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गुरुकुल ड्रोप आउट बच्चे
Updated Thu, 30 Aug 2018 02:48 AM IST
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गुरुकुल :
ड्रॉप आउट विद्यार्थी खोल सकते हैं गुरुकुल में अनैतिक कार्य का राज
-सीडब्ल्यूसी ने शुरू की ड्रॉप आउट बच्चों की तलाश, दर्ज किए जाएंगे बयान
-पिछले चार साल में कितने बच्चों ने छोड़ा गुरुकुल, डाटा देने से बच रहा प्रबंधन
-पीड़ित बच्चों को ट्रामा से बाहर लाने के लिए की गई काउंसिलिंग
-आरोपियों की जमानत के लिए कल होनी है सुनवाई
विकास सैनी
रोहतक। गुरुकुल में बच्चों के साथ अनैतिक कार्य का राज खोलने के लिए सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) जांच में जुटी है। इसी कड़ी में समिति ने गुरुकुल से ड्रॉप आउट (बीच में पढ़ाई छोड़कर जाने वाले) छात्रों को तलाशने की मुहिम छेड़ी है। ये पूर्व छात्र यहां हुए अनैतिक कार्य का राज खोले सकते हैं। इधर, पीड़ित बच्चों को ट्रामा से बाहर लाने के लिए बुधवार को उनकी काउंसिलिंग की गई।
बच्चों के साथ हुए अनैतिक कार्य की जांच सीडब्ल्यूसी कर रही है। पहले दिन तेजी से शुरू हुई जांच की रफ्तार अब मंद पड़ने लगी है। इसकी वजह गुरुकुल का रिकॉर्ड नहीं मिल पाना बताया जा रहा है। गुरुकुल प्रबंधन यह रिकॉर्ड उपलब्ध कराने से बच रहा है। ऐसे में समिति के लिए सभी बच्चों के नाम, पते व संपर्क नंबर जुटाना मुश्किल हो रहा है।
गुरुकुल स्टाफ को समन हो चुके हैं जारी
समिति बच्चों के उत्पीड़न मामले में जांच को लेकर सहयोग नहीं कर रहे गुरुकुल प्रबंधन समेत पूरे स्टाफ को समन जारी कर चुकी है। इसके तहत गुरुकुल संस्थापक, प्रिंसिपल व अन्य लोगाें को 31 अगस्त तक समिति के समक्ष पेश होकर अपने बयान दर्ज कराने हैं। यही नहीं गुरुकुल का सारा रिकॉर्ड भी लाना होगा।
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काउंसलर को लेकर मामला संदिग्ध
गुरुकुल सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध बताया गया है। ऐसे में सीबीएसई के नियम इस पर पूरी तरह लागू होते हैं। बोर्ड ने सभी स्कूलों में काउंसलर नियुक्त करने निर्देश दिए थे। इसके तहत गुरुकुल में भी काउंसलर लगाया जाना था। जांच के दौरान यहां काउंसलर नहीं मिला। इस संबंध में कोई रिकॉर्ड नहीं दिखाया गया। यह रिकॉर्ड होने से जांच के दौरान गड़बड़ी पहले ही सामने आ सकती थी। रिकॉर्ड का नहीं मिलना काउंसलर की भूमिका को भी संदिग्ध बनाता है।
एक्सपर्ट ने की बच्चों की काउंसिलिंग
गुरुकुल में बच्चों से हुए अनैतिक कार्य के मामले में पीड़ित बच्चों को ट्रामा से बाहर लाने के लिए बुधवार को भी उनकी काउंसिलिंग कराई गई। इसका मकसद उन्हें जीवन की मुख्यधारा से जोड़ना है।
नाबालिग आरोपियों की जमानत पर सुनवाई आज
गुरुकुल में हुए अनैतिक कार्य केस की सुनवाई 30 अगस्त को होनी है। यहां नाबालिग आरोपियों की जमानत अर्जी पर भी सुनवाई होगी। गुरुकुल के अधिवक्ता इन आरोपी बच्चों के केस की पैरवी करेंगे। जबकि पीड़ितों के केस की पैरवी के लिए समिति नि:शुल्क कानूनी सहायता मुहैया कराएगी।
वर्जन :
समिति गुरुकुल मामले में कार्रवाई कर रही है। बच्चों की काउंसिलिंग की जा रही है। मामले की तह तक जाने के लिए गुरुकुल से ड्रॉप आउट हुए छात्रों से बात की जाएगी। इसके लिए उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। गुरुकुल से रिकॉर्ड मिलने पर यह काम आसान हो जाएगा। बच्चों के साथ अनैतिक कार्य की पुष्टि के लिए मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है।
-डॉ. राज सिंह सांगवान, चेयरमैन, सीडब्ल्यूसी
वर्जन ::::
पुलिस गुरुकुल मामले में छानबीन कर रही है। आरोपी छात्र जेजे बोर्ड के समक्ष पेश कर दिए गए हैं। यहां से उन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया है। गुरुकुल के एक कर्मचारी को भी पकड़ा जा चुका है। केस के अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
