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नुक्कड़ नाटक से गिनाए निजीकरण के नुकसान

Wed, 02 Feb 2022 01:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 02 Feb 2022 01:39 AM IST
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Count the disadvantages of privatization through street plays
नाटक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को उठाते कलाकार। अमर उजाला
रोहतक। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका यूनियन का मानदेय समेत अन्य मांगों को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। मानसरोवर पार्क में हड़ताल पर बैठी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ रोष जताया। यहां कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के जरिये निजीकरण के नुकसान समझाए। इधर, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे और यहां मांगों को विधानसभा में उठाने का आश्वासन दिया।
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मानसरोवर पार्क में नाटक मंचन करते हुए कलाकारों ने महंगाई, बेरोजगारी, बिगड़ती अर्थव्यवस्था व निजीकरण मुद्दों पर कटाक्ष किया। साथ ही कलाकारों ने सरकार की पाबंदियों व आंदोलनों को कुचलने के लिए पुलिस बल के साथ अपनाए जा रहे हथकंडों को गलत ठहराते हुए सरकार से आमजन की बात सुनने की अपील की। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन की प्रदेश महासचिव पुष्पा दलाल ने कहा कि सरकार अरसे से हमारी मांगों को अनसुना कर रही है। जबकि इस संबंध में घोषणा खुद सरकार ने की थी। इस वजह से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं आंदोलन जारी रहेगा। इधर, नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा मानसरोवर पार्क पहुंचे। यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी समस्या जानी। उन्होंने कहा कि 55 दिनों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हड़ताल कर रही हैं। सरकार खुद की घोषणाओं को भी लागू करने के लिए तैयार नहीं है। आंदोलनकारियों के खिलाफ चिरपरिचित दमनकारी नीति अपनाते हुए सरकार ने कई जिलों में मामले दर्ज कर लिए हैं। इसके अलावा 50 कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। यह अन्याय है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जायज मांगों को लेकर आंदोलन करना हर नागरिक का अधिकार है। सरकार इस पर अंकुश नहीं लगता सकती। सरकार को आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी केस वापस लेकर हटाए गए कर्मचारियों की सेवाओं को बहाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों को विधानसभा के आने वाले सत्र में उठाने का आश्वासन दिया।
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