फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Case of sexual abuse will not proceed against husband, acquitted before framing of charges

Rohtak News: पति के खिलाफ नहीं चलेगा यौन शोषण का केस, आरोप तय होने से पहले बरी

Fri, 19 Sep 2025 12:08 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 19 Sep 2025 12:08 AM IST
विज्ञापन
Case of sexual abuse will not proceed against husband, acquitted before framing of charges
रोहतक। पति के खिलाफ पत्नी यौन शोषण का केस सीधे थाने में नहीं दर्ज करवा सकती है। इसके लिए अदालत में याचिका दायर की जा सकती है। सीआरपीसी की धारा 198 बी का यह उल्लंघन है। साथ में मेडिकल रिपोर्ट में भी उत्पीड़न के आरोप साबित नहीं हो रहे। एएसजे संदीप दुग्गल की अदालत ने इन दलीलों और साक्ष्यों के अभाव में आरोप तय होने से पहले पति को बरी कर दिया।
विज्ञापन

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक महिला ने करीब एक साल पहले पुलिस थाने में शिकायत दी थी कि 2011 में उसकी शादी हुई थी। उनकी एक बेटी भी है। शादी के कुछ समय के बाद से ही दहेज के लिए उनका उत्पीड़न शुरू हो गया। उनके साथ मारपीट की गई।
विज्ञापन

इस कारण वह बेटी के साथ किराये के मकान में रहने लगी। उसने गुजारा भत्ता के लिए अदालत में अर्जी दायर की तो 15 हजार रुपये गुजारा व 2 हजार रुपये किराया भत्ता तय किया गया मगर आरोपी ने दिसंबर 2022 के बाद भत्ता देना बंद कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

महिला ने बताया कि वे सात साल से अलग रह रहे हैं। इसी बीच आरोपी ने कहा कि समझौता करके साथ रहेंगे। बातचीत के लिए उसे रोहतक बुलाया गया। जब वह बहन के घर आई तो पति ने कॉल कर बस स्टैंड के नजदीक होटल में बुलाया। बातचीत के बहाने उसका यौन उत्पीड़न किया।
जब उसने कहा कि यह गलत हुआ तो बोला कि एक-दो दिन में आकर तुम्हें अपने घर ले जाऊंगा। अदालत का आदेश भी मानूंगा। इसके बाद उसका नंबर ब्लॉक कर दिया। आरोपी ने कहा कि उसका घमंड तोड़ने व परिवार के सामने बेइज्जत करने के लिए रोहतक बुलाया था। साथ ही आरोपी ने खींची गई फोटो वायरल करने की धमकी दी थी। डर के मारे वह चुप रही। जब मां ने हिम्मत दी तो वह थाने में आकर शिकायत दे रही है।
बाक्स
जज के सामने महिला ने दोहराये आरोप, धारा 377 भी जोड़ी गई
पुलिस ने पीड़िता के जज के सामने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए। महिला ने आरोपों को दोहराया। इसके बाद पुलिस ने आईपीसी की धारा 377 भी जोड़ दी। साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर आरोप पत्र दाखिल किया।
बाक्स
पत्नी सीधे थाने में नहीं दर्ज करवा सकती केस
बचाव पक्ष के वकील ने बहस के दौरान कोर्ट को बताया कि सीआरपीसी की धारा 198 बी के तहत पत्नी सीधे थाने में पति के खिलाफ यौन शोषण का केस दर्ज नहीं करवा सकती है। उसे अदालत में याचिका दायर कर शिकायत दर्ज करानी पड़ती है। इस आधार पर यौन शोषण के आरोप खारिज किए जाएं।

दूसरा महिला ने आईपीसी की धारा 377 के तहत भी आरोप लगाए हैं लेकिन मेडिकल रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई है। दोनों पक्षों की बहस के बाद अदालत ने आरोप तय होने से पहले आरोपी पति को बरी कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed