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दोस्त अजय ने ही की थी ऑटो चालक प्रवीण की हत्या, आरोपी गिरफ्तार:
Updated Thu, 15 Mar 2018 03:11 AM IST
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शराब पिलाकर सिर में मारा डंडा, हाथ-पैर बांधकर पत्नी
के सूट को फाड़ उसके टुकड़े से गला घोंटकर की हत्या
- पैसों के लेनदेन और पिटाई का बदला लेने के लिए दोस्त अजय ने की थी ऑटो चालक प्रवीण की हत्या, गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
सीआईए वन ने ऑटो चालक प्रवीण हत्याकांड का बुधवार को खुलासा कर दिया। प्रवीण की हत्या उसके दोस्त अजय ने अपने साथी कृष्ण के साथ मिलकर की थी। आरोपी ने पहले प्रवीण को शराब पिलाई। फिर पीछे से उसके सिर में डंडा मारकर हाथ पैर बांध दिये। इसके बाद आरोपी अजय ने अपनी पत्नी का सूट फाड़कर उसके टुकड़े से प्रवीण का गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी अजय को कोर्ट में पेश किया, यहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
बता दें कि गांव निंदाना निवासी ऑटो चालक प्रवीण की बदमाशों ने गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उन्होंने शव के हाथ चुन्नी और पैर जूतों के फीते से बांधकर उसे गांव सिंहपुरा स्थित ड्रेन नंबर 8 में फेंक दिया। 23 फरवरी की सुबह नहर में शव मिलने के बाद हत्या का खुलासा हुआ था। इस संबंध में सदर थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या व सबूत खुर्द-बुर्द करने का केस दर्ज किया गया था। प्रवीण चार दिन से घर से लापता था। उसके ऑटो को मकड़ौली टोल से कुछ दूरी पर बरामद किया गया था।
आरोपी अजय तक यूं पहुंची पुलिस
मामले में कोई भी सुराग नहीं मिलने के बाद एसपी पंकज नैन ने सदर थाना पुलिस से जांच सीआईए वन को सौंपी गई थी। सीआईए वन में तैनात एएसआई विनोद कुमार और सुशील कुमार टीम ने पड़ताल शुरू की। सबसे पहले पुलिस ने मृतक के परिजनों के शक के आधार पर एक महिला से पूछताछ की। लेकिन हत्या में उसकी संलिप्तता सामने नहीं आई। कई संदिग्धों से पूछताछ करने के बाद सामने आया कि प्रवीण का पड़ोसी और दोस्त सूर्यनगर निवासी अजय हत्या के बाद से घर से गायब है। एएसआई विनोद ने बताया कि जांच के दौरान आरोपी अजय को जींद चौक से गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने प्रवीण की हत्या की वारदात कबूल की। वारदात में अजय के साथ उसका दोस्त शास्त्रीनगर निवासी कृष्ण भी साथ था। पुलिस को अभी तक कृष्ण के बारे में कोई सुराग नहीं मिला है। रिमांड अवधि में आरोपी अजय से कृष्ण के बारे में पूछताछ की जा रही है।
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पैसों के लेनदेन और पिटाई का बदला लेने के लिए की हत्या
मूलरूप से गांव गांधरा निवासी आरोपी अजय ने खुलासा किया उसने पैसों के लेनदेन और पिटाई का बदला लेने के लिए प्रवीण की हत्या की। अजय प्रवीण के ऑटो पर ही काम करता था। उसका कहना है कि प्रवीण उसे हिस्से से कम पैसे देता था। आरोपी ने बताया कि 20 फरवरी की रात को वह अपने घर पर प्रवीण के साथ शराब पी रहा था। इसी बीच पैसों के लेन देन को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। यहां पर प्रवीण ने अजय की पिटाई कर दी। ज्यादा नशा होने के कारण दोनों सो गये। फिर 21 फरवरी की सुबह प्रवीण अपना ऑटो लेकर चला गया। अजय ने बताया कि सुबह उठ ने के बाद उसके मन में पिटाई का बदला लेने की बात आई। इस पर आरोपी प्रवीण को तलाश करता हुआ माता दरवाजा पहुंच गया। यहां पर उसे प्रवीण मिल गया। फिर अजय शराब पीने की बात कहकर प्रवीण को दोबारा घर लेकर आ गया। अजय की पत्नी ने कुछ दिन पहले बेटी को जन्म दिया था। इस कारण वह अपने मायके में थी। वारदात के समय घर पर कोई नहीं था।
दोबारा शराब पीने के बहाने बुलाकर की हत्या
