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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक । वसंत पंचमी पर आयोजित दीनबंधु सर छोटूराम जयंती समारोह में उस समय अजीबोगरीब स्थिति बन गई, जब प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री को एक बुजुर्ग ने सरकार की नीतियों का बखान करने से रोक दिया। भीड़ में बुजुर्ग बोला- राजनीति करणी सै तै न्यारी रैली करियो, छोटूराम के बारे मै बोलो। उसके बाद मंत्री के बचाव में आए, जिला परिषद चैयरमैन बलराज कुंडू ने माइक संभालते हुए कहा, छोटूराम यही कहकर गए थे, बोले किसान बोलणा सीख ले। ताऊ थारै रुक्क्यां तै पहल्यां बोहत नुकसान हो लिया, म्हारी पीढ़ियां भुगतैंगी। इतका मतलब थाम सही न्हीं आये।
दरअसल केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह दीनबंधु सर छोटूराम के नाती हैं। उन्होंने सर छोटूराम मेमोरियल सोसायटी का गठन किया है, जिसके संरक्षक खुद केंद्रीय मंत्री हैं और अध्यक्ष उनकी पत्नी प्रेमलता हैं। प्रेमलता उचाना से विधायक हैं। सोसायटी की तरफ से वसंत पंचमी पर रविवार को जयंती समारोह आयोजित किया गया था। समारोह में जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक, विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह, खुद केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर को आमंत्रित किया गया था, लेकिन किसी कारण से राज्यपाल, विदेश मंत्री के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह भी नहीं पहुंच सके। परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार व स्थानीय मंत्री मनीष ग्रोवर ने ही मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की।
ताऊ मैं छोटूराम के बारे में ही बोलने आया हूं ऱ् पंवार
मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने अपने भाषण में कहा कि सर छोटू राम के बताए रास्ते पर देश चल रहा है। पीएम मोदी ने छोटू राम का सम्मान करते हुए सांपला में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। आप बुजुर्गों ने अनेक सरकार बनाई हैं। किसानों के हित की बात करके कई सरकारें बनीं, मगर सर छोटू राम का सपना पूरा करने की प्रधानमंत्री ने कोशिश की। प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में काम किया है। प्राकृतिक आपदा पर अब 12 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा हो गया है। फसल बर्बाद होने पर सरकार ने 3600 करोड़ रुपये मुआवजा किसानों को दिया है। ढाणी में रहने वाले किसानों को एग्रीकल्चर फीडर से बिजली मिली थी, जो आठ घंटे मिलती है। मगर अब वह रूरल फीडर से बिजली ले सकते हैं। 2013 से 44 हजार ट्यूबवेल के कनेक्शन बकाया थे, जिनको देने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
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मंत्री की इन बातों को सुनकर समारोह में मौजूद बुजुर्ग पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के हलके के गांव आसन निवासी हरिंचद उखड़ गए। उन्होंने खड़े होकर कहा कि यह राजनीति करने की जगह नहीं, जहां सरकारी की उपलब्धियां गिनाई जाएं। यहां सर छोटूराम की ही बात की जाए। वह चिल्लाते हुए बोले उपलब्धियां गिनानी है, तो कहीं और गिनाना। माहौल गरमाते ही जिला परिषद चेयरमैन बलराज कुंडू ने माइक संभालकर ग्रामीण से कहा कि लगता है कि आप सही रूप से यहां नहीं आए है। हमारा अतिथि देव के समान होता है, जिनका सम्मान करना चाहिए। खुद छोटू राम ने कहा था कि बोलना तू सीख ले और अपने को पहचान। रुक्के की वजह से पहले ही समाज का इतना नुकसान हो गया है कि आने वाली पीढ़ियां भी भुगतेंगी। ग्रामीण बोले कि बिजली आदि को लेकर जो बात बताई जा रही है, उसका फायदा नहीं मिल रहा। जब मंत्री पंवार ने छोटू राम के बारे में बोलना शुरू किया तब लोग शांत होकर बैठे।
भाषण में ग्रोवर ने छह मिनट तक कांग्रेस पर ही साधा निशाना
बुजुर्गों के भड़कने के बाद प्रदेश के सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने सरकार की उपलब्धियां न गिनाकर 8ऱ्44 मिनट के अपने भाषण में बड़े सधे अंदाज में छह मिनट तक कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सर छोटू राम ने अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी, जिसकी वजह से आज हम खुले में सांस ले रहे हैं। सर छोटू राम ने राजनीति की, मगर अपने लिए नहीं बल्कि किसानों के लिए जीये। उनकी जीवनी पाठ्यक्रम में आनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर सवाल दागते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी किसकी बनती थी? जो 70 साल से सत्ता में बैठे लोग थे। उन्होंने क्यों छोटू राम को याद नहीं किया। 70 साल में एक ही परिवार की मूर्तियां लगवाई गईं। सिविल हास्पिटल हो या फिर एयरपोर्ट, बाहर आकर देखते हैं तो एक ही परिवार का नाम दिखता है। उन्होंने वल्लभ भाई पटेल और सर छोटू राम को भुला दिया। एक कुनबे को किसानों का मसीहा बताया गया। उन्होंने कहा कि अब हमें कोई नहीं बांट सकता। बांटने वाले खुद मिट जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब सांपला में पुल बना तो वहां सर छोटू राम की मूर्ति नीचे हो गई। तब उन्होंने संकल्प लिया कि वह मूर्ति को इतनी ऊंची बनाएंगे कि लोग देखते रह जाएंगे।
