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बच् चे की मौत पर हंगामा
Updated Tue, 05 Jun 2018 02:52 AM IST
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फोटो परिचय
आरओएच-1 से लेकर 8
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बच्चे की मौत के मामले में कार्रवाई न होने पर लोगों ने छोटू राम चौक पर लगाया जाम, दोनों पक्षों का मारपीट का आरोप
- 30 अप्रैल को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था सवा साल का मासूम रुद्ध
- पुलिस पर लगाया कार्रवाई न करने का आरोप, पुलिस से भी लोगों की खूब हुई नोकझोंक
- अस्पताल प्रशासन का आरोप- बच्चे के परिजनों ने अस्पताल में घुसकर की मारपीट व तोड़फोड़
- पीड़ित पक्ष बोला- अस्पताल में परिवार के सदस्यों के साथ की गई मारपीट व अभद्रता
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
छोटू राम चौक स्थित सांघी नर्सिंग होम एवं ट्रामा सेंटर में करीब एक माह पूर्व हुई मासूम की मौत के मामले में परिजनों ने नर्सिंग होम में पहुंचकर हंगामा किया। इसके बाद गुस्साएं लोगों ने चिकित्सक पर कार्रवाई नहीं करने के विरोध में छोटू राम चौक पर जाम लगा दिया।
पुलिस से भी लोगों की खूब नोकझोंक हुई। पुलिस पर आरोपी डॉक्टर को बचाने का आरोप लगाया। इससे पूर्व अस्पताल के डॉक्टर व परिजनों ने एक-दूसरे पर मारपीट के भी आरोप लगाए। मारपीट में एक डाक्टर भी घायल हो गया। डीएसपी के आश्वासन पर लोगों ने जाम खोला। दोनों पक्षों ने थाने में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत की है।
धोबी मोहल्ला निवासी चिराग ने बताया कि 30 अप्रैल को उसके भतीजे रुद्ध की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। उसे छोटू राम चौक स्थित प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के चिकित्सकों ने बच्चे के इलाज की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण बच्चे की मौत हो गई। इस मामले में मेडिकल बोर्ड भी गठित किया गया था। जो मामले की जांच कर रहा है।
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सोमवार को परिवार वाले इसी मामले में अस्पताल पहुंचे थे। यहां परिजनों की अस्पताल के स्टाफ से नोकझोंक हो गई। आरोप है कि डॉक्टर व उनके स्टाफ ने बच्चे के पिता रोहित व चाचा चिराग के साथ मारपीट व अभद्रता की। मारपीट में अस्पताल का डाक्टर अनिल भी घायल हो गया। उधर, अस्पताल प्रशासन ने भी भीड़ पर अस्पताल में घुसकर हमला करने का आरोप लगाया। जिसमें डाक्टर अनिल घायल हो गए।
गुस्साए लोगों ने शिकायत के बावजूद भी कार्रवाई नहीं होने के विरोध में छोटू राम चौक पर जाम लगा दिया। पुलिस व विभागीय अधिकारियों पर लापरवाह चिकित्सकों को बचाने का आरोप लगाया। मामले की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस से भी लोगों की खूब नोकझोंक हुई। बाद में डीएसपी रोहताश मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर डीएसपी ने जाम खुलवाया। अस्पताल प्रशासन व बच्चे के परिजनों ने आर्य नगर थाने पर एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत की है।
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सीएम से लेकर पीएम तक से शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं
पीड़ित पक्ष के लोगों का कहना था कि यदि एक सप्ताह के अंदर लापरवाह चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम से लेकर पीएम तक शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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सरकारी अस्पताल में इलाज कराने की बात कही
हंगामा कर रहे परिजनों का आरोप था कि डॉक्टरों ने बच्चे की मौत के बाद कहा कि वह प्राइवेट अस्पताल में क्यों आते हैं। सीधे सरकारी अस्पताल में ही इलाज कराना चाहिए। इसी बात को लेकर परिजन भड़क गए थे।
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मारपीट की बात पूरी तरह से गलत है। गुस्साए लोगों ने कुछ देर के लिए जाम लगा दिया था। दोनों पक्षों ने शिकायत की है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कार्रवाई होगी।
- इंस्पेक्टर सुनीता, एसएचओ आर्य नगर
भीड़ पर मारपीट व तोड़फोड़ का आरोप
सांघी नर्सिंग होम के मालिक डा.अनिल सांघी का आरोप है कि सोमवार को वह तथा उनका बेटा साहिल अस्पताल में मरीजों को देख रहे थे। इसी बीच सुबह 10.15 बजे कई महिला व पुरुष मेरे कार्यालय में घुस गए तथा गाली गलौच करना शुरु कर दिया। आरोपी सरिया व लाठी डंडे लिए हुए थे। आरोप है कि लोगों ने पहले तो अस्पताल में तोड़फोड़ की। इसके बाद मुझे व मेरे बेटे को पीटना शुरू कर दिया। जिससे मेरा दांत भी टूट गया। लापरवाही से बच्चे की मौत से साफ इनकार किया।
