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क्रेन ठेकेदार व भगत सिंह पार्किंग का ठेका रद्द, आयुक्त बोले, बंदर व कुत्तों पर पूरा बजट नहीं हो सकता खर्च

Thu, 25 Feb 2021 02:10 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 25 Feb 2021 02:10 AM IST
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Crane contractor and Bhagat Singh parking contract canceled, commissioner said, full budget cannot be spent on monkeys and dogs
विकास भवन में बुधवार को नगर निगम बजट को लेकर हाउस की बैठक में शामिल मेयर,सीनियर डिप्टी मेयर पार्ष? - फोटो : RohtakCity
शहर की सरकार ने डेढ़ अरब का बजट मात्र 15 मिनट में पास कर दिया। 22 में से हाउस की मीटिंग में बजट पास करने पहुंचे 15 पार्षदों में से तीन को यह पता ही नहीं चला कि बजट कब और कैसे पास हुआ। समस्याओं का समाधान निकालने की बजाय किनारा करते हुए हाउस ने शहर की नो पार्किंग जोन से वाहन उठाने वाले क्रेन ठेकेेदार व किला रोड की भगत सिंह पार्किंग चला रहे ठेकेदार का ठेका रद्द कर दिया। किसी ने यह नहीं पूछा कि दोनों ठेके रद्द होने पर अगर ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई तो क्या कदम उठाए जाएंगे। साथ ही बिना पिंजरे व एक्सपर्ट के निगम आयुक्त ने शहर से बंदर पकड़ने व आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान का भरोसा दे दिया, लेकिन साथ में कहा कि सारा बजट बंदर व कुत्तों पर खर्च नहीं कर सकते। हाउस के अंदर वार्ड 11 के पार्षद कदम सिंह ने तो हाउस में समोसे के साथ चाय की चुस्की ले रहे अधिकारियों, पदाधिकारियों व पार्षदों को खरी-खरी सुनाई। बोले, शहर के लिए कुछ कीजिए, नहीं तो शहर की जनता आपको नाकाम हाउस के तौर पर याद रखेगी।
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निगम के मेयर व आयुक्त की ओर से दोपहर करीब 12 बजे बजट की मीटिंग का समय रखा था, लेकिन चंद पार्षद ही समय पर पहुंचे। इस दौरान मेयर मनमोहन गोयल, सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल व डिप्टी मेयर अनिल कुमार ही 10 मिनट देरी से हाउस में आए। चंद मिनट में हाउस में मौजूद पार्षदों ने बजट को हरी झंडी दे दी। किसी ने खुलकर बजट को लेकर ज्यादा सवाल नहीं किए। तत्काल निगम के कर्मचारियों ने चाय व समोसे पार्षदों के सामने रख दिए। पार्षद खाने में व्यस्त हो गए। इसी बीच वार्ड 11 से पार्षद कदम अहलावत अपनी सीट से उठे पार्षदों को जागने का प्रयास किया, कदम सिंह बोले, विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद निगम के फंड रोक दिए गए, कभी पूछा है किसके कहने पर रोके गए। आपको जमाना याद करेगा, कैसे पार्षद चुनकर हाउस में आए थे। काम करके नहीं गए। आप शहर के हालात देखिए। एक-एक गली में 20-20 आवारा कुत्ते घूम रहे हैं। रात को निकलना मुश्किल हो जाता है। बंदर पकड़ने के लिए सेक्टर 1 में पिंजरा लगाया तो पकड़े बंदरों की संख्या देखकर निगम के सफाई निरीक्षक बोले, सारे बंदर यहीं से पकड़े जाएंगे तो बाकी शहर का क्या होगा। यह कहकर पिंजरा उठवा दिया। बजट नहीं है तो उनसे मिले, जिनकी सरकार में चलती है। इसके लिए मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर व पार्षद साथ मिलकर प्रयास करें।
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शहर की समस्याओं का समाधान निकालने की बजाय किनारा करता आया नजर
