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भाटला गांव में अभी स्थिति नहीं सामान्य, कुछ लोगों को रोजी-रोटी के भी पड़े लाले
Updated Sat, 07 Oct 2017 12:47 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हांसी।
गांव भाटला में अभी भी स्थिति सामान्य नहीं है। कुछ लोगों को रोजी-रोटी के भी लाले पड़े हुए है। गांव में पानी भरने को लेकर जिस सार्वजनिक स्थल पर विवाद हुआ था, वहां अभी भी दिक्कत है। यह बात राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जन जाति आयोग के दो सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को स्थानीय रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि गांव में जो भाईचारा होना चाहिए था, वह नहीं है। दोनों पक्षों में दूरियां बनी हुई है व उनमें आपसी मनमुटाव है। उधर कुछ गरीब लोगों को काफी परेशानी व आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जन जाति आयोग के निदेशक राजकुमार छानेना और अनुसंधान अधिकारी राकेश कुमार शर्मा ने भाटला गांव का दौरा किया।
इस दौरान उन्होंने गांव में सभी वर्गों और जातियों के लोगों से गत दिनों घटित घटना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने उस स्थल का भी निरीक्षण किया, जहां पर यह घटना घटी थी। उन्होंने घटना के बारे में गांव के विभिन्न वर्गों और जातियों के लोगों से घटना के बारे में जानकारी ली। प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत की। दलितों ने प्रतिनिधिमंडल से हुई बातचीत में कहा कि उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। पहले उनके साथ मारपीट हुई फिर उन पर बंदी लगाते हुए उनका बहिष्कार किया गया तथा अधिवक्ता सहित कई लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज करवा दिए गए।
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उधर सवर्णों से हुई बातचीत में उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि कुछ युवकों के बीच आपसी झगड़े को लेकर विवाद हुआ था। लेकिन कुछ लोगों ने इसे जातीय रंग देते हुए इस मामले को भड़का दिया। यहां तक कि उन पर झूठे मुकदमे भी दर्ज करवाए गए। पुलिस प्रशासन ने अभी तक उन लोगों की गिरफ्तारी भी नहीं की है। वहीं एक अन्य जाति के लोगों ने जारी बयान में रोष प्रकट करते हुए कहा कि यह झगड़ा दो समुदाय के लोगों के बीच हुआ था। इसके बाद जानबूझ कर उनका नाम भी इस मामले में घसीटा गया।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय लोक निर्माण विश्रामगृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि दौरे के दौरान उन्होंने घटित घटना से संबंधित विभिन्न प्रकार की जानकारी प्राप्त की गई है। दोनों पक्षों से प्राप्त जानकारियों के आधार और गांव के अन्य लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार रिपोर्ट आयोग के अध्यक्ष को सौंप दी जाएगी। दौरे के दौरान एसडीएम राजीव अहलावत, डीएसपी नरेंद्र कादयान, तहसीलदार सुखबीर बूरा, बीडीपीओ जयपाल आदि उपस्थित थे।
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हांसी।
गांव भाटला में अभी भी स्थिति सामान्य नहीं है। कुछ लोगों को रोजी-रोटी के भी लाले पड़े हुए है। गांव में पानी भरने को लेकर जिस सार्वजनिक स्थल पर विवाद हुआ था, वहां अभी भी दिक्कत है। यह बात राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जन जाति आयोग के दो सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को स्थानीय रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि गांव में जो भाईचारा होना चाहिए था, वह नहीं है। दोनों पक्षों में दूरियां बनी हुई है व उनमें आपसी मनमुटाव है। उधर कुछ गरीब लोगों को काफी परेशानी व आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जन जाति आयोग के निदेशक राजकुमार छानेना और अनुसंधान अधिकारी राकेश कुमार शर्मा ने भाटला गांव का दौरा किया।
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इस दौरान उन्होंने गांव में सभी वर्गों और जातियों के लोगों से गत दिनों घटित घटना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने उस स्थल का भी निरीक्षण किया, जहां पर यह घटना घटी थी। उन्होंने घटना के बारे में गांव के विभिन्न वर्गों और जातियों के लोगों से घटना के बारे में जानकारी ली। प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत की। दलितों ने प्रतिनिधिमंडल से हुई बातचीत में कहा कि उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। पहले उनके साथ मारपीट हुई फिर उन पर बंदी लगाते हुए उनका बहिष्कार किया गया तथा अधिवक्ता सहित कई लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज करवा दिए गए।
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उधर सवर्णों से हुई बातचीत में उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि कुछ युवकों के बीच आपसी झगड़े को लेकर विवाद हुआ था। लेकिन कुछ लोगों ने इसे जातीय रंग देते हुए इस मामले को भड़का दिया। यहां तक कि उन पर झूठे मुकदमे भी दर्ज करवाए गए। पुलिस प्रशासन ने अभी तक उन लोगों की गिरफ्तारी भी नहीं की है। वहीं एक अन्य जाति के लोगों ने जारी बयान में रोष प्रकट करते हुए कहा कि यह झगड़ा दो समुदाय के लोगों के बीच हुआ था। इसके बाद जानबूझ कर उनका नाम भी इस मामले में घसीटा गया।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय लोक निर्माण विश्रामगृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि दौरे के दौरान उन्होंने घटित घटना से संबंधित विभिन्न प्रकार की जानकारी प्राप्त की गई है। दोनों पक्षों से प्राप्त जानकारियों के आधार और गांव के अन्य लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार रिपोर्ट आयोग के अध्यक्ष को सौंप दी जाएगी। दौरे के दौरान एसडीएम राजीव अहलावत, डीएसपी नरेंद्र कादयान, तहसीलदार सुखबीर बूरा, बीडीपीओ जयपाल आदि उपस्थित थे।