-मंजीत मोर, प्रभारी, सदर थाना
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ड्रॉप आउट विद्यार्थी खोल सकते हैं गुरुकुल में अनैतिक कार्य का राज
-सीडब्ल्यूसी ने शुरू की ड्रॉप आउट बच्चों की तलाश, दर्ज किए जाएंगे बयान
-पिछले चार साल में कितने बच्चों ने छोड़ा गुरुकुल, डाटा देने से बच रहा प्रबंधन
-पीड़ित बच्चों को ट्रामा से बाहर लाने के लिए की गई काउंसिलिंग
-आरोपियों की जमानत के लिए कल होनी है सुनवाई
विकास सैनी
रोहतक। गुरुकुल में बच्चों के साथ अनैतिक कार्य का राज खोलने के लिए सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) जांच में जुटी है। इसी कड़ी में समिति ने गुरुकुल से ड्रॉप आउट (बीच में पढ़ाई छोड़कर जाने वाले) छात्रों को तलाशने की मुहिम छेड़ी है। ये पूर्व छात्र यहां हुए अनैतिक कार्य का राज खोले सकते हैं। इधर, पीड़ित बच्चों को ट्रामा से बाहर लाने के लिए बुधवार को उनकी काउंसिलिंग की गई।
बच्चों के साथ हुए अनैतिक कार्य की जांच सीडब्ल्यूसी कर रही है। पहले दिन तेजी से शुरू हुई जांच की रफ्तार अब मंद पड़ने लगी है। इसकी वजह गुरुकुल का रिकॉर्ड नहीं मिल पाना बताया जा रहा है। गुरुकुल प्रबंधन यह रिकॉर्ड उपलब्ध कराने से बच रहा है। ऐसे में समिति के लिए सभी बच्चों के नाम, पते व संपर्क नंबर जुटाना मुश्किल हो रहा है।
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गुरुकुल स्टाफ को समन हो चुके हैं जारी
समिति बच्चों के उत्पीड़न मामले में जांच को लेकर सहयोग नहीं कर रहे गुरुकुल प्रबंधन समेत पूरे स्टाफ को समन जारी कर चुकी है। इसके तहत गुरुकुल संस्थापक, प्रिंसिपल व अन्य लोगाें को 31 अगस्त तक समिति के समक्ष पेश होकर अपने बयान दर्ज कराने हैं। यही नहीं गुरुकुल का सारा रिकॉर्ड भी लाना होगा।
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काउंसलर को लेकर मामला संदिग्ध
गुरुकुल सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध बताया गया है। ऐसे में सीबीएसई के नियम इस पर पूरी तरह लागू होते हैं। बोर्ड ने सभी स्कूलों में काउंसलर नियुक्त करने निर्देश दिए थे। इसके तहत गुरुकुल में भी काउंसलर लगाया जाना था। जांच के दौरान यहां काउंसलर नहीं मिला। इस संबंध में कोई रिकॉर्ड नहीं दिखाया गया। यह रिकॉर्ड होने से जांच के दौरान गड़बड़ी पहले ही सामने आ सकती थी। रिकॉर्ड का नहीं मिलना काउंसलर की भूमिका को भी संदिग्ध बनाता है।
एक्सपर्ट ने की बच्चों की काउंसिलिंग
गुरुकुल में बच्चों से हुए अनैतिक कार्य के मामले में पीड़ित बच्चों को ट्रामा से बाहर लाने के लिए बुधवार को भी उनकी काउंसिलिंग कराई गई। इसका मकसद उन्हें जीवन की मुख्यधारा से जोड़ना है।
नाबालिग आरोपियों की जमानत पर सुनवाई आज
गुरुकुल में हुए अनैतिक कार्य केस की सुनवाई 30 अगस्त को होनी है। यहां नाबालिग आरोपियों की जमानत अर्जी पर भी सुनवाई होगी। गुरुकुल के अधिवक्ता इन आरोपी बच्चों के केस की पैरवी करेंगे। जबकि पीड़ितों के केस की पैरवी के लिए समिति नि:शुल्क कानूनी सहायता मुहैया कराएगी।
वर्जन :
समिति गुरुकुल मामले में कार्रवाई कर रही है। बच्चों की काउंसिलिंग की जा रही है। मामले की तह तक जाने के लिए गुरुकुल से ड्रॉप आउट हुए छात्रों से बात की जाएगी। इसके लिए उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। गुरुकुल से रिकॉर्ड मिलने पर यह काम आसान हो जाएगा। बच्चों के साथ अनैतिक कार्य की पुष्टि के लिए मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है।
-डॉ. राज सिंह सांगवान, चेयरमैन, सीडब्ल्यूसी
वर्जन ::::
पुलिस गुरुकुल मामले में छानबीन कर रही है। आरोपी छात्र जेजे बोर्ड के समक्ष पेश कर दिए गए हैं। यहां से उन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया है। गुरुकुल के एक कर्मचारी को भी पकड़ा जा चुका है। केस के अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
-मंजीत मोर, प्रभारी, सदर थाना