{"_id":"5db8ac9e8ebc3e012e1f5a33","slug":"crime-rohtak-news-rtk525128131","type":"story","status":"publish","title_hn":"90 किलो गांजापत्ती के आरोप में गिरफ्तार हिसार के युवक ने आठ दिन बाद तोड़ा दम, पुलिस पर प्र्रताड़ना का आरोप लगा परिजनों का हंगामा, शव लेने से इनकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
90 किलो गांजापत्ती के आरोप में गिरफ्तार हिसार के युवक ने आठ दिन बाद तोड़ा दम, पुलिस पर प्र्रताड़ना का आरोप लगा परिजनों का हंगामा, शव लेने से इनकार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोहतक। विधानसभा चुनाव में मतदान से दो दिन पहले 90 किलो गांजापत्ती की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार हिसार के युवक पीके उर्फ राममेहर ने आठ दिन की न्यायिक हिरासत के बाद सोमवार की रात पीजीआई में दम तोड़ दिया। मौत की एक दिन बाद सूचना पाकर हिसार के गांव सुलचानी निवासी पिंका उर्फ पीके उर्फ राममेहर के परिजन रोहतक पहुंचे और पीजीआई के डेड हाउस के बाहर सीआईए -3 पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि पिंका उर्फ पीके की मौत पुलिस द्वारा दी गई प्रताड़ना के चलते हुई है। साथ ही वे तब तक शव नहीं लेंगे, जब तक आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज नहीं किया जाता। मंगलवार को शव छोड़कर परिजन हिसार चले गए। बोले, वे बुधवार को एसपी से मिलने के बाद ही शव लेकर जाएंगे।
जींद जिले के गांव सिंगपुरा निवासी वेदपाल ने एसपी के नाम लिखी शिकायत में आरोप लगाया कि 16 अक्तूबर को गांव सुलचानी हिसार निवासी उसका जीजा पिंका उर्फ पीके उर्फ राममेहर, शंकुतला, संतोष अपने रिश्तेदार के यहां रोहतक जा रहे थे। जींद के कस्बे जुलाना के बस स्टैंड के पास रोहतक सीआइए -3 के मुलाजिम सिविल ड्रेस में आए। उन्होंने आते ही वहां उनसे नाम व जाति पूछी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने जातिसूचक शब्द कहते हुए मारपीट करनी शुरू कर दी। इतना ही नहीं पुलिसकर्मियों ने सभी को उनकी गाड़ी में बैठा लिया और उन्हें सेक्टर 14 स्थित सीआईए थ्री के आफिस में ले गए। परिजनों ने आरोप लगाए कि पुलिस ने पीके को थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया। वेदपाल ने लिखा कि 18 अक्तूबर कोसीआईए से किसी कर्मचारी का फोन आया, जिसने कहा कि वेदपाल और पीके को गिरफ्तार किया है। पांच लाख रुपये लेकर आ जाओ, इन्हें छोड़ देंगे। परिजनों ने जब उससे पूछा कि किसलिए पकड़ा है तो उसने कहा कि यहीं आ जाओ, तो पता लगेगा। परिजन 4 लाख 80 हजार रुपये लेकर सीआईए थ्री रोहतक आ गए। यहां आने के बाद पुलिस ने 4 लाख 80 हजार रुपये लिए और वेदपाल को छोड़ दिया व 20 हजार और लाने के बाद पीके को छोड़ने के बारे में कहा था। परिजन अगली सुबह 20 हजार और ले गए, लेकिन पुलिस ने अगली सुबह पीके को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। परिजनों ने बताया कि जब वे पीके से मिले थे, तो पीके ने कहा था कि पुलिसकर्मियों ने उसे बहुत पीटा है, जिस वजह उसकी हालत असामान्य है। वहीं परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जब पुलिस ने उक्त सभी को 16 अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया था, तो परिजनों को दो दिनों की देरी से 18 को क्यों बताया। साथ ही आरोप है कि पुलिस ने कोर्ट से बिना परमिशन लिए पीके को 2 दिनों तक गलत तरीके से हिरासत में रखा और उसके साथ मारपीट की। सोमवार की रात को पीके की पीजीआई में मौत हो गई, जबकि परिजनों को मंगलवार की सुबह बताया गया। दोपहर बाद परिजन रोहतक पहुंचे और डेड हाउस के बाहर ही पुलिस पर प्रताड़ना देने का आरोप लगाकर शव लेने से इंकार कर दिया। सूचना पाकर डीएसपी महेश कुमार व डीएसपी नारायणचंद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। डीएसपी ने वहां खड़े लोगों को लिखित शिकायत के आधार पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। लेकिन परिजनों ने सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ लिखित शिकायत दी और केस दर्ज कर एफआईआर की कॉपी पहले परिजनों को देने और बाद में शव उठाने की बात कही। बुधवार को फिर से काफी संख्या में लोग इकट्ठे होकर एसपी राहुल शर्मा से न्याय की गुहार लगाएंगे। एसपी से मिलने के बाद ही शव को उठाने की बात कहते हुए परिजन लौट गए।
डीएसपी बोले : रिश्वत लेने की शिकायत पहले क्यों नहीं दी, परिजन बोले : वर्दी से तो भूत भी डरते हैं
डॉक्टरों की बोर्ड टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट जेआईएमसी नितिका भारद्वाज की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया। करीब चार घंटे तक पोस्टमार्टम हुआ। इस दौरान वीडियोग्राफी की गई। सुबह से शाम तक परिजनों ने शव गृह के बाहर धरना दिया व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। रात को 8 बजे पोस्टमार्टम के बाद जब शव परिजनों को सौंपना चाहा, तो परिजनों ने शव लेने से इंकार करते हुए फिर से हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजनों को डीएसपी महेश कुमार व डीएसपी नारायणचंद ने समझाने का प्रयास किया। जिस पर परिजनों ने कहा कि पहले आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर, तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया जाए। जिस पर डीएसपी महेश कुमार ने कहा कि 10 दिनों के भीतर उपरोक्त मामले में कार्रवाई कर दी जाएगी। पुलिसकर्मी कहीं भागे नहीं जा रहे हैं। परिजनों ने कहा कि पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाए, इसके बाद अगर जांच में वे निर्दोष पाए जाते हैं, तो उन्हें बहाल कर देना। परिजनों ने कहा कि उन्होंने किसी के भी खिलाफ झूठी शिकायत नहीं दी है। अगर रिश्वत लेने की शिकायत झूठी होती तो और भी पुलिसकर्मियों के खिलाफ दे सकते थे। जिस पर डीएसपी महेश ने कहा कि रिश्वत की शिकायत तभी क्यों नहीं की। परिजनों ने जवाब दिया कि वर्दी से तो भूत भी डरते हैं, हम शिकायत करने की हिम्मत कैसे कर सकते थे। अब जब पुलिस वालों ने सभी नियमों को ताक पर रख कर पीका की हत्या ही कर दी, तो इसकी शिकायत की है।
विज्ञापन
27 वर्षीय मृतक पीका उर्फ पीके हिसार का रहने वाला था। वह दो बेटियों का पिता था। परिजनों के मुताबिक वह पेशे से मजदूर था। उसके मादक तस्करी की अगली सुनवाई कोर्ट में 2 नवंबर की थी। शव का पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। परिजनों ने शव नहीं लिया है। बुधवार को कमेटी गठित कर आगामी निर्णय लिया जाएगा।
- डीएसपी नारायण चंद
पुलिस ने 19 अक्तूबर को किया था पीके सहित नौ आरोपियों को गिरफ्तार
