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कोरोना ने पकड़ी रफ्तार 412 संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग ने की 239 की पुष्टि
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रोहतक। कोरोना का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। संक्रमितों की संख्या भी गुणात्मक रूप में बढ़ोतरी हो रही है। इसके विपरीत स्वास्थ्य विभाग की नजर में संक्रमण कम है। ये हम नहीं खुद स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बता रहे हैं। पीजीआई की लैब और स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में 150 से 200 मरीजों का अंतर है। ये आंकड़े कई सवाल खड़े कर रहे हैं। जिले में शनिवार को 3 वर्ष के बच्चे व 34 विद्यार्थियों समेत 412 संक्रमित केस सामने आए हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने 239 मरीजों के संक्रमित होने की पुष्टि की है। इसके बाद संक्रमितों की संख्या 1027 पर पहुंच गई है।
जानकारी के मुताबिक, पीजीआई की लैब में शुक्रवार को दिन भर लैब में कोरोना सैंपल जांचे गए। संस्थान की लैब में 3000 हजार से ज्यादा सैंपलों की जांच की गई। इन सैंपलों में से रोहतक व झज्जर जिले के 580 सैंपलों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। इनमें से 275 केस पीजीआई व 137 जिला स्वास्थ्य विभाग के हैं। ये कुल केस 412 बनते हैं, जबकि सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से शनिवार को जारी रिपोर्ट में केवल 239 केसों की ही पुष्टि की है।
उधर, सिविल सर्जन कार्यालय से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को तीन वर्ष का बच्चा व 34 विद्यार्थियों समेत 239 नये संक्रमित मिले हैं। इसके साथ ही जिले में संक्रमितों का आंकड़ा 1027 संक्रमित पहुंच गया है। इनमें से 4 मरीज अस्पताल व शेष घरों में एकांतवास में उपचाराधीन हैं। विभाग ने दिन भर में1716 लोगों के सैंपल लिये। इनमें से 1282 की आरटीपीसीआर व 434 की रेपिड एंटीजन जांच की गई। इसके अलावा 468 को अपनी रिपोर्ट का इंतजार है। महामारी की संक्रमण दर 4.26 प्रतिशत व सुधार की दर 94.08 प्रतिशत है।
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विभाग ने 4010 को लगाई वैक्सीन
स्वास्थ्य विभाग का टीकाकरण अभियान रफ्तार है। इसी कड़ी में शनिवार को 4010 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। इनमें से 1658 को पहली व 2352 को दूसरी डोज लगाई गई। विभाग जिले में अब तक 1442910 वैक्सीन डोज लगा चुका है। इसके साथ ही 15 से 18 वर्ष तक के 25364 किशोर व किशोरियों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
24 चिकित्सकों समेत 73 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित
कोरोना के प्रकोप से पीजीआई के स्वास्थ्यकर्मी भी अछूते नहीं हैं। यहां शनिवार को 73 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित मिले हैं। इनमें से 24 चिकित्सक हैं। शेष में नर्सिंग स्टाफ, विद्यार्थी, लिपिक व अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
कोट
कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जिले में 1000 से ज्यादा संक्रमित केस हैं। लोगों को कोविड नियमों को पालन करते हुए सतर्क रहने की जरूरत है। कोरोना संक्रमितों के आंकड़े सही है। पीजीआई के प्रदेश भर से मरीज आते हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग लैब से जारी रिपोर्ट के आधार पर संक्रमितों से संपर्क कर उनकी पुष्टि के बाद ही रिपोर्ट जारी करता है। इसमें समय थोड़ा लगता है।
-डॉ. जेएस पुनिया, सिविल सर्जन।
एमडीयू का विद्यार्थी संक्रमित, छात्रावास खाली करने के नोटिस पर हंगामा
रोहतक। पीजीआई से सटे एमडीयू कैंपस में भी कोरोना पहुंच चुका है। यहां छात्रावास में एक विद्यार्थी कोरोना संक्रमित पाया गया है। इसके चलते विवि प्रशासन ने छात्रावास खाली करने व मेस बंद करने का आदेश जारी कर दिया। शनिवार को छात्रावास की दीवार पर यह नोटिस चस्पा देख विद्यार्थी बिफर पड़े। इनसो व एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलपति निवास का घेराव कर रोष प्रदर्शन किया। विवि प्रशासन के छात्रावास खाली कराने के निर्देशों को लेकर नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन के बाद विवि प्रशासन ने नोटिस वापस लेने का आश्वासन दिया। इसके बाद विद्यार्थी लौटे।
इनसो एमडीयू प्रभारी प्रदीप शर्मा ने कहा कि एमडीयू अधिकारियों ने हॉस्टल खाली करने के आदेश जारी किए गए हैं। यह गलत है। इसीलिए विद्यार्थी कुलपति निवास का घेराव करने निकले हैं। इधर, एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने भी कुलपति निवास के बाहर प्रदर्शन किया। एमडीयू अध्यक्ष एवं परिषद के प्रदेश सह मंत्री सन्नी नारा ने कहा कि नीलकंठ हॉस्टल का एक छात्र कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इसे लेकर हॉस्टल के वार्डन ने हॉस्टल एवं मेस बंद करने का नोटिस लगा दिया। इसे लेकर छात्रों ने अपना विरोध जताते हुए कुलपति निवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना था कि हॉस्टल का एक छात्र करोना पॉजिटिव मिला है। इस छात्र का इलाज विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी बनती है। हॉस्टल को पूर्ण रूप से सैनिटाइज कराया जाए। पूरे हॉस्टल को बंद कराने का नोटिस जारी करना गलत है। डिप्टी चीफ वार्डन डॉ. राहुल रिषी ने उनकी समस्या सुनी व उन्हें हॉस्टल और मेस खुला रहने का विश्वास दिलाया। इस मौके पर अनेक विद्यार्थी मौजूद रहे।
