फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Counting carbohydrates can prevent complications of diabetes in children: Dr. Khare

कार्बोहाइड्रेट की गिनती से बच्चों में मधुमेह की जटिलताओं को रोका जा सकेगा : डॉ. खरे

Tue, 25 Jun 2024 11:50 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2024 11:50 PM IST
विज्ञापन
Counting carbohydrates can prevent complications of diabetes in children: Dr. Khare
रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट की ओर से प्रकार-। मधुमेह को नेविगेट करने के विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यक्रम हुआ। इसमें नोडल अधिकारी व बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. सिम्मी खरब व पीडियाट्रिक विभाग से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अंजली वर्मा रहीं।
विज्ञापन

डॉ अंजली वर्मा ने मधुमेह के प्रबंधन में कार्बोहाइड्रेट गणना के महत्व को बताया। इस एक दिवसीय सेमिनार में मुख्य अतिथि डॉ. एसएस लोहचब रहे। उन्होंने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम जो कि सरल भाषा में मधुमेह पीड़ित बच्चों के माता-पिता को स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। मुख्य वक्ता के रूप में दीनानाथ मंगेशकर और केईएम अस्पताल पुणे से डॉ. अरूणधती खरे रहीं। उन्होंने बताया कि किस तरह से मधुमेह पीड़ित बच्चों के आहार को हर एक दिन जांच कर और मात्रा को नाप कर दें तो उनके मधुमेह को संतुलित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कार्बोहाइड्रेट हमारी आहार का प्रमुख हिस्सा है। इसके खाने से ब्लड शुगर बढ़ता है, लेकिन ये खाने में भी अत्यंत आवश्यक भी है। टाइप वन की मधुमेह की मैनेजमेंट में कार्बोहाइड्रेट काउंटिंग का अर्थ है कि हमारे भोजन में कितने ग्राम कार्बोहाइड्रेट है और बच्चों के शरीर को कितनी इंसुलिन की आवश्यकता है।
विज्ञापन

डॉ. अंजली वर्मा ने बताया कि कार्बोहाइड्रेट की गिनती से हाइपरग्लेसेमिया और हाइपोग्लाइसीमिया की घटनाओं और बच्चों में मधुमेह की भविष्य की जटिलताओं को रोका जा सकेगा। नियमित कार्बोहाइड्रेट गिनती करने से, बच्चा अपने रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में आत्मनिर्भर बन सकता है। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. रवीना ने की। इस कार्यक्रम में 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसमें मधुमेह पीड़ित बच्चों के माता-पिता के साथ-साथ पीजीआईएमएस सहित अन्य मेडिकल कॉलेजों के प्रोफेसर, चिकित्सक व डाइटिसियन भी शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed