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जेल से बाहर संत गोपालदास, बोले बेलबॉन्ड पर जबरदस्ती लगवाए जेल प्रशासन ने अंगूठे
Updated Fri, 11 Aug 2017 02:11 AM IST
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जेल से बाहर संत गोपालदास, बोले बेलबॉन्ड पर जबरदस्ती लगवाए जेल प्रशासन ने अंगूठे
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रोहतक दौरे के दौरान तिलियार लेक के सामने मृत सांड़ डालने के मामले में जेल में पहुंचे संत गोपालदास वीरवार शाम बाहर आ गए। संत का आरोप है कि वे जेल में रहकर सरकार को अपनी मांगाें को मनवाना चाहते थे, लेकिन जेल प्रशासन ने जबरन बेलबॉन्ड पर अंगूठा लगवाकर छोड़ दिया। जेल से मानसरोवर पार्क में पहुंच कर पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करके फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट भेजने की मांग की। जब एक्सपर्ट नहीं आया तो संत दिल्ली में गृह मंत्रालय में शिकायत करने की बात कहकर समर्थकों के साथ रवाना हो गए।
संत गोपालदास गोचरान भूमि को लेकर आंदोलनरत हैं। दो, तीन और चार अगस्त को अमित शाह रोहतक दौरे पर आए हुए थे। तीन अगस्त को संत अपने समर्थकों के साथ एक मृत सांड़ लेकर तिलियार लेक के बाहर पहुुंचे, उस समय शाह अंदर भाजपा कार्यकर्ताओं की मीटिंग ले रहे थे। इससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। संत गोपाल दास को गिरफ्तार कर लिया। चार अगस्त को उन्हें अदालत से जमानत मिल गई, लेकिन संत गोपालदास ने बेलबॉन्ड भरने से इंकार कर दिया। तभी से वे जेल के अंदर ही थे। रात आठ बजे मानसरोवर पार्क पहुंचे संत गोपालदास ने आरोप लगाया कि वीरवार को करीब चार बजे जेल प्रशासन के अधिकारी उनके पास पहुंचे। कहा कि, आपका मोबाइल एक्टिवेट करवाना है, इसलिए फार्म पर अंगूठा लगा दें। जब उसने फार्म पढ़ा तो वे समझ गए। उसने तुरंत एक हाथ छुड़ाकर बेल रिफ्यूज लिख दिया। इसके बावजूद जेल के सुरक्षाकर्मियाें ने जबरन उसके हाथ पकड़े और अंगूठे लगवाकर बाहर कर दिया।
फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट भेज दो, नहीं तो गृह मंत्रालय जाऊंगा
समर्थकों के साथ संत गोपालदास करीब आठ बजे मानसरोवर पार्क में पहुंचे, जहां अपने मोबाइल से पुलिस कंट्रोल रूम में कॉल की। कहा, कि मैंने दो बार कंट्रेाल रूम को फोन किया। रात करीब पौने 10 बजे संत गोपाल दास जब कंट्रोल रूम से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो दिल्ली गृह मंत्रालय में जाने की बात कहकर रवाना हो गए।
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जेल प्रशासन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। उनसे कोई जबरदस्ती अंगूठे नहीं लगवाए गए।
सुनील सांगवान, जेल अधीक्षक, सुनारिया जेल
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रोहतक दौरे के दौरान तिलियार लेक के सामने मृत सांड़ डालने के मामले में जेल में पहुंचे संत गोपालदास वीरवार शाम बाहर आ गए। संत का आरोप है कि वे जेल में रहकर सरकार को अपनी मांगाें को मनवाना चाहते थे, लेकिन जेल प्रशासन ने जबरन बेलबॉन्ड पर अंगूठा लगवाकर छोड़ दिया। जेल से मानसरोवर पार्क में पहुंच कर पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करके फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट भेजने की मांग की। जब एक्सपर्ट नहीं आया तो संत दिल्ली में गृह मंत्रालय में शिकायत करने की बात कहकर समर्थकों के साथ रवाना हो गए।
संत गोपालदास गोचरान भूमि को लेकर आंदोलनरत हैं। दो, तीन और चार अगस्त को अमित शाह रोहतक दौरे पर आए हुए थे। तीन अगस्त को संत अपने समर्थकों के साथ एक मृत सांड़ लेकर तिलियार लेक के बाहर पहुुंचे, उस समय शाह अंदर भाजपा कार्यकर्ताओं की मीटिंग ले रहे थे। इससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। संत गोपाल दास को गिरफ्तार कर लिया। चार अगस्त को उन्हें अदालत से जमानत मिल गई, लेकिन संत गोपालदास ने बेलबॉन्ड भरने से इंकार कर दिया। तभी से वे जेल के अंदर ही थे। रात आठ बजे मानसरोवर पार्क पहुंचे संत गोपालदास ने आरोप लगाया कि वीरवार को करीब चार बजे जेल प्रशासन के अधिकारी उनके पास पहुंचे। कहा कि, आपका मोबाइल एक्टिवेट करवाना है, इसलिए फार्म पर अंगूठा लगा दें। जब उसने फार्म पढ़ा तो वे समझ गए। उसने तुरंत एक हाथ छुड़ाकर बेल रिफ्यूज लिख दिया। इसके बावजूद जेल के सुरक्षाकर्मियाें ने जबरन उसके हाथ पकड़े और अंगूठे लगवाकर बाहर कर दिया।
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फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट भेज दो, नहीं तो गृह मंत्रालय जाऊंगा
समर्थकों के साथ संत गोपालदास करीब आठ बजे मानसरोवर पार्क में पहुंचे, जहां अपने मोबाइल से पुलिस कंट्रोल रूम में कॉल की। कहा, कि मैंने दो बार कंट्रेाल रूम को फोन किया। रात करीब पौने 10 बजे संत गोपाल दास जब कंट्रोल रूम से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो दिल्ली गृह मंत्रालय में जाने की बात कहकर रवाना हो गए।
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जेल प्रशासन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। उनसे कोई जबरदस्ती अंगूठे नहीं लगवाए गए।
सुनील सांगवान, जेल अधीक्षक, सुनारिया जेल