प्रवीण को घर लाने से पहले ही आरोपी ने अपने दोस्त कृष्ण को पूरे मामले के बारे में बता दिया था। अजय और प्रवीण सुबह आठ बजे ही शराब पीने लगे। कुछ देर बाद कृष्ण आ गया। नशा होने के बाद अजय ने पीछे से प्रवीण के सिर पर डंडे से हमला कर दिया। इससे प्रवीण बेसुध हो गया। इसके बाद दोनों आरोपियों ने प्रवीण के हाथ पैर बांध दिये। जब प्रवीण ने शोर मचाया तो आरोपियों ने उसके मुंह में कपड़ा ठूस दिया। फिर डंडे और लात घूसों से प्रवीण की पिटाई की। इसके बाद आरोपी अजय ने अपनी पत्नी के सूट को फाड़ा और उसके टुकड़े से प्रवीण का गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद दोनों आरोपी मकान का ताला लगाकर चले गये। अजय दिन भर प्रवीण का ऑटो चलाता रहा। रात करीब साढ़े नौ बजे अजय घर आया और प्रवीण के शव को ऑटो में रखकर ड्रेन नंबर आठ की तरफ ले गया। यहां प्रवीण की लाश फेंकने के बाद आरोपी ने ऑटो को मकड़ौली टोल प्लाजा के पास खड़ा किया और मौके से फरार हो गया। प्रवीण के ऑटो में चारों तरफ परदे लगे थे, इस कारण रास्ते में भी किसी ने लाश को नहीं देखा।
हत्या के बाद अजय बालाजी मेहंदीपुर के बाद पहुंचा मामा के घर
हत्या करने के बाद आरोपी अगले दिन मेहंदीपुर बालाजी गया था। यहां से आने के बाद आरोपी सोनीपत के गांव सरगथल में अपने मामा के घर पहुुंचा। अजय के पिता की दो शादी हुई थी। जांच अधिकारी एएसआई विनोद ने बताया कि बचपन में ही अजय की मां ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद अजय के पिता ने दूसरी शादी की थी। उसके पिता का सरगथल में आना जाना नहीं था जबकि अजय मामा के घर जाता था। किसी को शक न हो इस कारण आरोपी अपने मामा के घर पहुंचा था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने प्रवीण का मोबाइल मेहंदीपुर बालाजी में ही फेंक दिया था। अब पुलिस आरोपी को बालाजी धाम लेकर जाएगी।
एक साल से थी दोस्ती, 15 दिन पहले आया प्रवीण के साथ
आरोपी अजय की करीब एक साल से प्रवीण के साथ दोस्ती थी। अजय भी ऑटो चलाता था लेकिन कुछ समय पहले उसका ऑटो छूट गया था। कोई काम धंधा न होने के कारण करीब 15 दिन पहले उसने प्रवीण के ऑटो पर काम करना शुरू किया था। दिनभर काम करने के बाद प्रवीण अजय को उसके हिस्से के पैसे देता था। लेकिन अजय ज्यादा हिस्से की मांग करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच मनमुटाव हुआ था।
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के सूट को फाड़ उसके टुकड़े से गला घोंटकर की हत्या
- पैसों के लेनदेन और पिटाई का बदला लेने के लिए दोस्त अजय ने की थी ऑटो चालक प्रवीण की हत्या, गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
सीआईए वन ने ऑटो चालक प्रवीण हत्याकांड का बुधवार को खुलासा कर दिया। प्रवीण की हत्या उसके दोस्त अजय ने अपने साथी कृष्ण के साथ मिलकर की थी। आरोपी ने पहले प्रवीण को शराब पिलाई। फिर पीछे से उसके सिर में डंडा मारकर हाथ पैर बांध दिये। इसके बाद आरोपी अजय ने अपनी पत्नी का सूट फाड़कर उसके टुकड़े से प्रवीण का गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी अजय को कोर्ट में पेश किया, यहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
बता दें कि गांव निंदाना निवासी ऑटो चालक प्रवीण की बदमाशों ने गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उन्होंने शव के हाथ चुन्नी और पैर जूतों के फीते से बांधकर उसे गांव सिंहपुरा स्थित ड्रेन नंबर 8 में फेंक दिया। 23 फरवरी की सुबह नहर में शव मिलने के बाद हत्या का खुलासा हुआ था। इस संबंध में सदर थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या व सबूत खुर्द-बुर्द करने का केस दर्ज किया गया था। प्रवीण चार दिन से घर से लापता था। उसके ऑटो को मकड़ौली टोल से कुछ दूरी पर बरामद किया गया था।
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आरोपी अजय तक यूं पहुंची पुलिस
