डीईओ
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हेडिंग : प्रार्थना के समय होती थी छेड़छाड़, जांच टीम ने कोरी पर्ची पर लिखवाई छात्राओं से परेशानियां
: दो छात्राओं ने रिश्तेदारों पर लगाया आरोप, महिला शिक्षक करेंगी गहराई से छात्राओं से पूछताछ
: डीईओ बोली, मामला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कह सकूंगी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर के एक सरकारी स्कूल में छात्राओं से प्रार्थना के समय छेड़छाड़ होती थी। यह आरोप जांच टीम को मुख्यालय से आई छात्राओं द्वारा लिखे गए गुमनाम पत्र में लगाया गया है। मामले की शिक्षा विभाग ने गहराई से जांच पड़ताल शुरू कर दी है। टीम स्कूल पहुंची और छात्राओं से पर्ची देकर कहा कि वे लिखित में अपनी परेशानियां बताएं। साथ ही स्टाफ की मीटिंग भी ली। विभाग के एक अधिकारी ने ऑफ द रिकार्ड जांच के बारे में ब्योरा दिया। डीईओ सुनीता रुहिल का कहना है कि वे जांच पूरी होेने तक आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बोलेंगी।
स्कूल की छात्राओं ने दबी जुबान में बताया कि एक टीम स्कूल में आई हुई थी। टीम के सदस्यों ने छात्राओं से पर्ची पर अपनी-अपनी समस्याएं लिख कर देने को कहा। छात्राओं ने बताया कि उन्हें पर्ची पर नाम न लिखने की बात कही गई थी। छात्राओं ने पर्ची पर सभी प्रकार की समस्याएं लिखीं। उधर, मामले की जांच कर रही विभागीय टीम को चंडीगढ़ मुख्यालय से वह गुमनाम पत्र मिल गया है, जो छात्राओं की तरफ से छेड़छाड़ का आरोप लगाकर भेजा गया था। जांच टीम के एक सदस्य ने बताया कि गुमनाम पत्र में लिखा हुआ है कि छात्राओं से प्रार्थना के समय छेड़छाड़ की जाती थी। जब जांच की तो स्टाफ सदस्यों व छात्राओं द्वारा यह स्वीकार किया गया कि प्रार्थना के दौरान संबंधित शिक्षक स्टेज से नीचे ही नहीं उतरते थे।
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रिश्तेदार करते हैं उत्पीड़न, महिला शिक्षक करेंगी पड़ताल
जांच कर रही विभाग की टीम के एक सदस्य ने बताया कि जांच टीम ने जब छात्राओं की समस्या को समझते हुए उन्हें कोरे कागज पर बिना नाम दिए अपनी शिकायत देने की बात की। छात्राओं ने कोरे पेज पर अपनी-अपनी शिकायतें दीं। उन शिकायतों में दो छात्राओं ने अपने रिश्तेदारों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। जांच टीम ने विद्यालय की महिला शिक्षिका को छात्राओं से इस मामले की पूर्ण जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी दी है।
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स्कूल के बाहर मनचले खड़े रहते हैं
जांच टीम के सदस्य ने बताया कि जांच के दौरान कुछ छात्राओं ने स्कूल के बाहर मनचलों के खड़े रहने की बात कही। छात्राओं ने स्कूल के बाहर खड़े मनचलों द्वारा छेड़खानी करने की बात बताई। जांच टीम के सदस्यों ने स्कूल प्रबंधन को पुलिस प्रशासन से बात कर छुट्टी के समय स्कूल के बाहर ड्यूटी लगवाने की सलाह दी।
ये शिकायत मात्र अफवाह : प्राचार्य
स्कूल के प्राचार्य ने कहा कि मुझ पर लगे आरोप मात्र अफवाह है। स्कूल के सभी स्टाफ सदस्य व छात्राएं मेरे साथ खड़े हैं।
जांच रिपोर्ट मिलने से पहले कुछ नहीं बोलूंगी : डीईओ
मामले की जांच पड़ताल शुरू हो गई है। जांच रिपोर्ट मिलने से पहले कुछ नहीं बोलूंगी।
-सुनीता रुहील, डीईओ