लापरवाही ही नहीं सुधार के तरीके भी बताएगा आयोग
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उपद्रव के दौरान कोताही बरतने वाले अफसरों और कर्मचारियों की जांच के लिए गठित आयोग अफसरों की लापरवाही के अलावा प्रदेश सरकार को दंगों से उभरने के तरीके भी बताएगा।
आयोग की तरफ से प्रदेश सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी कि भविष्य में सुधार के लिए क्या तरीके अपनाए जा सक ते हैं। सेवानिवृत्त आईपीएस पद्मश्री प्रकाश सिंह के नेतृत्व में गठित किए गए जांच आयोग को जिम्मा दिया गया है कि वह पता करे कि उपद्रव के दौरान कहां, क्या कमी रही और भविष्य में क्या सुधार हो सकते हैं।
रोहतक रेंज के आईजी संजय कुमार ने कहा कि यदि आयोग की रिपोर्ट से पहले ही किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उस पर हाथोंहाथ कार्रवाई की जाएगी। फिर उसकी रिपोर्ट आयोग को सौंप दी जाएगी।
एक दिन पहले रेंज का चार्ज संभालने वाले आईजी संजय कुमार शनिवार को एसपी ऑफिस में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। आईजी ने कहा कि अभी तक लापरवाही बरतने वाले कुछ पुलिस ऑफिसरों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।
सबूत सामने आने पर किसी को नहीं बख्शेंगे। चाहे वह किसी भी सरकारी विभाग से संबंध रखता हो। आईजी ने चार्ज संभालने के बाद पानीपत और रोहतक जिले में निरीक्षण किया है। बता दें कि प्रदेश सरकार ने जाट आंदोलन के बाद भड़के उपद्रव के दौरान ड्यूटी में कोताही बरतने वाले अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जांच कराने का फैसला लिया था।
सरकार ने जांच की जिम्मेदारी सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी पद्मश्री प्रकाश सिंह को सौंपी है। प्रकाश सिंह की ओर से की जाने वाली जांच में आईएएस और आईपीएस काडर के दो-दो सेवारत अधिकारी भी सहायक की भूमिका में शामिल किए गए हैं।
ज्यादा नुकसान तो जांच करेगी तीन सदस्यीय टीम पुलिस ने जिलेभर में दंगों की जद में आए सभी पीड़ितों की शिकायतों पर केस दर्ज करना शुरू कर दिया है। आईजी ने कहा कि दंगों के दौरान जहां-जहां बड़े नुकसान का आंकलन किया गया है, वहां विशेष टीम से जांच करवाई जाएगी। इसके लिए पुलिस के एक उच्च अधिकारी के नेतृत्व में तीन सदस्यों की टीम बनाई गई है। अधिकतर एफआईआर में जांच अधिकारी के साथ साथ पुलिस के उच्च अधिकारी का सुपरविजन होगा।
अभी तक 347 केस और 70 गिरफ्तारी जिला पुलिस ने उपद्रव मामले में अभी तक 347 एफआईआर दर्ज की हैं। इन केसों में करीब 70 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। फिलहाल शहर की सुरक्षा के लिए सेना और अर्द्धसैनिक बल की करीब 22 कंपनी अलग अलग प्वाइंट पर तैनात हैं। आईजी ने कहा कि जब तक क्षेत्र के हालात सामान्य नहीं होते तब तक सेना और अर्द्धसैनिक बल को भेजा नहीं जाएगा।
पुलिस जांच में लेगी आमजन का सहारा उपद्रवियों के गिरेबां तक पहुंचने के लिए पुलिस आमजन को भी जांच में शामिल करेगी। ताकि पुलिस प्रशासन पर जांच के बाद कोई आरोप प्रत्यारोप न लग सके। आईजी संजय कुमार ने बताया कि किसी भी शिकायत की जांच पड़ताल के लिए शहरवासी, सामाजिक व अन्य संस्थाओं के सदस्यों से मदद ली जाएगी। पुलिस और पब्लिक के बीच आपसी समझ के बाद जांच पड़ताल सही तरीके से आगे बढ़ेगी।
निष्पक्ष जांच से होगी विश्वास बहाली उपद्रव के दौरान पुलिस पर कुछ भी न करने के आरोप लगते रहे। अब आईजी संजय कुमार का कहना है कि सिर्फ और सिर्फ दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच और आरोपियों को जेल पहुंचाना ही विश्वास बहाली का बेहतर तरीका है। फिलहाल इसी रणनीति पर काम किया जा रहा है। जिस भी आरोपी के खिलाफ सबूत मिल रहे हैं उसे गिरफ्तार कर तुरंत जेल भेजा जा रहा है।