नगर निगम हाउस में कई पार्षदों ने बंदर, आवारा कुत्तों, विकास शुल्क, टूटी सड़क, सफाई से लेकर दूसरी समस्याएं उठाई, लेकिन हाउस में ठोस मंथन की जगह ऐसे फैसले लिए गए, जिनसे साबित होता है कि अधिकारी व पदाधिकारी लोगों को राहत देने के लिए समाधान निकालने की बजाये किनारा करता नजर आया।
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बंदर : आयुक्त बोले निगम अब खुद पकड़ेगा बंदर, पिंजरे बनवा रहे
हाउस में कई पार्षदों ने बंदरों से आम लोगों को रही परेशानी का मुद्दा उठाया। निगम आयुक्त ने हाउस को बताया कि एक साल में 10 लाख के बंदर पकड़ने का टारगेट रखा गया था, लेकिन ठेकेदार ने एक माह में ही 8 लाख के बंदर पकड़ लिए। इस कारण निगम को ठेका रद्द करना पड़ा। अब निगम ने निर्णय लिया है कि कर्मचारी खुद बंदर पकड़ेंगे। इसके लिए पिंजरे बनवाए जा रहे हैं। खुलकर हाउस में चर्चा नहीं हुई कि निगम कर्मी बंदर पकड़ने में एक्सपर्ट नहीं हैं। ऐसे में कैसे बंदर पकड़े जाएंगे।
आवारा कुत्ते : पागल कुत्तों के लिए निगम खरीदेगा गन, आवारा कुत्तों के लिए केवल आश्वासन
हाउस में पार्षदों ने आवारा कुत्तों की समस्या रखी। कदम सिंह अहलावत ने कहा कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। जबकि वार्ड 6 के पार्षद सुरेश किराड़ ने कहा कि उसके वार्ड में पागल कुत्ते से काटने से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। निगम समस्या का समाधान निकाले। आयुक्त ने जवाब दिया कि पागल कुत्तों का इलाज पशु पालन विभाग ही कर सकता है। उनको गन खरीदकर दी जाएगी। जहां तक गली के कुत्तों का सवाल है, पहले एक करोड़ रुपये निगम खर्च कर चुका है। अब हाउस कहेगा तो फिर टेंडर लगा देंगे।
विकास शुल्क : टैक्स व बिल्डिंग ब्रांच एकमत नहीं, टुकड़ों में जमा होगा या नहीं
हाउस में पार्षदों ने सवाल किया कि विकास शुल्क के बिना निगम तहसील में संपत्ति हस्तांतरण से लेकर वसीयत तक के लिए एनओसी नहीं दे रहा है। अगर 500 गज के प्लॉट की 100-100 गज की पांच रजिस्ट्री हैं। साथ ही अलग-अलग प्रॉपर्टी आईडी बनी हुई हैं। फिर भी निगम 100 गज के प्लॉट की रजिस्ट्री के लिए 500 गज का विकास शुल्क मांग रहा है। ऐसे में लोग कैसे रजिस्ट्री करवाएं। निगम आयुक्त ने बिल्डिंग ब्रांच के एटीपी से पूछा, क्या टुकड़ों में विकास शुल्क लिया जा सकता है। एटीपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। तभी टैक्स ब्रांच के कर्मचारी ने कहा कि ऐसा संभव नहीं है। क्योंकि सॉफ्टवेयर में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। आखिर में तय हुआ कि हाउस सरकार को पत्र भेजकर टुकड़ों विकास शुल्क लेने की मांग करेगा।
अम्रुत प्रोजेक्ट : 8700 की जगह 11 हजार सीवरेज कनेक्शन जारी
निगम पार्षदों ने अम्रुत प्रोजेक्ट को लेकर हाउस में सवाल किए। वार्ड 10 के पार्षद राहुल देशवाल ने कहा कि उसके वार्ड में पेयजल लाइन तो बिछा दी, लेकिन कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं। लोग उनसे सवाल कर रहे हैं। जवाब में निगम की इंजीनियरिंग ब्रांच के अधिकारियों ने कहा कि प्रोजेक्ट के अंदर 8700 कनेक्शन मंजूर किए गए थे, लेकिन उन्होंने 11 हजार तक दे दिए हैं। अब किसी ने दो-दो कनेक्शन कर लिए हैं। ऐसे में वे क्या करें। पार्षद ने कहा कि निगम कार्रवाई क्यों नहीं करता। खुद मेयर मनमोहन गोयल ने बीच में कहा कि निगम प्रशासन गंभीरता से काम करे।
नो पार्किंग जोन व भगत सिंह पार्किंग : अब निगम को होगा हर माह 2 लाख 35 हजार का घाटा
