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एमडीयू कार्यकारी परिषद के सदस्य के खिलाफ शिक्षिका की निजता भंग करने का केस दर्ज

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2020 01:15 AM IST
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रोहतक। एमडीयू एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला विश्वविद्यालय के कार्यकारी परिषद (ईसी) सदस्य (राज्यपाल की ओर से नामांकित) के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना है। केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ में कार्यरत एक शिक्षिका ने ईसी सदस्य एवं कुलपति पर अभद्रता के साथ ही निजता भंग करने समेत अनेक गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। केस में शामिल अन्य आरोपियों के मोबाइल फोन व कंप्यूटर भी खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। एमडीयू कैंपस में यह मामला चर्चा में है।
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पुलिस को दिए बयान में पीड़ित शिक्षिका ने केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति समेत विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों पर अभद्रता, आईटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कराया है। पीड़ित शिक्षिका का आरोप है कि वह केंद्रीय विश्वविद्यालय में कार्यरत है। यहीं पर उसका सहयोगी मुकेश कुमार भी काम करता है। हम दोनों की कुछ निजी बातें व फोटो मुकेश के फोन में थीं। उसका विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ विवाद चल रहा है। इस कारण विश्वविद्यालय प्रशासन मुकेश के साथ उससे भी घृणा करने लगा। इसी के चलते विश्वविद्यालय के कुलपति रमेश चंद कुहाड़, राजेश मलिक, जेपी भुक्कल, सत्यपाल मलिक, अमित सिंधु, प्रदीप ढुल, कुलवंत मलिक, जितेंद्र सिंह व संदीप ढुल ने साजिश के तहत उसका मोबाइल ले लिया।

मोबाइल से आरोपियों ने मेरी व मुकेश के बीच हुई आपसी बातचीत व निजी फोटो एक सीडी व पैन ड्राइव में ले लीं। इसे उन्होंने मेरे पति व अन्य लोगों के पास पहुंचा दिया। इससे उसका समाज में अपमान हुआ। आरोपियों ने हमारी निजता को षड्यंत्र के तहत सार्वजनिक किया है। इस कारण वह मानसिक रूप से परेशान है। मेरे विभाग में ही आउट सोर्सिंग पर कार्यरत अधिकारी व एक महिला भी आरोपियों से मिले हुए हैं। वह हमारी निजी जिंदगी में ताक झांक करते हैं। इनसे उसका जीना दूभर हो गया है। यही नहीं जान का भी खतरा है।
राज्यपाल कर सकते हैं चार नियुक्तियां
एमडीयू में ईसी सदस्य के रूप में केंद्रीय विवि महेंद्रगढ़ के कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ की नियुक्ति राज्यपाल के द्वारा की गई है। राज्यपाल किसी विवि की ईसी में अपने चार सदस्यों को बतौर नोमिनी नियुक्त कर सकते हैं। वर्तमान में केंद्रीय विवि के कुलपति के अलावा कुलपति डॉ. देव स्वरूप, कुलपति प्रो. सुषमा यादव व निदेशक प्रो. अमित कुमार बोस को बतौर नोमिनी नियुक्त किया गया है।
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महिला ने अभद्रता समेत अनेक आरोप लगाए हैं। पुलिस ने विवि के कुलपति समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
-जयवीर, प्रभारी, शहर थाना महेंद्रगढ़।
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विवि प्रशासन किसी भी कर्मचारी के निजी जीवन में कोई दखल नहीं करता है। शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप निराधार हैं। राजनीतिक षड्यंत्र के तहत यह सब किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में हम भी पुलिस का सहयोग कर रहे हैं।
-प्रो. आरसी कुहाड़, कुलपति, केंद्रीय विवि महेंद्रगढ़।

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