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एमडीयू छेड़छाड़
Updated Sun, 09 Sep 2018 03:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। खुद को सबल बनाने के लिए शिक्षित बनने विश्वविद्यालय पहुंच रहीं बेटियां अनसेफ हैं। यहां उनका यौन व शारीरिक उत्पीड़न हो रहा है। उत्पीड़न करने वाला कोई मनचला सहपाठी नहीं, बल्कि शिक्षक है। यह आरोप उत्पीड़न की शिकार बेटियां लगा रही हैं। इन शिकायतों पर विवि प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने वाली इन बेटियों की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। पीड़िताओं ने इन्हें दबाए जाने का आरोप लगाया है।
यूआईईटी में नकल की तलाशी के बहाने छुआ, जबरदस्ती का प्रयास
एमडीयू के दूरस्थ शिक्षा विभाग से स्नातक कर रही एक छात्रा ने कुलपति को शिकायत दी है। इसमें यूआईईटी के एक शिक्षक पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। छात्रा ने कहा है कि वह अप्रैल-मई में परीक्षा देने यूआईईटी के परीक्षा केंद्र में आई थी। बीए अंग्रेजी की परीक्षा देते समय एक शिक्षक ने उसे डरा-धमका कर दूसरे कमरे में बुलाया। नकल दिखाने के बहाने उसने सारे शरीर को हाथ लगाया। जबरदस्ती का भी प्रयास किया। विरोध करने पर परीक्षा में नकल कराने का लालच दिया। उसकी मदद करने वाला कोई नहीं है। इस घटना से अब तक उबर नहीं पाई है। मानसिक पीड़ा से आहत हूं। अखबार में यूआईईटी शिक्षकों के खिलाफ समाचार पढ़ कर न्याय के लिए हिम्मत जुटाई है। इस मामले में निष्पक्ष जांच व उचित कार्रवाई कर बेटियों को सुरक्षा मुहैया कराएं।
छात्रा से छेड़छाड़ मामले में हटा चुके शिक्षक
एमडीयू में छात्राओं से छेड़छाड़ का मामला नया नहीं है। इससे पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। यहां करीब छह मामले विचाराधीन हैं। विवि प्रशासन एक शिक्षक को छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपों की पुष्टि होने पर नौकरी से भी निकाल चुका है।
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डेंटल कॉलेज में छात्रा को चिकित्सक ने भेजे अश्लील मैसेज
हेल्थ यूनिवर्सिटी के डेंटल कॉलेज में भी छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। कॉलेज की पीजी छात्रा को सीनियर चिकित्सक ने अश्लील मैसेज भेजे हैं। इस बारे में विवि प्रशासन को दी शिकायत में उसके उत्पीड़न की बात सामने आई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि 16 मई को प्रोस्थोडोंटिक्स में प्रवेश लेने वाली छात्रा को उसके सीनियर ने मोबाइल पर अश्लील मैसेज भेजे हैं। उसके साथ छेड़छाड़ भी हुई है। उसे संस्थान में मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ रही है। यही नहीं उसे परेशान करने के लिए काम का बोझ भी डाला गया है। छात्रा को उत्पीड़न से बचाने के लिए कार्रवाई की मांग की गई है। इस संबंध में संस्थान प्रशासन से बात करने का प्रयास किया गया, मगर संपर्क नहीं हो सका।
छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। मामले की जांच की जाएगी। इसके लिए रजिस्ट्रार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच में आरोप साबित होने पर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विवि पहले भी इस तरह के मामले में सख्त कदम उठा चुका है। छात्राओं के उत्पीड़न मामले में कमेटी बनाई हुई है। डॉ. रेणु चुघ इसकी प्रभारी हैं। शिकायत में दर्ज नाम की पड़ताल की जाएगी। इस नाम से जितनी भी छात्राएं होंगी, उनसे पूछताछ की जाएगी।
-प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया, कुलपति, एमडीयू
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पीड़िता को न्याय नहीं मिला तो करेंगे आंदोलन
डेंटल कॉलेज में छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। इस मामले में पीड़िता ने अतिरिक्त मुख्य सचिव व महिला आयोग तक शिकायत भेजी है। इसके बावजूद मामले को दबाया जा रहा है। विवि प्रशासन ने पीड़िता को न्याय नहीं दिया तो आंदोलन किया जाएगा।
- विक्रम सिंह डुमोलिया, अध्यक्ष, आंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन।