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रोहतक । वसंत पंचमी पर आयोजित दीनबंधु सर छोटूराम जयंती समारोह में उस समय अजीबोगरीब स्थिति बन गई, जब प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री को एक बुजुर्ग ने सरकार की नीतियों का बखान करने से रोक दिया। भीड़ में बुजुर्ग बोला- राजनीति करणी सै तै न्यारी रैली करियो, छोटूराम के बारे मै बोलो। उसके बाद मंत्री के बचाव में आए, जिला परिषद चैयरमैन बलराज कुंडू ने माइक संभालते हुए कहा, छोटूराम यही कहकर गए थे, बोले किसान बोलणा सीख ले। ताऊ थारै रुक्क्यां तै पहल्यां बोहत नुकसान हो लिया, म्हारी पीढ़ियां भुगतैंगी। इतका मतलब थाम सही न्हीं आये।
दरअसल केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह दीनबंधु सर छोटूराम के नाती हैं। उन्होंने सर छोटूराम मेमोरियल सोसायटी का गठन किया है, जिसके संरक्षक खुद केंद्रीय मंत्री हैं और अध्यक्ष उनकी पत्नी प्रेमलता हैं। प्रेमलता उचाना से विधायक हैं। सोसायटी की तरफ से वसंत पंचमी पर रविवार को जयंती समारोह आयोजित किया गया था। समारोह में जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक, विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह, खुद केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर को आमंत्रित किया गया था, लेकिन किसी कारण से राज्यपाल, विदेश मंत्री के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह भी नहीं पहुंच सके। परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार व स्थानीय मंत्री मनीष ग्रोवर ने ही मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की।
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ताऊ मैं छोटूराम के बारे में ही बोलने आया हूं ऱ् पंवार
मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने अपने भाषण में कहा कि सर छोटू राम के बताए रास्ते पर देश चल रहा है। पीएम मोदी ने छोटू राम का सम्मान करते हुए सांपला में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। आप बुजुर्गों ने अनेक सरकार बनाई हैं। किसानों के हित की बात करके कई सरकारें बनीं, मगर सर छोटू राम का सपना पूरा करने की प्रधानमंत्री ने कोशिश की। प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में काम किया है। प्राकृतिक आपदा पर अब 12 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा हो गया है। फसल बर्बाद होने पर सरकार ने 3600 करोड़ रुपये मुआवजा किसानों को दिया है। ढाणी में रहने वाले किसानों को एग्रीकल्चर फीडर से बिजली मिली थी, जो आठ घंटे मिलती है। मगर अब वह रूरल फीडर से बिजली ले सकते हैं। 2013 से 44 हजार ट्यूबवेल के कनेक्शन बकाया थे, जिनको देने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
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मंत्री की इन बातों को सुनकर समारोह में मौजूद बुजुर्ग पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के हलके के गांव आसन निवासी हरिंचद उखड़ गए। उन्होंने खड़े होकर कहा कि यह राजनीति करने की जगह नहीं, जहां सरकारी की उपलब्धियां गिनाई जाएं। यहां सर छोटूराम की ही बात की जाए। वह चिल्लाते हुए बोले उपलब्धियां गिनानी है, तो कहीं और गिनाना। माहौल गरमाते ही जिला परिषद चेयरमैन बलराज कुंडू ने माइक संभालकर ग्रामीण से कहा कि लगता है कि आप सही रूप से यहां नहीं आए है। हमारा अतिथि देव के समान होता है, जिनका सम्मान करना चाहिए। खुद छोटू राम ने कहा था कि बोलना तू सीख ले और अपने को पहचान। रुक्के की वजह से पहले ही समाज का इतना नुकसान हो गया है कि आने वाली पीढ़ियां भी भुगतेंगी। ग्रामीण बोले कि बिजली आदि को लेकर जो बात बताई जा रही है, उसका फायदा नहीं मिल रहा। जब मंत्री पंवार ने छोटू राम के बारे में बोलना शुरू किया तब लोग शांत होकर बैठे।
भाषण में ग्रोवर ने छह मिनट तक कांग्रेस पर ही साधा निशाना
बुजुर्गों के भड़कने के बाद प्रदेश के सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने सरकार की उपलब्धियां न गिनाकर 8ऱ्44 मिनट के अपने भाषण में बड़े सधे अंदाज में छह मिनट तक कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सर छोटू राम ने अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी, जिसकी वजह से आज हम खुले में सांस ले रहे हैं। सर छोटू राम ने राजनीति की, मगर अपने लिए नहीं बल्कि किसानों के लिए जीये। उनकी जीवनी पाठ्यक्रम में आनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर सवाल दागते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी किसकी बनती थी? जो 70 साल से सत्ता में बैठे लोग थे। उन्होंने क्यों छोटू राम को याद नहीं किया। 70 साल में एक ही परिवार की मूर्तियां लगवाई गईं। सिविल हास्पिटल हो या फिर एयरपोर्ट, बाहर आकर देखते हैं तो एक ही परिवार का नाम दिखता है। उन्होंने वल्लभ भाई पटेल और सर छोटू राम को भुला दिया। एक कुनबे को किसानों का मसीहा बताया गया। उन्होंने कहा कि अब हमें कोई नहीं बांट सकता। बांटने वाले खुद मिट जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब सांपला में पुल बना तो वहां सर छोटू राम की मूर्ति नीचे हो गई। तब उन्होंने संकल्प लिया कि वह मूर्ति को इतनी ऊंची बनाएंगे कि लोग देखते रह जाएंगे।