मामले में कोई भी सुराग नहीं मिलने के बाद एसपी पंकज नैन ने सदर थाना पुलिस से जांच सीआईए वन को सौंपी गई थी। सीआईए वन में तैनात एएसआई विनोद कुमार और सुशील कुमार टीम ने पड़ताल शुरू की। सबसे पहले पुलिस ने मृतक के परिजनों के शक के आधार पर एक महिला से पूछताछ की। लेकिन हत्या में उसकी संलिप्तता सामने नहीं आई। कई संदिग्धों से पूछताछ करने के बाद सामने आया कि प्रवीण का पड़ोसी और दोस्त सूर्यनगर निवासी अजय हत्या के बाद से घर से गायब है। एएसआई विनोद ने बताया कि जांच के दौरान आरोपी अजय को जींद चौक से गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने प्रवीण की हत्या की वारदात कबूल की। वारदात में अजय के साथ उसका दोस्त शास्त्रीनगर निवासी कृष्ण भी साथ था। पुलिस को अभी तक कृष्ण के बारे में कोई सुराग नहीं मिला है। रिमांड अवधि में आरोपी अजय से कृष्ण के बारे में पूछताछ की जा रही है।
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पैसों के लेनदेन और पिटाई का बदला लेने के लिए की हत्या
मूलरूप से गांव गांधरा निवासी आरोपी अजय ने खुलासा किया उसने पैसों के लेनदेन और पिटाई का बदला लेने के लिए प्रवीण की हत्या की। अजय प्रवीण के ऑटो पर ही काम करता था। उसका कहना है कि प्रवीण उसे हिस्से से कम पैसे देता था। आरोपी ने बताया कि 20 फरवरी की रात को वह अपने घर पर प्रवीण के साथ शराब पी रहा था। इसी बीच पैसों के लेन देन को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। यहां पर प्रवीण ने अजय की पिटाई कर दी। ज्यादा नशा होने के कारण दोनों सो गये। फिर 21 फरवरी की सुबह प्रवीण अपना ऑटो लेकर चला गया। अजय ने बताया कि सुबह उठ ने के बाद उसके मन में पिटाई का बदला लेने की बात आई। इस पर आरोपी प्रवीण को तलाश करता हुआ माता दरवाजा पहुंच गया। यहां पर उसे प्रवीण मिल गया। फिर अजय शराब पीने की बात कहकर प्रवीण को दोबारा घर लेकर आ गया। अजय की पत्नी ने कुछ दिन पहले बेटी को जन्म दिया था। इस कारण वह अपने मायके में थी। वारदात के समय घर पर कोई नहीं था।
दोबारा शराब पीने के बहाने बुलाकर की हत्या
प्रवीण को घर लाने से पहले ही आरोपी ने अपने दोस्त कृष्ण को पूरे मामले के बारे में बता दिया था। अजय और प्रवीण सुबह आठ बजे ही शराब पीने लगे। कुछ देर बाद कृष्ण आ गया। नशा होने के बाद अजय ने पीछे से प्रवीण के सिर पर डंडे से हमला कर दिया। इससे प्रवीण बेसुध हो गया। इसके बाद दोनों आरोपियों ने प्रवीण के हाथ पैर बांध दिये। जब प्रवीण ने शोर मचाया तो आरोपियों ने उसके मुंह में कपड़ा ठूस दिया। फिर डंडे और लात घूसों से प्रवीण की पिटाई की। इसके बाद आरोपी अजय ने अपनी पत्नी के सूट को फाड़ा और उसके टुकड़े से प्रवीण का गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद दोनों आरोपी मकान का ताला लगाकर चले गये। अजय दिन भर प्रवीण का ऑटो चलाता रहा। रात करीब साढ़े नौ बजे अजय घर आया और प्रवीण के शव को ऑटो में रखकर ड्रेन नंबर आठ की तरफ ले गया। यहां प्रवीण की लाश फेंकने के बाद आरोपी ने ऑटो को मकड़ौली टोल प्लाजा के पास खड़ा किया और मौके से फरार हो गया। प्रवीण के ऑटो में चारों तरफ परदे लगे थे, इस कारण रास्ते में भी किसी ने लाश को नहीं देखा।
हत्या के बाद अजय बालाजी मेहंदीपुर के बाद पहुंचा मामा के घर
हत्या करने के बाद आरोपी अगले दिन मेहंदीपुर बालाजी गया था। यहां से आने के बाद आरोपी सोनीपत के गांव सरगथल में अपने मामा के घर पहुुंचा। अजय के पिता की दो शादी हुई थी। जांच अधिकारी एएसआई विनोद ने बताया कि बचपन में ही अजय की मां ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद अजय के पिता ने दूसरी शादी की थी। उसके पिता का सरगथल में आना जाना नहीं था जबकि अजय मामा के घर जाता था। किसी को शक न हो इस कारण आरोपी अपने मामा के घर पहुंचा था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने प्रवीण का मोबाइल मेहंदीपुर बालाजी में ही फेंक दिया था। अब पुलिस आरोपी को बालाजी धाम लेकर जाएगी।
एक साल से थी दोस्ती, 15 दिन पहले आया प्रवीण के साथ
आरोपी अजय की करीब एक साल से प्रवीण के साथ दोस्ती थी। अजय भी ऑटो चलाता था लेकिन कुछ समय पहले उसका ऑटो छूट गया था। कोई काम धंधा न होने के कारण करीब 15 दिन पहले उसने प्रवीण के ऑटो पर काम करना शुरू किया था। दिनभर काम करने के बाद प्रवीण अजय को उसके हिस्से के पैसे देता था। लेकिन अजय ज्यादा हिस्से की मांग करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच मनमुटाव हुआ था।