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जानकारी के मुताबिक, पीजीआई की लैब में शुक्रवार को दिन भर लैब में कोरोना सैंपल जांचे गए। संस्थान की लैब में 3000 हजार से ज्यादा सैंपलों की जांच की गई। इन सैंपलों में से रोहतक व झज्जर जिले के 580 सैंपलों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। इनमें से 275 केस पीजीआई व 137 जिला स्वास्थ्य विभाग के हैं। ये कुल केस 412 बनते हैं, जबकि सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से शनिवार को जारी रिपोर्ट में केवल 239 केसों की ही पुष्टि की है।
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उधर, सिविल सर्जन कार्यालय से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को तीन वर्ष का बच्चा व 34 विद्यार्थियों समेत 239 नये संक्रमित मिले हैं। इसके साथ ही जिले में संक्रमितों का आंकड़ा 1027 संक्रमित पहुंच गया है। इनमें से 4 मरीज अस्पताल व शेष घरों में एकांतवास में उपचाराधीन हैं। विभाग ने दिन भर में1716 लोगों के सैंपल लिये। इनमें से 1282 की आरटीपीसीआर व 434 की रेपिड एंटीजन जांच की गई। इसके अलावा 468 को अपनी रिपोर्ट का इंतजार है। महामारी की संक्रमण दर 4.26 प्रतिशत व सुधार की दर 94.08 प्रतिशत है।
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विभाग ने 4010 को लगाई वैक्सीन
स्वास्थ्य विभाग का टीकाकरण अभियान रफ्तार है। इसी कड़ी में शनिवार को 4010 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। इनमें से 1658 को पहली व 2352 को दूसरी डोज लगाई गई। विभाग जिले में अब तक 1442910 वैक्सीन डोज लगा चुका है। इसके साथ ही 15 से 18 वर्ष तक के 25364 किशोर व किशोरियों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
24 चिकित्सकों समेत 73 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित
कोरोना के प्रकोप से पीजीआई के स्वास्थ्यकर्मी भी अछूते नहीं हैं। यहां शनिवार को 73 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित मिले हैं। इनमें से 24 चिकित्सक हैं। शेष में नर्सिंग स्टाफ, विद्यार्थी, लिपिक व अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
कोट
कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जिले में 1000 से ज्यादा संक्रमित केस हैं। लोगों को कोविड नियमों को पालन करते हुए सतर्क रहने की जरूरत है। कोरोना संक्रमितों के आंकड़े सही है। पीजीआई के प्रदेश भर से मरीज आते हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग लैब से जारी रिपोर्ट के आधार पर संक्रमितों से संपर्क कर उनकी पुष्टि के बाद ही रिपोर्ट जारी करता है। इसमें समय थोड़ा लगता है।
-डॉ. जेएस पुनिया, सिविल सर्जन।
एमडीयू का विद्यार्थी संक्रमित, छात्रावास खाली करने के नोटिस पर हंगामा
रोहतक। पीजीआई से सटे एमडीयू कैंपस में भी कोरोना पहुंच चुका है। यहां छात्रावास में एक विद्यार्थी कोरोना संक्रमित पाया गया है। इसके चलते विवि प्रशासन ने छात्रावास खाली करने व मेस बंद करने का आदेश जारी कर दिया। शनिवार को छात्रावास की दीवार पर यह नोटिस चस्पा देख विद्यार्थी बिफर पड़े। इनसो व एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलपति निवास का घेराव कर रोष प्रदर्शन किया। विवि प्रशासन के छात्रावास खाली कराने के निर्देशों को लेकर नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन के बाद विवि प्रशासन ने नोटिस वापस लेने का आश्वासन दिया। इसके बाद विद्यार्थी लौटे।
इनसो एमडीयू प्रभारी प्रदीप शर्मा ने कहा कि एमडीयू अधिकारियों ने हॉस्टल खाली करने के आदेश जारी किए गए हैं। यह गलत है। इसीलिए विद्यार्थी कुलपति निवास का घेराव करने निकले हैं। इधर, एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने भी कुलपति निवास के बाहर प्रदर्शन किया। एमडीयू अध्यक्ष एवं परिषद के प्रदेश सह मंत्री सन्नी नारा ने कहा कि नीलकंठ हॉस्टल का एक छात्र कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इसे लेकर हॉस्टल के वार्डन ने हॉस्टल एवं मेस बंद करने का नोटिस लगा दिया। इसे लेकर छात्रों ने अपना विरोध जताते हुए कुलपति निवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना था कि हॉस्टल का एक छात्र करोना पॉजिटिव मिला है। इस छात्र का इलाज विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी बनती है। हॉस्टल को पूर्ण रूप से सैनिटाइज कराया जाए। पूरे हॉस्टल को बंद कराने का नोटिस जारी करना गलत है। डिप्टी चीफ वार्डन डॉ. राहुल रिषी ने उनकी समस्या सुनी व उन्हें हॉस्टल और मेस खुला रहने का विश्वास दिलाया। इस मौके पर अनेक विद्यार्थी मौजूद रहे।