पुलिस ने बताया था कि 19 अक्तूबर को रोहतक की सीआईए-3 ने दिल्ली-हिसार रोड पर जलेबी चौक पुल पर नाकाबंदी कर ट्रक से 90 किलो गांजापत्ती समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों की पहचान हिसार के गांव सुलचानी निवासी पीके, पुजारी, जीतपाल, जीवन, चतरपाल, रोशनी, रामकली, शकुंतला व संतोष के रूप में हुई थी। इसके अलावा पुलिस ने ट्रक चालक रसुरपुर जिला अलवर राजस्थान के मुकेश और क्लीनर झिझन जिला दोसा राजस्थान के बहादुर को भी गिरफ्तार किया था। सभी आरोपी हिसार के हैं। आरोपी बिहार से ट्रक में चटाइयों के बीच गांजापत्ती छिपाकर हिसार ले जा रहे थे। पूछताछ में बताया कि उन्हें हिसार और नारनौंद में नशीले पदार्थ की सप्लाई करनी थी। सभी आरोपियों को 20 अक्तूबर को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया था। सीआईए-3 प्रभारी कप्तान सिंह ने बताया था कि आरोपियों से चटाइयों में लिपटे कुल 90 किलो गांजापत्ती के पैकेट बरामद किए।
विज्ञापन
जींद जिले के गांव सिंगपुरा निवासी वेदपाल ने एसपी के नाम लिखी शिकायत में आरोप लगाया कि 16 अक्तूबर को गांव सुलचानी हिसार निवासी उसका जीजा पिंका उर्फ पीके उर्फ राममेहर, शंकुतला, संतोष अपने रिश्तेदार के यहां रोहतक जा रहे थे। जींद के कस्बे जुलाना के बस स्टैंड के पास रोहतक सीआइए -3 के मुलाजिम सिविल ड्रेस में आए। उन्होंने आते ही वहां उनसे नाम व जाति पूछी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने जातिसूचक शब्द कहते हुए मारपीट करनी शुरू कर दी। इतना ही नहीं पुलिसकर्मियों ने सभी को उनकी गाड़ी में बैठा लिया और उन्हें सेक्टर 14 स्थित सीआईए थ्री के आफिस में ले गए। परिजनों ने आरोप लगाए कि पुलिस ने पीके को थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया। वेदपाल ने लिखा कि 18 अक्तूबर कोसीआईए से किसी कर्मचारी का फोन आया, जिसने कहा कि वेदपाल और पीके को गिरफ्तार किया है। पांच लाख रुपये लेकर आ जाओ, इन्हें छोड़ देंगे। परिजनों ने जब उससे पूछा कि किसलिए पकड़ा है तो उसने कहा कि यहीं आ जाओ, तो पता लगेगा। परिजन 4 लाख 80 हजार रुपये लेकर सीआईए थ्री रोहतक आ गए। यहां आने के बाद पुलिस ने 4 लाख 80 हजार रुपये लिए और वेदपाल को छोड़ दिया व 20 हजार और लाने के बाद पीके को छोड़ने के बारे में कहा था। परिजन अगली सुबह 20 हजार और ले गए, लेकिन पुलिस ने अगली सुबह पीके को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। परिजनों ने बताया कि जब वे पीके से मिले थे, तो पीके ने कहा था कि पुलिसकर्मियों ने उसे बहुत पीटा है, जिस वजह उसकी हालत असामान्य है। वहीं परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जब पुलिस ने उक्त सभी को 16 अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया था, तो परिजनों को दो दिनों की देरी से 18 को क्यों बताया। साथ ही आरोप है कि पुलिस ने कोर्ट से बिना परमिशन लिए पीके को 2 दिनों तक गलत तरीके से हिरासत में रखा और उसके साथ मारपीट की। सोमवार की रात को पीके की पीजीआई में मौत हो गई, जबकि परिजनों को मंगलवार की सुबह बताया गया। दोपहर बाद परिजन रोहतक पहुंचे और डेड हाउस के बाहर ही पुलिस पर प्रताड़ना देने का आरोप लगाकर शव लेने से इंकार कर दिया। सूचना पाकर डीएसपी महेश कुमार व डीएसपी नारायणचंद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। डीएसपी ने वहां खड़े लोगों को लिखित शिकायत के आधार पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। लेकिन परिजनों ने सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ लिखित शिकायत दी और केस दर्ज कर एफआईआर की कॉपी पहले परिजनों को देने और बाद में शव उठाने की बात कही। बुधवार को फिर से काफी संख्या में लोग इकट्ठे होकर एसपी राहुल शर्मा से न्याय की गुहार लगाएंगे। एसपी से मिलने के बाद ही शव को उठाने की बात कहते हुए परिजन लौट गए।
