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ठेकेदार ने 11 हजार रुपये जमा करवाकर छुड़वाई क्रेन

Wed, 28 Oct 2020 01:11 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2020 01:11 AM IST
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रोहतक। क्रेन ठेकेदार व वकीलों के बीच हुआ विवाद सुलझ गया है। ठेकेदार ने 11 हजार रुपये बार सचिव के पास जमा करवाकर मंगलवार को क्रेन छुड़वा ली। साथ ही लिखकर दिया कि वे अब पूरे शहर में वकील का स्टीकर लगी गाड़ी नहीं उठाएंगे। अगर बिना स्टीकर लगी गाड़ी उठा ली तो वकील का कार्ड दिखाने पर बिना जुर्माने के छोड़ देंगे। पूर्व प्रधान उमेश भारद्वाज का कहना है कि जिन वकीलों की गाड़ी उठाई गई वे अपनी जुर्माना रसीद दिखाकर पैसे वापस ले सकते हैं।
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21 अक्तूबर को जिला बार के वकील नरेंद्र प्रताप गोहाना अड्डे पर गए थे, जहां उसकी गाड़ी ठेकेदार की टीम ने क्रेन से उठा ली। वकील का आरोप था कि क्रेन ड्राइवर, होमगार्ड व अन्य ने जान से मारने की धमकी दी और अभद्र व्यवहार किया। वकीलों ने ठेकेदार की क्रेन कोर्ट परिसर में खड़ी करवा ली थी। अगले दिन एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर वकीलों ने पूर्व प्रधान उमेश भारद्वाज व बार सचिव पुनित पुनिया के नेतृत्व में कोर्ट परिसर के बाहर रोड जाम कर दिया था। डीएसपी मुख्यालय गोरखपाल राणा ने जब एफआईआर की कॉपी वकीलों को दिखाई, जब वकीलों ने जाम खोला था। पुलिस की जांच जहां अधूरी है, वहीं क्रेन को वकीलों ने मंगलवार को छोड़ दिया।
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ठेकेदार ने लिखकर दिया, पूरे शहर में कहीं से भी वकील की गाड़ी नहीं उठाएंगे
ठेकेदार मंगलवार को वकीलों के पास पहुंचे। दोनों पक्षों में सहमति बन गई। बार के पूर्व प्रधान ने बताया कि ठेकेदार अजय हुड्डा व लखपत ने लिखकर पत्र दिया है कि वे अब वकील की गाड़ी नहीं उठाएंगे। अगर गाड़ी पर स्टीकर नहीं होगा तो आई कार्ड दिखाने पर बिना जुर्माने के गाड़ी छोड़ देंगे। साथ ही आज तक वकीलों की गाड़ी उठाने पर लिया गए जुर्माने के चलते 11 हजार रुपये देते हैं। यह ठेका भीष्म शर्मा के नाम से हैं, जिसका संचालन अजय हुड्डा व लखपत करते हैं।
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मंगलवार को जिला बार की तरफ से क्रेन छोड़ी गई है। मेरे साथ जो हुआ, उसकी एफआईआर थाने में दर्ज है। यह क्रेन से अलग मामला है।
-एडवोकेट नरेंद्र प्रताप, जिला बार।
शासन व प्रशासन ने मामले में कोई साथ नहीं दिया। जबकि हम अपना काम कर रहे थे। घर से पैसे लगाकर ठेका लिया था। अब ऐसे हालात में क्या करते। लिखकर दे दिया कि वकीलों की गाड़ी नहीं उठाएंगे।

-लखपत, क्रेन ठेकेदार, नगर निगम।
वकीलों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। ठेकेदार ने लिखित में दिया है कि वह अब आगे वकीलों की पूरे शहर में कहीं से भी किसी भी परिस्थिति में गाड़ी नहीं उठाएगा। साथ ही अब तक वकीलों से जो जुर्माना वसूला है, उसके लिए 11 हजार रुपये दिए हैं। जिस वकील की ठेकेदार ने गाड़ी उठाई, वह रसीद दिखाकर जुर्माना राशि वापस ले जा सकता है। पैसे बार के निवर्तमान सचिव पुनित पुनिया के पास रखे हैं।
-उमेश भारद्वाज, पूर्व प्रधान, जिला बार।
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