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आर्थिक तंगी का कारण बता बेटी की हत्या करने वाले पिता का आजीवन कारावास
Updated Tue, 01 Aug 2017 11:50 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
आर्थिक तंगी को कारण बताते हुए करीब एक साल पहले बेटी की हत्या करने वाले पिता को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 30 जुलाई को बैरमपुर गांव निवासी महेंद्र सिंह ने बेटी की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने गांव की ही एक महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस पीआरओ दीनदयाल ने बताया कि कोसली क्षेत्र के बैरमपुर गांव में एक साल पहले महेंद्र नामक व्यक्ति बेटी की बेरहमी से हत्या कर भाग गया था। पुलिस ने महेंद्र को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण उसने इस वारदात को अंजाम दिया था। अदालत में सरकारी वकील ने पुलिस की ओर से सभी साक्ष्य रखे। गवाहों के बयान अदालत में दर्ज किए। सभी साक्ष्यों एवं गवाहों के बयान सुनने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजय कुमार खंडुजा की अदालत ने महेंद्र सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं पांच हजार रुपये की सजा सुनाई है। वहीं जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में दो साल की सजा अलग से सुनाई है।
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रेवाड़ी।
आर्थिक तंगी को कारण बताते हुए करीब एक साल पहले बेटी की हत्या करने वाले पिता को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 30 जुलाई को बैरमपुर गांव निवासी महेंद्र सिंह ने बेटी की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने गांव की ही एक महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस पीआरओ दीनदयाल ने बताया कि कोसली क्षेत्र के बैरमपुर गांव में एक साल पहले महेंद्र नामक व्यक्ति बेटी की बेरहमी से हत्या कर भाग गया था। पुलिस ने महेंद्र को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण उसने इस वारदात को अंजाम दिया था। अदालत में सरकारी वकील ने पुलिस की ओर से सभी साक्ष्य रखे। गवाहों के बयान अदालत में दर्ज किए। सभी साक्ष्यों एवं गवाहों के बयान सुनने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजय कुमार खंडुजा की अदालत ने महेंद्र सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं पांच हजार रुपये की सजा सुनाई है। वहीं जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में दो साल की सजा अलग से सुनाई है।
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