विज्ञापन
डीएसपी बोले : रिश्वत लेने की शिकायत पहले क्यों नहीं दी, परिजन बोले : वर्दी से तो भूत भी डरते हैं
डॉक्टरों की बोर्ड टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट जेआईएमसी नितिका भारद्वाज की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया। करीब चार घंटे तक पोस्टमार्टम हुआ। इस दौरान वीडियोग्राफी की गई। सुबह से शाम तक परिजनों ने शव गृह के बाहर धरना दिया व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। रात को 8 बजे पोस्टमार्टम के बाद जब शव परिजनों को सौंपना चाहा, तो परिजनों ने शव लेने से इंकार करते हुए फिर से हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजनों को डीएसपी महेश कुमार व डीएसपी नारायणचंद ने समझाने का प्रयास किया। जिस पर परिजनों ने कहा कि पहले आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर, तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया जाए। जिस पर डीएसपी महेश कुमार ने कहा कि 10 दिनों के भीतर उपरोक्त मामले में कार्रवाई कर दी जाएगी। पुलिसकर्मी कहीं भागे नहीं जा रहे हैं। परिजनों ने कहा कि पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाए, इसके बाद अगर जांच में वे निर्दोष पाए जाते हैं, तो उन्हें बहाल कर देना। परिजनों ने कहा कि उन्होंने किसी के भी खिलाफ झूठी शिकायत नहीं दी है। अगर रिश्वत लेने की शिकायत झूठी होती तो और भी पुलिसकर्मियों के खिलाफ दे सकते थे। जिस पर डीएसपी महेश ने कहा कि रिश्वत की शिकायत तभी क्यों नहीं की। परिजनों ने जवाब दिया कि वर्दी से तो भूत भी डरते हैं, हम शिकायत करने की हिम्मत कैसे कर सकते थे। अब जब पुलिस वालों ने सभी नियमों को ताक पर रख कर पीका की हत्या ही कर दी, तो इसकी शिकायत की है।
विज्ञापन
27 वर्षीय मृतक पीका उर्फ पीके हिसार का रहने वाला था। वह दो बेटियों का पिता था। परिजनों के मुताबिक वह पेशे से मजदूर था। उसके मादक तस्करी की अगली सुनवाई कोर्ट में 2 नवंबर की थी। शव का पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। परिजनों ने शव नहीं लिया है। बुधवार को कमेटी गठित कर आगामी निर्णय लिया जाएगा।
- डीएसपी नारायण चंद
पुलिस ने 19 अक्तूबर को किया था पीके सहित नौ आरोपियों को गिरफ्तार
पुलिस ने बताया था कि 19 अक्तूबर को रोहतक की सीआईए-3 ने दिल्ली-हिसार रोड पर जलेबी चौक पुल पर नाकाबंदी कर ट्रक से 90 किलो गांजापत्ती समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों की पहचान हिसार के गांव सुलचानी निवासी पीके, पुजारी, जीतपाल, जीवन, चतरपाल, रोशनी, रामकली, शकुंतला व संतोष के रूप में हुई थी। इसके अलावा पुलिस ने ट्रक चालक रसुरपुर जिला अलवर राजस्थान के मुकेश और क्लीनर झिझन जिला दोसा राजस्थान के बहादुर को भी गिरफ्तार किया था। सभी आरोपी हिसार के हैं। आरोपी बिहार से ट्रक में चटाइयों के बीच गांजापत्ती छिपाकर हिसार ले जा रहे थे। पूछताछ में बताया कि उन्हें हिसार और नारनौंद में नशीले पदार्थ की सप्लाई करनी थी। सभी आरोपियों को 20 अक्तूबर को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया था। सीआईए-3 प्रभारी कप्तान सिंह ने बताया था कि आरोपियों से चटाइयों में लिपटे कुल 90 किलो गांजापत्ती के पैकेट बरामद किए।