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कांग्रेस ने साजिश के तहत किया प्रदेश की जनता से धोखा: अभिमन्यु
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 03 Apr 2016 02:15 AM IST
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वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु
- फोटो : caption abhimanu
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वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी की नीयत ठीक नहीं थी, जिसके चलते उसने जनता के साथ धोखा किया और अपने दूसरे कार्यकाल के आखिरी दिनों में आरक्षण दिया। कांग्रेस हरियाणा की जनता को जवाब दे कि उसने आरक्षण में कमियां क्यों छोड़ी, जिसके कारण उसे चुनौती मिली और न्यायालय में खारिज कर दिया गया। मंत्री शनिवार को सिंचाई विश्राम गृह में जनसमस्याएं सुनने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
कैप्टन ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ईमानदार सोच के साथ आरक्षण देने का काम किया है। सरकार ने पूरे हरियाणा के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसला किया है ताकि किसी के साथ विश्वासघात न हो। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सही मायने में आरक्षण देना चाहती तो उसके पास 10 साल थे, लेकिन अपने निजी हितों के खातिर दूसरे कार्यकाल के अंतिम दिनों में दिया और वह भी आधा अधूरा। वित्त मंत्री ने प्रदेश में हिंसक आंदोलन को एक साजिश करार देते हुए कहा कि आरक्षण उपद्रव केवल कांग्रेस पार्टी के विधायकों के क्षेत्रों में ही क्यों हुआ। यह सब पूरी साजिश के साथ किया गया काम है, जिसकी परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। आरक्षण की आड़ में पूरे प्रदेश को बर्बाद करने की कोशिश की गई है।
ऐसी कायरता तो राक्षस भी नहीं करता
कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि मुख्यमंत्री से विभिन्न संगठनों की बातचीत के बाद 31 मार्च तक आरक्षण आंदोलन स्थगित करने की घोषणा के बाद भी आंदोलन खत्म क्यों नहीं हुआ और कैसे हिंसक हो गया, बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि सोची समझी साजिश के तहत हरियाणा के लोगों को हिंसक आंदोलन में झोंका गया। बच्चों और औरतों को मारने की कोशिश की गई, जो एक राक्षस भी नहीं करता।
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सर्वसम्मति से बनाया है आरक्षण का कानून
वित्त मंत्री ने कहा कि किसी एक व्यक्ति की राय पूरे हरियाणा के लोगों के हितों को ध्यान में रखकर सर्वसम्मति से बनाए गए आरक्षण विधेयक से ऊपर नहीं है। सांसद राजकुमार सैनी द्वारा दिए गए बयान को लेकर पूछे सवाल पर उन्होंने कहा कि हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान पास हुआ आरक्षण बिल सभी जातियों के लिए है। एक ही बिल में सभी जातियों का ध्यान रखा गया है। आरक्षण बिल में न केवल एक नई श्रेणी बनाई गई है बल्कि दूसरी श्रेणियों का प्रतिशत भी बढ़ाया गया हैं। नई बीसी-सी श्रेणी बनाकर 6 जातियों को आरक्षण दिया गया है, वहीं बीसी-ए, बीसी-बी व ईबीपी श्रेणियों का आरक्षण प्रतिशत भी बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण कानून को विधानसभा में सर्वसम्मति से बनाया गया है।
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कांग्रेस का नहीं है हरियाणा के मुद्दों से कोई सरोकार
कैप्टन अभिमन्युु ने कहा कि कांग्रेस का हरियाणा से जुड़े मुद्दों से कोई सरोकार नहीं रह गया है। कांग्रेस का अहम प्रदेश की जनता की भलाई, विधानसभा और यहां तक विधानसभा के नियमों से भी ऊपर हो गया है। विधानसभा के इतिहास में पहली बार किसी दल विशेष ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान अनुशासनहीनता की और उसकी प्रतियां भी फाड़ी। कांग्रेस विधायकों का निलंबन वापस होने के बाद भी उन्होंने प्रदेश की जनता से जुड़े एसवाईएल के अहम मुद्दे पर भी सदन के साथ आने की कोशिश नहीं की। इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस की पहले से ही विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने की मंशा नहीं थी। कांग्रेस न तो लोकतंत्र के मंदिर में जाने लायक है और न ही जनता का सामना करने लायक।