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रोहतक। खुद को सबल बनाने के लिए शिक्षित बनने विश्वविद्यालय पहुंच रहीं बेटियां अनसेफ हैं। यहां उनका यौन व शारीरिक उत्पीड़न हो रहा है। उत्पीड़न करने वाला कोई मनचला सहपाठी नहीं, बल्कि शिक्षक है। यह आरोप उत्पीड़न की शिकार बेटियां लगा रही हैं। इन शिकायतों पर विवि प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने वाली इन बेटियों की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। पीड़िताओं ने इन्हें दबाए जाने का आरोप लगाया है।
यूआईईटी में नकल की तलाशी के बहाने छुआ, जबरदस्ती का प्रयास
एमडीयू के दूरस्थ शिक्षा विभाग से स्नातक कर रही एक छात्रा ने कुलपति को शिकायत दी है। इसमें यूआईईटी के एक शिक्षक पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। छात्रा ने कहा है कि वह अप्रैल-मई में परीक्षा देने यूआईईटी के परीक्षा केंद्र में आई थी। बीए अंग्रेजी की परीक्षा देते समय एक शिक्षक ने उसे डरा-धमका कर दूसरे कमरे में बुलाया। नकल दिखाने के बहाने उसने सारे शरीर को हाथ लगाया। जबरदस्ती का भी प्रयास किया। विरोध करने पर परीक्षा में नकल कराने का लालच दिया। उसकी मदद करने वाला कोई नहीं है। इस घटना से अब तक उबर नहीं पाई है। मानसिक पीड़ा से आहत हूं। अखबार में यूआईईटी शिक्षकों के खिलाफ समाचार पढ़ कर न्याय के लिए हिम्मत जुटाई है। इस मामले में निष्पक्ष जांच व उचित कार्रवाई कर बेटियों को सुरक्षा मुहैया कराएं।
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छात्रा से छेड़छाड़ मामले में हटा चुके शिक्षक
एमडीयू में छात्राओं से छेड़छाड़ का मामला नया नहीं है। इससे पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। यहां करीब छह मामले विचाराधीन हैं। विवि प्रशासन एक शिक्षक को छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपों की पुष्टि होने पर नौकरी से भी निकाल चुका है।
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डेंटल कॉलेज में छात्रा को चिकित्सक ने भेजे अश्लील मैसेज
हेल्थ यूनिवर्सिटी के डेंटल कॉलेज में भी छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। कॉलेज की पीजी छात्रा को सीनियर चिकित्सक ने अश्लील मैसेज भेजे हैं। इस बारे में विवि प्रशासन को दी शिकायत में उसके उत्पीड़न की बात सामने आई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि 16 मई को प्रोस्थोडोंटिक्स में प्रवेश लेने वाली छात्रा को उसके सीनियर ने मोबाइल पर अश्लील मैसेज भेजे हैं। उसके साथ छेड़छाड़ भी हुई है। उसे संस्थान में मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ रही है। यही नहीं उसे परेशान करने के लिए काम का बोझ भी डाला गया है। छात्रा को उत्पीड़न से बचाने के लिए कार्रवाई की मांग की गई है। इस संबंध में संस्थान प्रशासन से बात करने का प्रयास किया गया, मगर संपर्क नहीं हो सका।
छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। मामले की जांच की जाएगी। इसके लिए रजिस्ट्रार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच में आरोप साबित होने पर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विवि पहले भी इस तरह के मामले में सख्त कदम उठा चुका है। छात्राओं के उत्पीड़न मामले में कमेटी बनाई हुई है। डॉ. रेणु चुघ इसकी प्रभारी हैं। शिकायत में दर्ज नाम की पड़ताल की जाएगी। इस नाम से जितनी भी छात्राएं होंगी, उनसे पूछताछ की जाएगी।
-प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया, कुलपति, एमडीयू
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पीड़िता को न्याय नहीं मिला तो करेंगे आंदोलन
डेंटल कॉलेज में छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। इस मामले में पीड़िता ने अतिरिक्त मुख्य सचिव व महिला आयोग तक शिकायत भेजी है। इसके बावजूद मामले को दबाया जा रहा है। विवि प्रशासन ने पीड़िता को न्याय नहीं दिया तो आंदोलन किया जाएगा।
- विक्रम सिंह डुमोलिया, अध्यक्ष, आंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन।