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सावधान! आगामी तीन सप्ताह संक्रमण की दृष्टि से खतरनाक

Mon, 14 Sep 2020 01:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 14 Sep 2020 01:18 AM IST
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careful The next three weeks are dangerous in terms of infection
कोरोना वायरस प्रदेश में पीक की ओर जा रहा है। संक्रमितों का उपचार कर रहे अस्पतालों को अनुमानित संख्या के आधार पर अब अतिरिक्त इंतजाम करने होंगे। संक्रमण से बचने के लिए सावधानी जरूरी है, क्योंकि आगामी तीन सप्ताह कोरोना संक्रमण फैलने की दृष्टि से अधिक खतरनाक होने वाले हैं। इसके लिए प्रदेश भर के अस्पतालों को अलर्ट किया जा रहा है। यह जानकारी प्रदेश के प्रमुख नोडल अधिकारी कोविड-19 डॉ. ध्रुव चौधरी ने दी।
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डॉ. चौधरी ने बताया कि इस समय 10 से 15 प्रतिशत लोगों में कोरोना का संक्रमण मिल रहा है। 17 से 18 प्रतिशत लोगों में कोरोना का संक्रमण मिलना पीक माना जाता है। प्रदेश में यह गैप जल्द भरने वाला है, क्योंकि लोगों को संक्रमण का असर दिखाई नहीं दे रहा है। लापरवाही के चलते बाजार, सार्वजनिक स्थलों पर मनमानी हो रही है, कोई जारी गाइडलाइन को फॉलो नहीं कर रहा है। पीक के बाद ही संक्रमण के आंकड़ों में कमी आएगी। इस समय सही है कि बाजार में बगैर मास्क, ग्लब्ज, सैनिटाइजर के न निकलें। स्वयं को सुरक्षित कर, जरूरत पड़ने पर ही बाहर जाएं। क्योंकि लक्षण वाले व बगैर लक्षण वाले दोनों से ही कोरोना का संक्रमण एक-दूसरे का फैलता है।
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अभी रोहतक में होना है 40 हजार को संक्रमण
एक्सपर्ट मानते हैं कि रोहतक में कोरोना संक्रमण सात प्रतिशत से कम हैं। पांच लाख की आबादी वाले शहर में 40 हजार लोगों को संक्रमण होना है। इसके लिए जरूरी है कि आगामी तीन माह में हमारे पास पांच से आठ हजार मरीजों का उपचार करने का साधन होना चाहिए। रोहतक में संक्रमण की गति कम होने का कारण पूर्व में की गई सख्ती है, इस वजह से यहां संक्रमण कम है। जिन मरीजों को फेफड़े की समस्या हो रही है, उनके लिए कोरोना संक्रमण है। नहीं तो लोग इसे जुकाम ही मान रहे हैं।
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सीरो सर्विलांस ने बताया जुलाई का आंकड़ा
प्रमुख नोडल अधिकारी ने बताया कि सीरो सर्विलांस ने रोहतक में संक्रमण का आंकड़ा जुलाई का दिखाया है। यह चार सप्ताह पुराना था। यदि अब यह सर्वे कराया जाए तो यह 23 से 24 प्रतिशत पहुंचेगा। शुरुआत में जब संक्रमण कम था तो संक्रमण कहां से आएगा। शरीर में एंटीबॉडी बनने में भी दो से चार सप्ताह लगते हैं। इसलिए यह सर्वे अक्तूबर में हो तो संक्रमण का सही डाटा आ जाएगा।

प्रतिशत वही है, बस मरीजों की संख्या बढ़ रही है
हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि कोरोना संक्रमितों को उपचार की जरूरत 10 से 15 प्रतिशत को ही पड़ रही है, बाकी होम आइसोलेशन में सही हो रहे हैं। समस्या यह आ रही है कि मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस आधार पर अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है और आगे और बढ़नी है।
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