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खेतों में आग लगने से प्रवासी मजदूर की मौत, गेहूं और गन्ने की फसल राख
Updated Thu, 19 Apr 2018 02:48 AM IST
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खेतों में आग लगने से प्रवासी मजदूर की मौत, गेहूं और गन्ने की फसल राख
भैणी मातो में लगी आग को फायर बिग्रेड, पुलिस और किसानों ने दो घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
अमर उजाला ब्यूरो
महम (रोहतक)।
गांव भैणी मातो के खेतों में आग लगने से गेहूं और सरसों की फसल जलकर राख हो गई। जिससे सात एकड़ गेहूं और दो एकड़ गन्ने की फसल तबाह हो गई। वहीं गन्ने के खेत में काम कर रहा एक प्रवासी मजदूर आग बुझाने के प्रयास में आग की चपेट में आ गया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। साथ ही दो मजदूर झुलस गए। आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
आग लगने की सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू करने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण आग को काबू नहीं कर सके। आग के विकराल रूप को देखते हुए किसानों ने मामले की जानकारी फायर बिग्रेड और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रमेश कुमार और फायर बिग्रेड की टीम मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों की सहायता से करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस ने मृतक मजदूर के शव को पंचनामे के लिए पीजीआई रोहतक भेज दिया।
बुधवार दोपहर करीब एक बजे मातो-सिंघवा रोड के पास प्रदीप, गौरधन, जग्गन, बनी सिंह, और राजबीर की गेहूं की फसल में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आग धर्मबीर पुत्र निंगाहिया की गन्ने फसल में लग गई। जिस समय गन्ने की फसल में आग लगी उस समय कुछ प्रवासी मजदूर खेत में काम कर रहे थे। उन्होंने फसल में लगी आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग पर काबू नहीं कर सके। आग बुझाने का प्रयास कर रहे मजदूरों में से तीन मजदूर आग की चपेट में आ गए। एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो अन्य झुलस गए। मृतक मजदूर की पहचान खुर्शीद पुत्र जमील गांव कुंडा कला, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। वह मातों भैणी गांव में अपने साथियों के साथ गन्ना छीलने का काम करता था।
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खेतों में आग लगने से प्रवासी मजदूर की मौत, गेहूं और गन्ने की फसल राख
भैणी मातो में लगी आग को फायर बिग्रेड, पुलिस और किसानों ने दो घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
अमर उजाला ब्यूरो
महम (रोहतक)।
गांव भैणी मातो के खेतों में आग लगने से गेहूं और सरसों की फसल जलकर राख हो गई। जिससे सात एकड़ गेहूं और दो एकड़ गन्ने की फसल तबाह हो गई। वहीं गन्ने के खेत में काम कर रहा एक प्रवासी मजदूर आग बुझाने के प्रयास में आग की चपेट में आ गया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। साथ ही दो मजदूर झुलस गए। आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
आग लगने की सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू करने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण आग को काबू नहीं कर सके। आग के विकराल रूप को देखते हुए किसानों ने मामले की जानकारी फायर बिग्रेड और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रमेश कुमार और फायर बिग्रेड की टीम मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों की सहायता से करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस ने मृतक मजदूर के शव को पंचनामे के लिए पीजीआई रोहतक भेज दिया।
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बुधवार दोपहर करीब एक बजे मातो-सिंघवा रोड के पास प्रदीप, गौरधन, जग्गन, बनी सिंह, और राजबीर की गेहूं की फसल में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आग धर्मबीर पुत्र निंगाहिया की गन्ने फसल में लग गई। जिस समय गन्ने की फसल में आग लगी उस समय कुछ प्रवासी मजदूर खेत में काम कर रहे थे। उन्होंने फसल में लगी आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग पर काबू नहीं कर सके। आग बुझाने का प्रयास कर रहे मजदूरों में से तीन मजदूर आग की चपेट में आ गए। एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो अन्य झुलस गए। मृतक मजदूर की पहचान खुर्शीद पुत्र जमील गांव कुंडा कला, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। वह मातों भैणी गांव में अपने साथियों के साथ गन्ना छीलने का काम करता था।
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