निगम हाउस ने नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों को उठवाने के लिए दो क्रेन का ठेका 1 लाख 94 हजार प्रति माह में दिया हुआ है। जबकि भगत सिंह पार्किंग का ठेका 41 हजार रुपये प्रति माह में दिया है। जिस ठेकेदार के पास दोनों ठेके हैं, उसी के ग्रुप ने सिटी बस सेवा का ठेका लिया हुआ है। अब न केवल सिटी बस सेवा के ठेके की समीक्षा करनी होगी, बल्कि हर माह 2 लाख 35 हजार रुपये के घाटे को भी पूरा करना होगा। साथ ही ट्रैफिक जाम लगने पर आम लोगों के सवालों के जवाब भी देने होंगे।
खुराना, ढल व गुलशन को पता ही नहीं लगा कब हुआ बजट पास
नगर निगम की मीटिंग में वार्ड नंबर 1 से पार्षद कृष्ण सहरावत, 2 से सुमन सैनी, 4 से धर्मेंद्र गुलिया, 5 से गीता, 6 से सुरेश किराड़, 8 से सुनील कुमार, 10 से राहुल देशवाल, 11 से कदम सिंह, 13 से कंचन खुराना, 14 से राधेश्याम ढल, 15 से गुलशन ईशपुनियानी, 16 से डिंपल जैन, 17 से सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल, 20 से पूनम किलोई व 21 से डिप्टी मेयर अनिल कुमार पहुंचे। हाउस में 22 में से सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर सहित 15 पार्षद पहुंचे। उनमें से 12 ने ही आते ही बजट पास कर लिया। महिला पार्षद कंचन खुराना, राधेश्याम ढल व गुलशन ईशपुनियानी कुछ देरी से हाउस में पहुंचे। तब तक बजट पास हो चुका था। मीटिंग के बाद कंचन खुराना ने मेयर व आयुक्त से सवाल भी किए, लेकिन आयुक्त ने कहा कि बजट तो पास हो चुका है। आपके सुझावों पर भी विचार करेंगे।
पब्लिक हेल्थ, पीडब्ल्यूडी, हुडा व पशुपालन विभाग से होगी मीटिंग
हाउस में पार्षदों ने सीवरेज, पेयजल, सड़क, हुडा व पशुपालन विभाग से जुड़ी समस्याएं रखी। जवाब में निगम आयुक्त ने कहा कि सभी विभागों के अधिकारियों से एक-एक दिन मीटिंग कर ली जाए। संभव हुआ तो 2 मार्च के बाद मीटिंग शुरू होंगी। केंद्र सरकार की योजना के तहत निगम पब्लिक हेल्थ के साथ मिलकर सीवरेज की समस्याओं का समाधान करवाएगा। इसे सफाई मित्र योजना का नाम दिया गया है, जिसके लिए अलग से कंट्रोल रूम होगा। 14420 पर डायल करने पर आम लोगों को फोन करना होगा।
पार्षद चाहते हैं कि ठेकेदार उनके व उनके चहेतों के नो पार्किंग जोन में खड़े वाहन न जब्त किए जाएं। जबकि नियम सबके लिए बराबर हैं। इस कारण पार्षदों ने जानबूझ कर ठेका रद्द करवा दिया है। दूसरा, भगत सिंह पार्किंग को लेकर हर माह घाटा हो रहा है। फिर भी एक साल के लिए ठेका चलाने की मंशा रखते हैं। अगर निगम ठेका रद्द करता है तो कोई आपत्ति नहीं।
- लखपत, ठेकेदार भगत सिंह पार्किंग
निगम के कर्मचारी जिम्मेदारी से काम नहीं करते। काम को टाला जाता है। इस कारण आम आदमी को दिक्कत आती है। बजट का जहां तक सवाल है, अगर निगम तय टारगेट पूरा करता तो कामयाबी मिलेगी, नहीं तो आम आदमी को ज्यादा उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

- मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम
निगम के पास बजट के सीमित संसाधन हैं। अब बंदर व कुत्तों पर ही पूरा बजट खर्च नहीं किया जा सकता है। पिछले साल विकास कार्यों पर 75 लाख रुपये तय किए थे, लेकिन इस बार बजट दोगुना कर दिया है। नो पार्किंग जोन व भगत सिंह पार्किंग का ठेका रद्द करने का सवाल है, इसका जवाब हाउस देगा।
- प्रदीप गोदारा, आयुक्त, नगर निगम
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