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पिस्तौल के लिए एसआई तो तमंचे के लिए इस्तेमाल करते हैं हेड कांस्टेबल बोल्यू सूं
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रोहतक।हरियाणा, वेस्ट यूपी और दिल्ली सप्लायर और खरीदारी करने वाले बदमाशों ने पुलिस से बचने के लिए नए कोर्ड वर्ड बना लिए हैं। हथियार खरीदने के लिए एसआई, एएसआई से लेकर हेड कांस्टेबल बोल्यू सूं का कोड वर्ड तैयार किया है। इन्हीं कोड वर्ड के माध्यम से प्रदेशभर के विभिन्न स्थानों पर हथियार सप्लाई किए जा रहे हैं। यह खुलासा पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाश मोहित ने किया है। पुलिस ने अब हथियार सप्लायरों का ब्योरा तैयार किया है।
रोहतक की सीआईए-1 ने सुनारियां गांव के निकट ट्यूबवेल के कोठरे में रेड मार मुठभेड़ के बाद गिरोह के सरगना पंकज को गोली मारकर घायल कर दिया जबकि उसके साथी मोहित को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। बताया कि उनके गिरोह के अलावा अनिल छिप्पी, लारेंश बिश्नोई ,नीरज बवाना गिरोह के गुर्गे भी दिल्ली से सरोजनी नगर, राजीव चौक, यूपी के कैराना, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, हापुड़ से हथियार खरीदते समय कोड वर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं।
ये बनाए गए हैं कोड वर्ड
32 बोर की पिस्तौल 20 हजार तक मिलती है
यदि किसी को 32 बोर की पिस्तौल खरीदनी होती है तो गिरोह का गुर्गा मोबाइल पर बात करते हुए कहता है कि हरियाणा से एसआई बोल्यू सूं, आरोपी को पकड़नै आवां सा, तैयार रहिये, यानि की जिस 32 बोर की पिस्तौल का आर्डर दिया था, उसे तैयार रखो, कुछ ही देर में लेने आ रहा हू। पिस्तौल 15 से बीस हजार में उपलब्ध कराई जाती है।
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तीन से 5 हजार में मिलता है तमंचा
यदि तमंचा खरीदना होता है तो उसके लिए कॉल की जाती है तो हरियाणा से हेड कांस्टेबल बोल्यू सूं, आरोपी को पकड़नै चलना सै, बस तैयार रहे, कुछ देर में आ रहा हूं। तीन से पांच हजार में तमंचा उपलब्ध कराया जाता है।
रिवाल्वर के लिए चुकाने पड़ते हैं 12 हजार तक
यदि रिवाल्वर खरीदना होता है तो उसके लिए कहा जाता है कि एएसआई बोल्यू सू, आरोपी को पकड़ना सै, जल्द तेरे पास आ रहा हूं। तैयार रखियो। रिवाल्वर 8 से 12 हजार में उपलब्ध कराई जाती है।
वेस्ट यूपी के कैराना से खरीदे थे पचास हजार के हथियार
आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि हाल ही में वेस्ट यूपी के कैराना से पचास हजार में हथियार खरीदे थे। जिनमें पिस्तौल से लेकर तमंचे शामिल थे। इन्हीं हथियार से हरियाणा के रिटायर्ड एसआई हुकम चंद को गोली मारकर घायल किया गया था।
हथियार सप्लायरों का ब्योरा तैयार कराया जा रहा है। इसमें अधिकतर यूपी के सप्लायर शामिल हैं। जल्द ही सभी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। - प्रशांत कुमार, प्रभारी सीआईए-1
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रोहतक की सीआईए-1 ने सुनारियां गांव के निकट ट्यूबवेल के कोठरे में रेड मार मुठभेड़ के बाद गिरोह के सरगना पंकज को गोली मारकर घायल कर दिया जबकि उसके साथी मोहित को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। बताया कि उनके गिरोह के अलावा अनिल छिप्पी, लारेंश बिश्नोई ,नीरज बवाना गिरोह के गुर्गे भी दिल्ली से सरोजनी नगर, राजीव चौक, यूपी के कैराना, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, हापुड़ से हथियार खरीदते समय कोड वर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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ये बनाए गए हैं कोड वर्ड
32 बोर की पिस्तौल 20 हजार तक मिलती है
यदि किसी को 32 बोर की पिस्तौल खरीदनी होती है तो गिरोह का गुर्गा मोबाइल पर बात करते हुए कहता है कि हरियाणा से एसआई बोल्यू सूं, आरोपी को पकड़नै आवां सा, तैयार रहिये, यानि की जिस 32 बोर की पिस्तौल का आर्डर दिया था, उसे तैयार रखो, कुछ ही देर में लेने आ रहा हू। पिस्तौल 15 से बीस हजार में उपलब्ध कराई जाती है।
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तीन से 5 हजार में मिलता है तमंचा
यदि तमंचा खरीदना होता है तो उसके लिए कॉल की जाती है तो हरियाणा से हेड कांस्टेबल बोल्यू सूं, आरोपी को पकड़नै चलना सै, बस तैयार रहे, कुछ देर में आ रहा हूं। तीन से पांच हजार में तमंचा उपलब्ध कराया जाता है।
रिवाल्वर के लिए चुकाने पड़ते हैं 12 हजार तक
यदि रिवाल्वर खरीदना होता है तो उसके लिए कहा जाता है कि एएसआई बोल्यू सू, आरोपी को पकड़ना सै, जल्द तेरे पास आ रहा हूं। तैयार रखियो। रिवाल्वर 8 से 12 हजार में उपलब्ध कराई जाती है।
वेस्ट यूपी के कैराना से खरीदे थे पचास हजार के हथियार
आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि हाल ही में वेस्ट यूपी के कैराना से पचास हजार में हथियार खरीदे थे। जिनमें पिस्तौल से लेकर तमंचे शामिल थे। इन्हीं हथियार से हरियाणा के रिटायर्ड एसआई हुकम चंद को गोली मारकर घायल किया गया था।
हथियार सप्लायरों का ब्योरा तैयार कराया जा रहा है। इसमें अधिकतर यूपी के सप्लायर शामिल हैं। जल्द ही सभी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। - प्रशांत कुमार, प्रभारी सीआईए-1