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प्रताड़ना से तंग आकर हरियाणा पुलिस के सिपाही ने की आत्महत्या
Updated Wed, 09 Aug 2017 02:15 AM IST
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प्रताड़ना से तंग आकर हरियाणा पुलिस के सिपाही ने की आत्महत्या
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
भाभी के मायके वालों से परेशान होकर हरियाणा पुलिस के सिपाही ने मकड़ौली टोल प्लाजा के पास पेड़ पर रस्सी के फंदे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की भाभी का मामा और भाई सिपाही पर दस लाख रुपये देने का दबाव बना रहे थे। इस संबंध में राजबीर और बिजेंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस को दी शिकायत में गांव चिड़ी निवासी विपिन उर्फ मिन्नू ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करता है। विपिन ने बताया कि उसका बड़ा श्यामसुंदर और छोटा विजय है। विजय हरियाणा पुलिस में तैनात है। वर्ष 2006 में बडे़ भाई श्याम सुंदर की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। फिर वर्ष 2010 में श्याम सुंदर की पत्नी पूनम की जलने के कारण मौत हो गई थी। इस संबंध में पूनम के मायके वाले और मामा राजबीर ने विजय के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करवाया था। इसमें विजय जेल भी गया था। विपिन ने बताया कि पूनम के पिता रामफल व मामा राजबीर उर्फ नान्हा निवासी जागसी ने राजीनामा कर लिया था। राजीनामे के लिए 30 लाख रुपये का देने के लिए करार हुआ था। इस पर बीस लाख रुपये पहले दिए थे, बाकी दस लाख रुपये विजय के जेल से बाहर आने पर देने की बात हुई थी। करीब 3 साल जेल में रहने के बाद विजय जब बाहर आया तो मृतका पूनम का भाई बिजेंद्र निवासी खानपुर कलां और उसके मामा राजबीर उर्फ नान्हा ने 10 लाख रुपये लेने के लिए विजय पर दबाव बनाया। आरोपियों ने विजय को झूठा केस दर्ज करवाकर जेल भेजने की धमकी दी। विजय की ड्यूटी झज्जर चौकी बादली में थी। विजय ने अपने ससुर व गांव के पूर्व चेयरमैन धर्मपाल उर्फ काला को सारी बात बताई। लगातार दबाव में रहने से विजय मानसिक तनाव में आ गया। वह पांच अगस्त को ड्यूटी के बाद घर आया था। वह रात को साढ़े नौ बजे घर से चला गया। इसके बाद विजय ने मकड़ौली टोल प्लाजा के पास पेड़ पर रस्सी के फंदे से फ ांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने विपिन की शिकायत पर मृतका पूनम के मामा राजबीर व भाई बिजेंद्र के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
भाभी के मायके वालों से परेशान होकर हरियाणा पुलिस के सिपाही ने मकड़ौली टोल प्लाजा के पास पेड़ पर रस्सी के फंदे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की भाभी का मामा और भाई सिपाही पर दस लाख रुपये देने का दबाव बना रहे थे। इस संबंध में राजबीर और बिजेंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस को दी शिकायत में गांव चिड़ी निवासी विपिन उर्फ मिन्नू ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करता है। विपिन ने बताया कि उसका बड़ा श्यामसुंदर और छोटा विजय है। विजय हरियाणा पुलिस में तैनात है। वर्ष 2006 में बडे़ भाई श्याम सुंदर की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। फिर वर्ष 2010 में श्याम सुंदर की पत्नी पूनम की जलने के कारण मौत हो गई थी। इस संबंध में पूनम के मायके वाले और मामा राजबीर ने विजय के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करवाया था। इसमें विजय जेल भी गया था। विपिन ने बताया कि पूनम के पिता रामफल व मामा राजबीर उर्फ नान्हा निवासी जागसी ने राजीनामा कर लिया था। राजीनामे के लिए 30 लाख रुपये का देने के लिए करार हुआ था। इस पर बीस लाख रुपये पहले दिए थे, बाकी दस लाख रुपये विजय के जेल से बाहर आने पर देने की बात हुई थी। करीब 3 साल जेल में रहने के बाद विजय जब बाहर आया तो मृतका पूनम का भाई बिजेंद्र निवासी खानपुर कलां और उसके मामा राजबीर उर्फ नान्हा ने 10 लाख रुपये लेने के लिए विजय पर दबाव बनाया। आरोपियों ने विजय को झूठा केस दर्ज करवाकर जेल भेजने की धमकी दी। विजय की ड्यूटी झज्जर चौकी बादली में थी। विजय ने अपने ससुर व गांव के पूर्व चेयरमैन धर्मपाल उर्फ काला को सारी बात बताई। लगातार दबाव में रहने से विजय मानसिक तनाव में आ गया। वह पांच अगस्त को ड्यूटी के बाद घर आया था। वह रात को साढ़े नौ बजे घर से चला गया। इसके बाद विजय ने मकड़ौली टोल प्लाजा के पास पेड़ पर रस्सी के फंदे से फ ांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने विपिन की शिकायत पर मृतका पूनम के मामा राजबीर व भाई बिजेंद्र के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।