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आरओएच-1 से लेकर 8
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बच्चे की मौत के मामले में कार्रवाई न होने पर लोगों ने छोटू राम चौक पर लगाया जाम, दोनों पक्षों का मारपीट का आरोप
- 30 अप्रैल को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था सवा साल का मासूम रुद्ध
- पुलिस पर लगाया कार्रवाई न करने का आरोप, पुलिस से भी लोगों की खूब हुई नोकझोंक
- अस्पताल प्रशासन का आरोप- बच्चे के परिजनों ने अस्पताल में घुसकर की मारपीट व तोड़फोड़
- पीड़ित पक्ष बोला- अस्पताल में परिवार के सदस्यों के साथ की गई मारपीट व अभद्रता
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
छोटू राम चौक स्थित सांघी नर्सिंग होम एवं ट्रामा सेंटर में करीब एक माह पूर्व हुई मासूम की मौत के मामले में परिजनों ने नर्सिंग होम में पहुंचकर हंगामा किया। इसके बाद गुस्साएं लोगों ने चिकित्सक पर कार्रवाई नहीं करने के विरोध में छोटू राम चौक पर जाम लगा दिया।
पुलिस से भी लोगों की खूब नोकझोंक हुई। पुलिस पर आरोपी डॉक्टर को बचाने का आरोप लगाया। इससे पूर्व अस्पताल के डॉक्टर व परिजनों ने एक-दूसरे पर मारपीट के भी आरोप लगाए। मारपीट में एक डाक्टर भी घायल हो गया। डीएसपी के आश्वासन पर लोगों ने जाम खोला। दोनों पक्षों ने थाने में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत की है।
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धोबी मोहल्ला निवासी चिराग ने बताया कि 30 अप्रैल को उसके भतीजे रुद्ध की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। उसे छोटू राम चौक स्थित प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के चिकित्सकों ने बच्चे के इलाज की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण बच्चे की मौत हो गई। इस मामले में मेडिकल बोर्ड भी गठित किया गया था। जो मामले की जांच कर रहा है।
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सोमवार को परिवार वाले इसी मामले में अस्पताल पहुंचे थे। यहां परिजनों की अस्पताल के स्टाफ से नोकझोंक हो गई। आरोप है कि डॉक्टर व उनके स्टाफ ने बच्चे के पिता रोहित व चाचा चिराग के साथ मारपीट व अभद्रता की। मारपीट में अस्पताल का डाक्टर अनिल भी घायल हो गया। उधर, अस्पताल प्रशासन ने भी भीड़ पर अस्पताल में घुसकर हमला करने का आरोप लगाया। जिसमें डाक्टर अनिल घायल हो गए।
गुस्साए लोगों ने शिकायत के बावजूद भी कार्रवाई नहीं होने के विरोध में छोटू राम चौक पर जाम लगा दिया। पुलिस व विभागीय अधिकारियों पर लापरवाह चिकित्सकों को बचाने का आरोप लगाया। मामले की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस से भी लोगों की खूब नोकझोंक हुई। बाद में डीएसपी रोहताश मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर डीएसपी ने जाम खुलवाया। अस्पताल प्रशासन व बच्चे के परिजनों ने आर्य नगर थाने पर एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत की है।
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सीएम से लेकर पीएम तक से शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं
पीड़ित पक्ष के लोगों का कहना था कि यदि एक सप्ताह के अंदर लापरवाह चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम से लेकर पीएम तक शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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सरकारी अस्पताल में इलाज कराने की बात कही
हंगामा कर रहे परिजनों का आरोप था कि डॉक्टरों ने बच्चे की मौत के बाद कहा कि वह प्राइवेट अस्पताल में क्यों आते हैं। सीधे सरकारी अस्पताल में ही इलाज कराना चाहिए। इसी बात को लेकर परिजन भड़क गए थे।
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मारपीट की बात पूरी तरह से गलत है। गुस्साए लोगों ने कुछ देर के लिए जाम लगा दिया था। दोनों पक्षों ने शिकायत की है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कार्रवाई होगी।
- इंस्पेक्टर सुनीता, एसएचओ आर्य नगर
भीड़ पर मारपीट व तोड़फोड़ का आरोप
सांघी नर्सिंग होम के मालिक डा.अनिल सांघी का आरोप है कि सोमवार को वह तथा उनका बेटा साहिल अस्पताल में मरीजों को देख रहे थे। इसी बीच सुबह 10.15 बजे कई महिला व पुरुष मेरे कार्यालय में घुस गए तथा गाली गलौच करना शुरु कर दिया। आरोपी सरिया व लाठी डंडे लिए हुए थे। आरोप है कि लोगों ने पहले तो अस्पताल में तोड़फोड़ की। इसके बाद मुझे व मेरे बेटे को पीटना शुरू कर दिया। जिससे मेरा दांत भी टूट गया। लापरवाही से बच्चे की मौत से साफ इनकार किया।