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फर्जी कागजात के आधार पर लोन लेने वाले पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज
Updated Thu, 29 Mar 2018 11:48 PM IST
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फर्जी कागजात के आधार पर लोन लेने वाले पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज
रेवाड़ी। धारूहेड़ा स्थित एसबीआई बैंक की शाखा से फर्जी दस्तावेज के आधार पर लिए गए लोन के मामले में धारूहेड़ा पुलिस ने बुधवार देर रात पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
उल्लेखनीय है कि बैंक शाखा की तरफ से वर्ष 2009 से 2012 के बीच 213 लोन फर्जी कागजातों के आधार पर पास किए गए। ये सभी लोन राजस्थान के अलवर जिले की तिजारा तहसील के अधीन आने वाले गांवों के लोगों ने लिए थे। मामला संज्ञान में आने के बाद बैंक अधिकारियों ने अपने स्तर पर जांच की तो पता चला। इसके बाद बैंक अधिकारियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने जांच के बाद पुलिस को 29 लोगों के खिलाफ एफआईआर के आदेश जारी किए। इस मामले में एसबीआई के तत्कालीन कर्मचारियों की भूमिका से भी इंकार नहीं किया जा सकता। जिन पर गाज गिरनी भी तय मानी जा रही है।
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शातिराना तरीके से वारदात को अंजाम
एसबीआई बैंक ने वर्ष 2009 से लेकर वर्ष 2012 के बीच जो लोन जारी किए थे। उनमें से 213 पास किए गए लोन की किस्त संबंधित व्यक्तियों ने जमा ही नहीं कराई। बैंक ने कागजात खंगालने शुरू किए तो ये सभी लोन तिजारा व टपूकड़ा के लोगों के मिले। लोन की रकम वसूलने के लिए बैंक की तरफ से रिकवरी सूट डाला गया, जिसके बाद कई बड़ी परतें खुलती चली गई।
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पुलिस ने इस संबंध में 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -सत्यपाल यादव, डीएसपी रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। धारूहेड़ा स्थित एसबीआई बैंक की शाखा से फर्जी दस्तावेज के आधार पर लिए गए लोन के मामले में धारूहेड़ा पुलिस ने बुधवार देर रात पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
उल्लेखनीय है कि बैंक शाखा की तरफ से वर्ष 2009 से 2012 के बीच 213 लोन फर्जी कागजातों के आधार पर पास किए गए। ये सभी लोन राजस्थान के अलवर जिले की तिजारा तहसील के अधीन आने वाले गांवों के लोगों ने लिए थे। मामला संज्ञान में आने के बाद बैंक अधिकारियों ने अपने स्तर पर जांच की तो पता चला। इसके बाद बैंक अधिकारियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने जांच के बाद पुलिस को 29 लोगों के खिलाफ एफआईआर के आदेश जारी किए। इस मामले में एसबीआई के तत्कालीन कर्मचारियों की भूमिका से भी इंकार नहीं किया जा सकता। जिन पर गाज गिरनी भी तय मानी जा रही है।
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शातिराना तरीके से वारदात को अंजाम
एसबीआई बैंक ने वर्ष 2009 से लेकर वर्ष 2012 के बीच जो लोन जारी किए थे। उनमें से 213 पास किए गए लोन की किस्त संबंधित व्यक्तियों ने जमा ही नहीं कराई। बैंक ने कागजात खंगालने शुरू किए तो ये सभी लोन तिजारा व टपूकड़ा के लोगों के मिले। लोन की रकम वसूलने के लिए बैंक की तरफ से रिकवरी सूट डाला गया, जिसके बाद कई बड़ी परतें खुलती चली गई।
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पुलिस ने इस संबंध में 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -सत्यपाल यादव, डीएसपी रेवाड़ी।