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डेढ़ दशक : कागजों में ही हुए शहर से डेयरियों को बाहर निकालने के प्रयास

Thu, 27 Jun 2019 03:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 27 Jun 2019 03:00 AM IST
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डेढ़ दशक : कागजों में ही हुए शहर से डेयरियों को बाहर निकालने के प्रयास
रोहतक। पब्लिक हेल्थ के डिस्पोजल पर बुधवार को चार सफाई कर्मियों की मौत की जिम्मेदारी से नगर निगम व जिला प्रशासन अपना पल्ला नहीं झाड़ सकता। एक्सपर्ट की माने तो रेन वाटर ड्रेनेज लाइन में गोबर जाने से जहरीली गैस बनी, जिसने बड़ा हादसा हुआ है। शहर में डेढ़ दशक में लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद डेयरियों को बाहर शिफ्ट नहीं किया जा सका है। जबकि अधिकारियों का दावा रोहतक शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का है।
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याद रहे कि नगर निगम के रिकार्ड के मुताबिक 2004 में चौटाला सरकार के कार्यकाल में डेयरियाें को बाहर ले जाने के लिए कन्हेली रोड पर डेयरी कॉम्प्लैक्स बनाया गया, जहां 150 के करीब प्लाट काटे गए। 15 साल बाद भी कॉम्प्लैक्स में कई प्लाट खाली पड़े हैं। जो डेयरी मालिक शहर से बाहर चले गए, उनका कहना है कि समय-समय पर निगम व प्रशासन डेयरियों के लिए पानी, सीवरेज, पशु अस्पताल व चारा शेड की सुविधा उपलब्ध कराने का वादा करता है, लेकिन अभी तक पूरी सुविधाएं नहीं मिल हैं। इस कारण डेयरी मालिक शहर से बाहर जाने से कतराते हैं।
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एसटीपी के नजदीक वाली डेयरियां कर रही सीवरेज व ड्रेेनेज लाइन को जाम
पुराने बस स्टैंड के नजदीक दुर्गा भवन से लेकर कच्चा बेरी रोड तक एसटीपी के आसपास 70 से अधिक दुग्ध डेयरियां हैं। जिला प्रशासन के अधिकारी भी मान चुके हैं कि डेयरियों की वजह से सीवरेज व ड्रेनेज सिस्टम जाम हो जाता है। बुधवार को जब हादसे स्थल पर सीवरेज व डेनेज लाइन में गंदा पानी भरा, उसके अंदर गोबर का सबसे ज्यादा मिश्रण था।
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डेयरियों को शहर से बाहर ले जाने का प्रस्ताव पास, जगह तय नहीं
पिछले दिनों हुई हाउस की मीटिंग में एलओ ब्रांच ने प्रस्ताव दिया कि 8 मई 2019 को शहरी निकाय विभाग के निदेशक ने पत्र भेजा है कि निगम अपने स्तर पर 15 एकड़ जमीन में डेयरी कॉम्प्लैक्स का निर्माण करे। इसके लिए बोहर व गढ़ी बोहर गांव में निगम की 15 एकड़ जमीन खाली है। दूसरा निगम डेयरी कॉम्प्लैक्स 37 एकड़ 2 कनाल 16 मरले में पहले से चल रहा है। वहीं, दुर्गा भवन के पीछे डेयरियों की मार्केटिंग के लिए 88 प्लाट, बायोगैस संयंत्र, स्ट्रीट लाइट, गली व सड़क निर्माण और पशु अस्पताल दिया जाना है। प्रोजेक्ट पर 24 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत आएगी। वार्ड नंबर 9 के पार्षद जयभगवान ठेकेदार व वार्ड 10 से पार्षद राहुल देशवाल ने बोहर में जमीन देने का विरोध किया। हाउस ने डेयरियों को बाहर करने का प्रस्ताव पास कर दिया, लेकिन जमीन कहां चयनित की जाएगी, यह फैसला अधूरा छोड़ दिया।
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