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भूख और ठंड से मरें 14 गोवंश,आक्रोषित ग्रामीणों नें ढाई घंटे किया बेरी-महम रोड जाम

Mon, 18 Dec 2017 02:25 AM IST
Updated Mon, 18 Dec 2017 02:25 AM IST
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भूख और ठंड से मरें 14 गोवंश,आक्रोषित ग्रामीणों नें ढाई घंटे किया बेरी-महम रोड जाम
रजिस्ट्रेशन से पहले शुरू हुई गोशाला, तीन माह बाद भी नहीं मिली ग्रांट
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खुले आसमान के नीचे 500 गाय, 14 ने तोड़ा दम, सड़क पर शव रखकर ग्रामीणों ने रोड किया जाम

- चार दिन ग्रामीण करेंगे देखभाल, पुलिस करेगी निगरानी
- तीन माह पहले शुरू हुई थी गोशाला, अभी तक नहीं मिले रजिस्ट्र्रेशन के कागजात
- गोशाला कमेटी सदस्य बोले, 5 लाख की सरकारी ग्रांट का इंतजार

अमर उजाला ब्यूरो
कलानौर, महम।
बेरी-महम रोड पर बसाना और मोखरा गांव की सीमा पर तीन माह पहले बिना रजिस्ट्रेशन निजी गोशाला शुरू हुई। गोशाला में खुले आसमान के नीचे 500 गाय न केवल भूखी मर रही हैं, बल्कि 14 ने रविवार की रात को दम तोड़ दिया। गुस्साए बसाना और मोखरा के ग्रामीणों ने गायों के शवों को सड़क पर रखकर रविवार को ढाई घंटे बेरी-महम रोड जाम किए रखा। महम और कलानौर के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच का भरोसा देकर जाम खुलवाया। एसडीएम महम निर्मला नागर का कहना है कि मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। ग्रामीण गोशाला संचालकों के खिलाफ गो संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि गोशाला तीन माह पहले शुरू की गई, लेकिन इसके रजिस्ट्रेशन के कागजात अब तक नहीं आए हैं। साथ ही गोशाला प्रबंधन कमेटी आसपास से चंदा एकत्रित कर रही है, जबकि गोशाला में लगभग 500 गाय न केवल भूखी व प्यासी मर रही हैं, बल्कि ठंड से बचने के लिए शेड तक नहीं बनाया गया। भूख व ठंड से 14 गायों की मौत हो गई हैं। इतना ही नहीं, कमजोर और बडे़ गोवंश को एक ही जगह रोक दिया जाता है। बडे़ पशु कमजोर पशुओं को प्रताड़ित करते हैं। इतना ही नहीं, रात के समय गोवंश को गोशाला से बाहर निकाल दिया जाता है।
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शव लेकर सड़क पर लगाया जाम
गोवंश की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने शव बेरी-महम रोड पर रखकर जाम लगा दिया। मामले की सूचना मिलने पर अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीण गोशाला संचालक को मौके पर बुलाने की मांग पर अडे़ रहे। पुलिस की एक टीम संचालक को लेने मोखरा गांव में पहुंची, लेकिन संचालक नहीं मिला। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि वे तब तक जाम नहीं खोलेंगे, जब तक प्रशासन उन्हें गौशाला को चार दिन के अंदर अन्य कहीं शिफ्ट करने और गोशाला संचालक के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज करने का लिखित में आश्वासन नहीं देता। प्रशासन ने ग्रामीणों की इस बात को मान लिया। उसके बाद ढाई घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।
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डीसी आफिस के बाहर शव रखकर प्रदर्शन की चेतावनी
ग्रामीणों ने बताया कि बसाना रोड पर स्थित इस गोशाला में रह रहे करीब 500 गोवंश के चारे की व्यवस्था अगले चार दिन तक ग्रामीण ही करेंगे। जबकि पुलिस इसकी निगरानी करेगी। चार दिन बाद अगर गोशाला को शिफ्ट नहीं किया तो गोवंश के शव डीसी आफिस के सामने डालकर कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

वर्जन
गोशाला प्रकरण में सरपंच का नाम सामने आ रहा है। मामले की जांच के लिए कागजात मंगवाए हैं। अगर कोई गड़बड़ी या लापरवाही मिली तो कार्रवाई करेंगे। हालांकि गोशाला कलानौर एरिया में आती है।
- निर्मल नागर, एसडीएम महम

ग्रामीणों ने सड़क पर गोवंश के शव रखकर जाम लगा दिया था। पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। मामले की शिकायत लेकर जांच पड़ताल की जा रही है, लेकिन अभी किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया है।

- रमेश कुमार, एसएचओ महम

तीन माह पहले ग्रामीणों के आग्रह पर गोशाला शुरू की थी, जिसका रजिस्ट्रेशन हो चुका है, लेकिन उनके पास अभी कागजात नहीं हैं। एक अधिकारी से बात हुई थी कि गोशाला के लिए 5 लाख की ग्रांट आ चुकी है, जिससे गोशाला का शेड बनाया जाएगा। गोशाला में पशु चारे की कमी नहीं है। गायों की मौत ठंड से हुई है।
- रजनीश, सदस्य गोशाला दादूराम मल्हाराम, बसाना
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