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Rohtak News: बिजली संशोधन बिल के खिलाफ उपभोक्ता मंच ने किया प्रदर्शन
Sat, 13 Jul 2024 06:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 13 Jul 2024 06:00 AM IST
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-फोटो 57 : शहर में छोटूराम धर्मशाला के नजदीक प्रदर्शन करते मंच पदाधिकारी।
बहादुरगढ़। बिजली संशोधन बिल 2023, बिजली क्षेत्र के निजीकरण, स्मार्ट व प्रीपेड मीटर लगाने तथा बिजली बिलों में मनमानी वृद्धि करने के खिलाफ ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर एसोसिएशन के 12 जुलाई को अखिल भारतीय विरोध दिवस आयोजित करने के आह्वान पर बहादुरगढ़ के बिजली उपभोक्ता मंच ने छोटूराम धर्मशाला के नजदीक प्रदर्शन किया।
बिजली उपभोक्ता मंच, हरियाणा संबंधित ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर एसोसिएशन, की लोकल इकाई के सचिव लालजी ने बताया कि केंद्र व राज्यों की सरकारें बिजली जैसी मूलभूत जरूरत को भी मुनाफाखोर प्राइवेट कंपनियां के हवाले करने पर आमादा हैं। प्राइवेट कंपनियों के हाथों में जाने के बाद बिजली बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी होगी। जिससे बिजली आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाएगी। बिजली कानून 2003 के जरिए बिजली उत्पादन का क्षेत्र प्राइवेट कंपनियों के लिए खोल दिया गया था। उसी का नतीजा है कि बिजली उत्पादन का 50 प्रतिशत निजी कंपनियों के कब्जे में आ चुका है।
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी ने कहा कि बिजली संशोधन बिल 2023 को रद्द करने की मांग संयुक्त किसान मोर्चा के घटक सभी किसान संगठनों की एक प्रमुख मांग है। निजी कंपनियों की सुविधा के लिए ही स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिनको कभी भी प्रीपेड मोड में बदला जा सकता है। प्रदर्शन में सुनीता, सावित्री, शकुंतला, रामकुमार, रामधन, भारत, लालजी, जयकरण, नीरज तथा अंकित आदि ने भाग लिया।
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-फोटो 57 : शहर में छोटूराम धर्मशाला के नजदीक प्रदर्शन करते मंच पदाधिकारी।
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बिजली उपभोक्ता मंच, हरियाणा संबंधित ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर एसोसिएशन, की लोकल इकाई के सचिव लालजी ने बताया कि केंद्र व राज्यों की सरकारें बिजली जैसी मूलभूत जरूरत को भी मुनाफाखोर प्राइवेट कंपनियां के हवाले करने पर आमादा हैं। प्राइवेट कंपनियों के हाथों में जाने के बाद बिजली बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी होगी। जिससे बिजली आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाएगी। बिजली कानून 2003 के जरिए बिजली उत्पादन का क्षेत्र प्राइवेट कंपनियों के लिए खोल दिया गया था। उसी का नतीजा है कि बिजली उत्पादन का 50 प्रतिशत निजी कंपनियों के कब्जे में आ चुका है।
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ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी ने कहा कि बिजली संशोधन बिल 2023 को रद्द करने की मांग संयुक्त किसान मोर्चा के घटक सभी किसान संगठनों की एक प्रमुख मांग है। निजी कंपनियों की सुविधा के लिए ही स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिनको कभी भी प्रीपेड मोड में बदला जा सकता है। प्रदर्शन में सुनीता, सावित्री, शकुंतला, रामकुमार, रामधन, भारत, लालजी, जयकरण, नीरज तथा अंकित आदि ने भाग लिया।
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-फोटो 57 : शहर में छोटूराम धर्मशाला के नजदीक प्रदर्शन करते मंच पदाधिकारी।