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कोरोनो वायरस - पीजीआई में टीम अलर्ट, संभावित मरीजों के लिए लगाई एंबुलेंस

Fri, 31 Jan 2020 01:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jan 2020 01:18 AM IST
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Corono Virus - Team Alert at PGI, Ambulance set up for potential patients
कोरोना वायरस ने प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की भी नींद उड़ा दी है। विभाग के लिए मेडिकल गाइडलाइन के अनुसार आइसोलेशन वार्ड, वेंटिलेटरों की संख्या, ट्रेंड डॉक्टर व स्टाफ उपलब्ध करवाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। क्योंकि सामान्य मरीजों के उपचार में ही विभाग के पास डॉक्टरों की कमी है। वेंटिलेटर की कमी तो दूर जिला अस्पतालों में आईसीयू चलाने के लिए पर्याप्त स्टाफ तक नहीं है। बात आईसोलेशन वार्ड की करें तो यह डब्ल्यूएचओ की गाइड लाइन से कोसों दूर हैं।
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वहीं पीजीआईएमएस के निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव ने कोरोना वायरस की तैयारियों को लेकर कहा कि उन्होंने पीसीसीएम विभागाध्यक्ष डॉ. ध्रुव चौधरी को नोडल अधिकारी बनाया है। दावा किया कि मेडिसन, पीडियाट्रिक्स, माइक्रोबायोलॉजी, एनेस्थिसिया विभाग की टीम भी मरीजों के लिए तैयार रहेगी। फिलहाल ब्लाक सी को कोरोना वायरस के मरीजों व आशंकित मरीजाें के लिए रिजर्व किया गया है। हमारे पास सुरक्षा किट और मास्क उपलब्ध हैं। इसके अलावा यदि जरूरत पड़ती है तो हमारा सप्लायरों से रेट कांट्रेक्ट है, वह सारा सामान उपलब्ध कराएंगे। यदि मरीजों की संख्या बढ़ती है तो स्पेशल वार्ड को हम प्रयोग में ला सकते हैं। वहीं स्वास्थ्य अधिकारियों ने कोरोना वायरस संभावित व पाजिटिव मरीजों को लाने व ले जाने के लिए अलग से एंबुलेंस व स्टाफ की ड्यूटी लगा दी है। इनका पूरा स्टाफ सुरक्षा उपकरणों से लैस होगा। इस एंबुलेंस में सामान्य मरीजों को लाने व ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
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जिला अस्पताल तो दूर पीजीआई में आइसोलेशन रूमों की कमी
केरल में एक पाजिटिव मिलने से समस्या और बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग के अलर्ट के बाद आमजन ही नहीं डॉक्टर भी परेशान हैं कि मरीज तो दूर वह स्वयं वायरस से कैसे अपना बचाव करेंगे। बात प्रदेश के सबसे बडे़ चिकित्सा संस्थान की करें तो यहां स्वाइन फ्लू का उपचार करने वाले डॉक्टर व स्टाफ मरीजों का उपचार करते-करते स्वयं संक्रमित हो जाते हैं। इससे बचाव के लिए वैक्सीन तो थी, लेकिन कोरोना वायरस से बचाव के लिए फिलहाल बचाव ही उपाय है। इसके लिए जिला स्तर पर सिविल सर्जनों ने अपने अधिकारियों को ब्लक में एन-95 मास्क व पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट किट खरीदने के निर्देश दे दिए हैं। लेकिन विभागीय सूत्र बताते हैं कि इनकी बाजार में भारी कमी हो गई है। सुरक्षा उपकरणों की डिमांड बढ़ने से इनकी कमी हो गई है। चिकित्सा क्षेत्र से जुडे़ एक्सपर्ट स्वयं मानते हैं कि जिला अस्पताल तो दूर पीजीआईएमएस में भी आइसोलेशन रूमों की सुविधा नहीं है। यहां पहले ही आईसीयू ओवर लोड चलते हैं और मरीजों को निजी अस्पताल का रुख करना पड़ता है।
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