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कैप्टन ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ईमानदार सोच के साथ आरक्षण देने का काम किया है। सरकार ने पूरे हरियाणा के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसला किया है ताकि किसी के साथ विश्वासघात न हो। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सही मायने में आरक्षण देना चाहती तो उसके पास 10 साल थे, लेकिन अपने निजी हितों के खातिर दूसरे कार्यकाल के अंतिम दिनों में दिया और वह भी आधा अधूरा। वित्त मंत्री ने प्रदेश में हिंसक आंदोलन को एक साजिश करार देते हुए कहा कि आरक्षण उपद्रव केवल कांग्रेस पार्टी के विधायकों के क्षेत्रों में ही क्यों हुआ। यह सब पूरी साजिश के साथ किया गया काम है, जिसकी परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। आरक्षण की आड़ में पूरे प्रदेश को बर्बाद करने की कोशिश की गई है।
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ऐसी कायरता तो राक्षस भी नहीं करता
कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि मुख्यमंत्री से विभिन्न संगठनों की बातचीत के बाद 31 मार्च तक आरक्षण आंदोलन स्थगित करने की घोषणा के बाद भी आंदोलन खत्म क्यों नहीं हुआ और कैसे हिंसक हो गया, बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि सोची समझी साजिश के तहत हरियाणा के लोगों को हिंसक आंदोलन में झोंका गया। बच्चों और औरतों को मारने की कोशिश की गई, जो एक राक्षस भी नहीं करता।
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सर्वसम्मति से बनाया है आरक्षण का कानून
वित्त मंत्री ने कहा कि किसी एक व्यक्ति की राय पूरे हरियाणा के लोगों के हितों को ध्यान में रखकर सर्वसम्मति से बनाए गए आरक्षण विधेयक से ऊपर नहीं है। सांसद राजकुमार सैनी द्वारा दिए गए बयान को लेकर पूछे सवाल पर उन्होंने कहा कि हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान पास हुआ आरक्षण बिल सभी जातियों के लिए है। एक ही बिल में सभी जातियों का ध्यान रखा गया है। आरक्षण बिल में न केवल एक नई श्रेणी बनाई गई है बल्कि दूसरी श्रेणियों का प्रतिशत भी बढ़ाया गया हैं। नई बीसी-सी श्रेणी बनाकर 6 जातियों को आरक्षण दिया गया है, वहीं बीसी-ए, बीसी-बी व ईबीपी श्रेणियों का आरक्षण प्रतिशत भी बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण कानून को विधानसभा में सर्वसम्मति से बनाया गया है।
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कांग्रेस का नहीं है हरियाणा के मुद्दों से कोई सरोकार
कैप्टन अभिमन्युु ने कहा कि कांग्रेस का हरियाणा से जुड़े मुद्दों से कोई सरोकार नहीं रह गया है। कांग्रेस का अहम प्रदेश की जनता की भलाई, विधानसभा और यहां तक विधानसभा के नियमों से भी ऊपर हो गया है। विधानसभा के इतिहास में पहली बार किसी दल विशेष ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान अनुशासनहीनता की और उसकी प्रतियां भी फाड़ी। कांग्रेस विधायकों का निलंबन वापस होने के बाद भी उन्होंने प्रदेश की जनता से जुड़े एसवाईएल के अहम मुद्दे पर भी सदन के साथ आने की कोशिश नहीं की। इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस की पहले से ही विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने की मंशा नहीं थी। कांग्रेस न तो लोकतंत्र के मंदिर में जाने लायक है और न ही जनता का सामना करने लायक।