फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Cobra, crate and viper are hunting five people every day

कोबरा, क्रेट और वायपर हर दिन बना रहे पांच लोगों को शिकार

Sun, 04 Aug 2019 02:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 04 Aug 2019 02:09 AM IST
विज्ञापन
Cobra, crate and viper are hunting five people every day
बरसात शुरू होते ही धान की रोपाई के साथ जल भराव की समस्या शुरू हो जाती है। इन दिनों कीटनाशकों का भी खेतों में भरपूर प्रयोग होता है। ऐसे में बिलों में रह रहे सांप बाहर आने पर मजबूर हो जाते हैं और स्वयं की जान को खतरा मान कर सामने आने वाले इंसानों पर हमला करते हैं। प्रदेश में कोबरा, क्रेट और वायपर किस्म के सांपों के काटने के अधिक मामले सामने आते हैं। अकेले पीजीआईएमएस की बात करें तो यहां इन दिनों पांच केस प्रतिदिन सामने आ रहे हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि सर्पदंश के केसों को झाड़-फूंक में उलझाने की बजाए योग्य डॉक्टर से उपचार कराना चाहिए। इससे मरीज की जान को बचाया जा सकता है।
विज्ञापन

पीजीआईएमएस के आईसीयू में इस मौसम में अब तक 28 सर्पदंश के गंभीर मरीजों का उपचार हो चुका है। समय पर उपचार के लिए आने के चलते सभी मरीजों की जान बचा लिया गया है। हालांकि आपात विभाग में भी सर्पदंश के मरीज उपचार के लिए आते हैं। आईसीयू में उन्हीं मरीजों को रेफर किया जाता है जिनका स्वास्थ्य अधिक बिगड़ जाता है। संस्थान के पुलमोनारी क्रिटिकल केयर मेडिसन यूनिट के विभागाध्यक्ष डॉ. ध्रुव चौधरी बताते हैं कि समय पर उपचार के लिए आने वाले मरीजों का जीवन लगभग बचा लिया जाता है। देरी से आने वाले मरीजों की जान को ही खतरा हेाता है। प्रभावित मरीज को अस्पताल में एंटी स्नेक विनोम दिया जाता है। यह संख्या 10 से 30 तक हो सकती है। एएसवी की बाजार में कीमत ज्यादा है लेकिन पीजीआईएमएस में यह निशुल्क उपलब्ध है। इसके अलावा जिला अस्पतालों में भी यह सुविधा उपलब्ध है। एक इंजेक्शन की कीमत बाजार में 1400 से 1500 रुपये है, इस हिसाब से एक मरीज पर 15000 से 50 हजार रुपये तक निजी अस्पताल में खर्च आ जाता है।
विज्ञापन

इन बातों पर ध्यान दें
सांप के काटे जाने का पता चलते ही मरीज को तुरंत एक्सपर्ट डॉक्टर वाले अस्पताल ले कर जाएं। इन अस्पतालों में वेंटीलेटर की सुविधा होना जरूरी है। सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में इसका उपचार निशुल्क होता है। ध्यान देने योग्य बात है कि जिस स्थान पर सर्प ने काटा है वहां कोई कट नहीं लगाया जाना चाहिए। इसके साथ ही शरीर के किसी हिस्से को रस्सी या किसी चीज से नहीं बांधना चाहिए। जिस हिस्से में सांप काटता है उसे हिस्से को नीचे लटका कर रखें ताकि दिल तक सांप का जहर जल्दी न पहुंचे। कोबरा यदि किसी को काटता है तो उस जगह सूजन आ जाती है और पहचान हो जाती है। इसके अलावा वायपर में मरीज का रक्त बहने लगता है। सबसे अहम है कि फिल्मों में देख कर सर्पदंश की जगह कोई मुंह लगा कर जहर को खींचने की कोशिश न करें। इससे मरीज को तो कोई लाभ होगा नहीं, उल्टा जहर चूसने का प्रयास करने वाले के अंदर जहर चला जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

सांप के काटने के बाद होने वाली समस्या
तेज दर्द, अधरंग, आंखों में समस्या, डबल एवं धुंधला दिखाई देना, लार टपकना, थूक न निगल पाना, तेजी से सांस चलना, आवाज सही न निकलना, शरीर का शिथिल होना, सांस लेने में समस्या होना, दिल की धड़कन कम होना आदि।

सावधान रहें और ध्यान दें
- अंधेरे में नंगे पैर न चलें
- लंबी घास व झाड़ियों के आसपास ध्यान से चलें
- पानी में उतरने से पहले अंदाजा लगा लें कहीं सांप तो नहीं है
- जमीन पर न लेटें और प्रभावित स्थान पर कट न मारें
- डॉक्टर मरीज के लक्षणों को देखकर पहचान करें कि किस सर्प ने काटा है, उसी हिसाब से इंजेक्शन दें
बरसात के मौसम में सर्पदंश के केस बढ़ जाते हैं। मरीज को यदि समय पर अस्पताल लाया जाए तो उपचार संभव है। सर्पदंश वाले अंग पर कपड़ा बांधने का नुकसान अधिक है। क्योंकि सर्प यदि जहरीला हुआ तो कपड़ा खोले जाने पर रक्त प्रवाह दिल तक एकदम पहुंचता है और मरीज की हृदय गति रुक जाती है। झाड़फूंक, झोलाछाप डॉक्टर इन केसों को अधिक बिगाड़ देते हैं। प्रभावित जगह पर पट्टी बांधी जा सकती है। अस्पताल आते ही मरीज को एयर ब्रीथिंग देनी चाहिए।
-डॉ. ध्रुव चौधरी, विभागाध्यक्ष पीसीसीएम व आईसीयू प्रभारी, पीजीआईएमएस रोहतक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed