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ले रहे हो मेडिकल स्टोर से दवाई तो जरा सावधानी रखना भाई
Updated Sat, 12 Aug 2017 12:40 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
मेडिकल स्टोर पर दवाई खरीदने से पहले उपभोक्ताओं को सावधान रहना होगा। हो सकता है जो दवाई स्वास्थ्य ठीक होने के लिए खरीदी जा रही है वह आपके लिए जानलेवा बन जाए। यह खुलासा ड्रग कंट्रोलर की जांच के बाद हुआ है। जांच में पाया गया है कि कुछ मेडिकल स्टोर पर नकली दवाई बिक रही है। यानि कुछ दवाइयों के न तो बनाने वाले का पता है और न ही सप्लायर का कुछ पता है। हालांकि प्राथमिक जांच में यह जरूर खुलासा हुआ है कि राजस्थान के साथ दक्षिण हरियाणा में बड़े पैमाने पर नकली दवाइयां खुलेआम बेची जा रही हैं।
दो सैंपल में से एक पूरी तरह फैल
फूड एंड एडमिनिस्ट्रेशन आयुक्त डॉ. साकेत कुमार एवं हरियाणा स्टेट ड्रग कंट्रोलर नरेंद्र आहुजा को शिकायत मिली थी कि राजस्थान से दक्षिण हरियाणा में बड़े पैमाने पर नकली दवाई बेची जा रही हैं। इसके बाद उच्चाधिकारियों से प्रदेश के सभी जिला ड्रग कंट्रोलर को जांच करने के आदेश दिए थे। अधिकारियों का मानना है कि राजस्थान के जयपुर से पूरे खेल के तार जुड़े हैं। रेवाड़ी ड्रग कंट्रोलर हेमंत कुमार ने दो महीने में गोपनीय तरीके से शहर के कुछ मेडिकल स्टोर से सैंपल भरे, जिनकी जांच रिपोर्ट आठ अगस्त को आई। रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि रेवाड़ी में बड़े पैमाने पर नकली दवाइयों का कारोबार चल रहा है। दो जांच रिपोर्ट में एक के नमूने फेल आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए मामला कोर्ट में डाल दिया है। उल्लेखनीय है कि नकली दवा मामले में दस साल की सजा का प्रावधान है। ड्रग कंट्रोलर हेमंत कुमार का कहना है कि जयपुर के साथ रेवाड़ी में जांच की जा रही है। जल्द ही और खुलासे होने की उम्मीद है।
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रेवाड़ी।
मेडिकल स्टोर पर दवाई खरीदने से पहले उपभोक्ताओं को सावधान रहना होगा। हो सकता है जो दवाई स्वास्थ्य ठीक होने के लिए खरीदी जा रही है वह आपके लिए जानलेवा बन जाए। यह खुलासा ड्रग कंट्रोलर की जांच के बाद हुआ है। जांच में पाया गया है कि कुछ मेडिकल स्टोर पर नकली दवाई बिक रही है। यानि कुछ दवाइयों के न तो बनाने वाले का पता है और न ही सप्लायर का कुछ पता है। हालांकि प्राथमिक जांच में यह जरूर खुलासा हुआ है कि राजस्थान के साथ दक्षिण हरियाणा में बड़े पैमाने पर नकली दवाइयां खुलेआम बेची जा रही हैं।
दो सैंपल में से एक पूरी तरह फैल
फूड एंड एडमिनिस्ट्रेशन आयुक्त डॉ. साकेत कुमार एवं हरियाणा स्टेट ड्रग कंट्रोलर नरेंद्र आहुजा को शिकायत मिली थी कि राजस्थान से दक्षिण हरियाणा में बड़े पैमाने पर नकली दवाई बेची जा रही हैं। इसके बाद उच्चाधिकारियों से प्रदेश के सभी जिला ड्रग कंट्रोलर को जांच करने के आदेश दिए थे। अधिकारियों का मानना है कि राजस्थान के जयपुर से पूरे खेल के तार जुड़े हैं। रेवाड़ी ड्रग कंट्रोलर हेमंत कुमार ने दो महीने में गोपनीय तरीके से शहर के कुछ मेडिकल स्टोर से सैंपल भरे, जिनकी जांच रिपोर्ट आठ अगस्त को आई। रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि रेवाड़ी में बड़े पैमाने पर नकली दवाइयों का कारोबार चल रहा है। दो जांच रिपोर्ट में एक के नमूने फेल आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए मामला कोर्ट में डाल दिया है। उल्लेखनीय है कि नकली दवा मामले में दस साल की सजा का प्रावधान है। ड्रग कंट्रोलर हेमंत कुमार का कहना है कि जयपुर के साथ रेवाड़ी में जांच की जा रही है। जल्द ही और खुलासे होने की उम्मीद है।
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