फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   10 lakh cheated in the name of getting job in bank in Rohtak of Haryana

रोहतक: बैंक में नौकरी लगवाने के नाम पर 10 लाख की ठगी, केस दर्ज

Sun, 06 Feb 2022 11:34 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 06 Feb 2022 11:34 PM IST
सार

सिविल लाइन थाने में बैंककर्मी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच आर्थिक अपराध जांच शाखा ने की। इसके बाद सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया गया है। 

विज्ञापन
10 lakh cheated in the name of getting job in bank in Rohtak of Haryana
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हरियाणा के रोहतक में पंजाब नेशनल बैंक में चपरासी लगवाने के नाम पर 10 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर बैंक के ही कर्मचारी राहुल गर्ग के खिलाफ सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।   

विज्ञापन


पुलिस के मुताबिक कलानौर खंड के गांव माड़ौदी जाटान निवासी सुरेंद्र ने दी शिकायत में बताया कि उसका रेलवे रोड पर प्रिंटर रिपेयर का काम है। इस कारण उसे सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय में जाना होता है। वह मानसरोवर पार्क के नजदीक सोनीपत रोड स्थित पीएनबी की शाखा में गया था। वहां उसकी मुलाकात घनीपुरा निवासी राहुल गर्ग के साथ हुई।
विज्ञापन


राहुल ने उसे कहा कि बैंक में चपरासी है। बैंक में चपरासी के पद खाली हैं, उसकी उच्च अधिकारियों से अच्छी जानकारी है। दो-चार बंदों को नौकरी लगवा दूंगा। वह उनके झांसे में आ गया, लेकिन ज्यादा उम्र होने के कारण उसने नौकरी लगने से मना कर दिया। वह बार-बार वह व्हाट्सएप कॉल करने लगा। बोला, आपको नौकरी नहीं लगना तो किसी और को लगवा दो।
विज्ञापन
विज्ञापन


उसने आरोपी की बातों में आकर अपने चाचा के लड़के व एक दोस्त के लड़के की नौकरी की बात की। इसके बाद आरोपी ने दोनाें युवकों से चपरासी लगवाने के लिए 5-5 लाख रुपये ले लिए। बोला, जनवरी 2021 तक नौकरी लगवा देगा। अगर नौकरी न लगे तो बैंक में आकर पैसे वापस ले जाना। जनवरी 2021 में नौकरी नहीं लगी तो 31 मार्च तक का समय दिया।


अब वे अप्रैल 2021 को बैंक में गए तो पता चला कि आरोपी का प्रमोशन हो गया है और वह क्लर्क बन गया है। साथ ही उसका तबादला हो गया है, लेकिन उसने दूसरी जगह ज्वाइन नहीं किया। वह आरोपी के घर गए, जहां कहा गया कि उनका आरोपी से कोई लेनदेन नहीं है। अगर दोबारा आए तो पुलिस को शिकायत कर देंगे। अब उसका मोबाइल भी बंद आ रहा है। मामले की जांच आर्थिक अपराध जांच शाखा ने की। इसके बाद सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed