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Rohtak: PGI के दो डॉक्टरों को बंधक बनाकर लूटपाट के पांच दोषियों को 10 साल की कैद, 20 हजार रुपये जुर्माना
Sat, 18 Feb 2023 10:53 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 18 Feb 2023 10:53 PM IST
सार
डॉक्टर मंजूनाथ 2016 में पीजीआई में ड्यूटी के बाद दोस्त के साथ फ्लैट पर जा रहे थे। रास्ते में हथियारों से लैस पांच युवकों ने अपहरण कर लिया था और बंधक बनाकर पैसे छीन लिए थे। एडीजे राजकुमार यादव की अदालत ने फैसला सुनाया है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
हरियाणा के रोहतक में एडीजे राजकुमार यादव की अदालत ने साढ़े पांच साल पहले प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआई के दो डॉक्टरों के अपहरण के बाद बंधक बनाकर लूटपाट करने के आरोप में पांच युवकों को दोषी करार दिया है। दोषी अस्थल बोहर निवासी सोनू व उसके साथी बिजेंद्र, राकेश, सुधीर व प्रवीण को 10-10 साल की कैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न देने पर चार-चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक जून 2016 में ओमेक्स सिटी निवासी डॉक्टर मंजूनाथ ने दी शिकायत में बताया कि वह पीजीआई स्थित आईसीयू में डॉक्टर हैं। रात करीब 11 बजे अपने दोस्त डॉक्टर मडिवलेश के साथ कार से पीजीआई से फ्लैट पर जा रहे थे। ओमेक्स सिटी के पुल पर झज्जर रोड के पास तीन युवक सड़क के बीचों-बीच खड़े हो गए। उसने हाॅर्न बजाया, लेकिन युवक बीच से नहीं हटे।
जैसे ही कार रोकी, तभी नहर की तरफ से दो-तीन अन्य युवक निकल आए। गाड़ी को लोहे की रॉड लेकर चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद दोनों को नीचे उतारा और पिछली सीट पर बैठा लिया। साथ ही गाड़ी में सवार हो गए। एक से डेढ़ घंटे तक युवक उन्हें इधर से उधर घुमाते रहे।
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इसके बाद सुनसान जगह ले जाकर लोहे की रॉड मारकर घायल कर दिया। साथ ही पर्स, पैन कार्ड, एक हजार रुपये की नकदी, लैपटॉप व अन्य सामान लूट लिया। इसके बाद खेतों छोड़कर लूटे गए सामान सहित फरार हो गए।
काफी देर तक सहमे रहे थे डॉक्टर
जांच में शिकायतकर्ता डॉक्टर मंजूनाथ ने बताया था कि वारदात के बाद वे काफी सहम गए थे। युवकों के जाने के काफी देर बाद खुद को संभाला और कार में सवार होकर सीधे पीजीआई पहुंचे। साथी डॉक्टरों को पूरे मामले से अवगत कराया।
डॉक्टरों ने उनकी एमएलआर काटकर उपचार शुरू किया। दोनों डॉक्टर को पांच-पांच जगह चोटें लगी हुई थी। सूचना पाकर अर्बन एस्टेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन कर पांच युवकों को काबू किया।
चारों धाराओं में हुई पांचों दोषियों को सजा
अदालत ने पांचों दोषियों को अपहरण के आरोप में आईपीसी की धारा 365 के तहत पांच-पांच साल की कैद, पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न देने पर एक-एक माह की अतिरिक्त सजा, बंधक बनाकर डकैती की वारदात अंजाम देने पर आईपीसी की धारा 395 में 10-10 साल की कैद, पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न भरने पर एक-एक माह कैद, आईपीसी की धारा 397 में सात-सात साल की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना और डकैती के दौरान हथियारों का प्रयोग करने पर धारा 397 बी में 10-10 साल की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।ण्
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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक जून 2016 में ओमेक्स सिटी निवासी डॉक्टर मंजूनाथ ने दी शिकायत में बताया कि वह पीजीआई स्थित आईसीयू में डॉक्टर हैं। रात करीब 11 बजे अपने दोस्त डॉक्टर मडिवलेश के साथ कार से पीजीआई से फ्लैट पर जा रहे थे। ओमेक्स सिटी के पुल पर झज्जर रोड के पास तीन युवक सड़क के बीचों-बीच खड़े हो गए। उसने हाॅर्न बजाया, लेकिन युवक बीच से नहीं हटे।
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जैसे ही कार रोकी, तभी नहर की तरफ से दो-तीन अन्य युवक निकल आए। गाड़ी को लोहे की रॉड लेकर चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद दोनों को नीचे उतारा और पिछली सीट पर बैठा लिया। साथ ही गाड़ी में सवार हो गए। एक से डेढ़ घंटे तक युवक उन्हें इधर से उधर घुमाते रहे।
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इसके बाद सुनसान जगह ले जाकर लोहे की रॉड मारकर घायल कर दिया। साथ ही पर्स, पैन कार्ड, एक हजार रुपये की नकदी, लैपटॉप व अन्य सामान लूट लिया। इसके बाद खेतों छोड़कर लूटे गए सामान सहित फरार हो गए।
काफी देर तक सहमे रहे थे डॉक्टर
जांच में शिकायतकर्ता डॉक्टर मंजूनाथ ने बताया था कि वारदात के बाद वे काफी सहम गए थे। युवकों के जाने के काफी देर बाद खुद को संभाला और कार में सवार होकर सीधे पीजीआई पहुंचे। साथी डॉक्टरों को पूरे मामले से अवगत कराया।
डॉक्टरों ने उनकी एमएलआर काटकर उपचार शुरू किया। दोनों डॉक्टर को पांच-पांच जगह चोटें लगी हुई थी। सूचना पाकर अर्बन एस्टेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन कर पांच युवकों को काबू किया।
चारों धाराओं में हुई पांचों दोषियों को सजा
अदालत ने पांचों दोषियों को अपहरण के आरोप में आईपीसी की धारा 365 के तहत पांच-पांच साल की कैद, पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न देने पर एक-एक माह की अतिरिक्त सजा, बंधक बनाकर डकैती की वारदात अंजाम देने पर आईपीसी की धारा 395 में 10-10 साल की कैद, पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न भरने पर एक-एक माह कैद, आईपीसी की धारा 397 में सात-सात साल की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना और डकैती के दौरान हथियारों का प्रयोग करने पर धारा 397 बी में 10-10 साल की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।ण्