बंदर पकड़ने का कांट्रेक्ट रद्द, फिर से करनी होगी कवायद

Rohtak Bureau Updated Thu, 28 Sep 2017 02:51 AM IST
बंदर पकड़ने का कांट्रेक्ट रद्द, झेलनी पड़ेगी समस्याएं
चरखी दादरी।
शहर में बंदर पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश के ठेकेदार से किया गया कांट्रेक्ट रद्द हो गया है। अब नगर परिषद इसके लिए टेंडर प्रक्रिया का फिर से सहारा लेगी। अगले दो-तीन रोज में टेंडर लगाए जाने की उम्मीद है। वहीं शहर में बंदर पकड़ो अभियान शुरू न होने का मामला आज होने वाली परिषद हाउस की बैठक में भी कुछ पार्षद जोर-शोर से उठा सकते हैं। वहीं, बंदरों के आतंक के चलते शहरवासी अपने घरों की छतों पर पिंजरानुमा जाल लगवाकर इसमें कैद रहने को मजबूर है। नप अधिकारियों ने अभियान के लिए एसडीएम से सहयोग मांगने के साथ पार्षदों की तीन सदस्यीय कमेटी भी करीब तीन माह पहले गठित की थी।
जानकारी के अनुसार इस समय शहर में करीब 600 बंदरों ने आतंक मचा रखा है। इससे शहरवासियों का जीना मुहाल बना हुआ है। खासकर महिलाओं व बच्चों को अधिक परेशानी हो रही है। नगर परिषद ने उत्तर प्रदेश निवासी किसी फर्म से प्रति बंदर के हिसाब से बंदर पकड़वाए जाने के लिए कांट्रेक्ट किया था। मकानों की छत्तों पर बंदरों के झुंड देखे जा सकते हैं। बंदर घरों में घुसकर घरेलू सामान को उठा ले जाते हैं या तोड़ देते हैं विरोध करने पर बंदर हमला कर देते हैं। दिनोंदिन इन बंदरों की संख्या बढ़ने के कारण लोग अब अपने मकान की छत पर टीन शेड लगवाने लगे हैं। जिले के कई बड़े गांवों में भी बंदरों ने आतंक मचा रखा है। गांव बौंद कलां, सांवड़, रानीला,अचीना सहित एक दर्जन गांवों में बंदरों से लोग परेशान हैं। गांव सांवड़ में पिछले दिनो बंदर के भय व्यक्ति की छत्त से गिरकर मौत हो गई थी। प्रशासन का गांवों की ओर कोई ध्यान अब तक नहीं गया है।
चार बाद टेंडर लगाए तो मिला था नप को ठेकेदार
नगर परिषद ने पिछले दिनों उत्तरप्रदेश की किसी फर्म से बंदर पकड़वाने के लिए कांट्रेक्ट किया था। प्रति बंदर के हिसाब से पेमेंट करने पर सहमति बनी थी लेकिन अब यह भी अब खटाई में पड़ गया है। यह कांट्रेक्ट अब रद्द कर दिया गया है। इससे पहले नगर परिषद की ओर से चार बार टेंडर भी लगाए गए थे लेकिन किसी भी एजेंसी या फर्म ने यह टेंडर रिसीव नहीं किए थे। टेंडर लगाए जाने का यह सिलसिला पिछले एक साल तक चलता रहा लेकिन सिरे नहीं चढ़ सका। नगर परिषद अधिकारी भी इस विषय में विवश नजर आ रहे हैं। नगर परिषद अधिकारियों पर शहरवासियों व पार्षदों का भी बंदरों को पकड़वाने का लगातार दवाब बना हुआ है। वार्डों के लोग अपने पार्षद के समय आए दिन शिकायत करते आ रहे हैं।
अब परिषद फिर टेंडर प्रक्रिया का सहारा लेगी
अब नगर परिषद एक बार फिर इसके लिए टेंडर प्रक्रिया का सहारा लेगी। परिषद की ओर से उत्तरप्रदेश से किया गया कांट्रेक्ट रद्द कर दिया गया है। टेंडर लगाने के लिए नए सिरे से कागज प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगले दो-तीन रोज में यह टेंडर लगाए जाने की उम्मीद है। शहर में इस समय करीब 600 बंदर हैं। दिन-रात बंदरों के आतंक से शहरवासी परेशान हैं। पिछले दिनों से शहर में एक लंगूर के आने से बंदरों में भी अफरा-तफरी मची हुई है। बंदर इस लंगूर के भय एक से दूसरे वार्डों में भाग जाते हैं।
वर्सन-
उत्तरप्रदेश से किया गया कांट्रेक्ट कैंसिल कर दिया गया है। अब बंदर पकड़वाने के लिए जल्द ही टेंडर लगाए जाएंगे। इस पर तेजी से काम हो रहा है। शहरवासियों को जल्द ही बंदरों के आतंक से राहत दिलाई जाएगी।
नगर परिषद चेयरमैन, संजय छपारिया

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