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प्रचार सामग्री छपवाने की होड़ में प्रत्याशी

Wed, 02 Nov 2022 12:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 02 Nov 2022 12:00 AM IST
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Candidates in competition to publish promotional material
प्रिंटिग का मैटर चेक कराते हुए। अमर उजाला
रोहतक। पंचायत चुनाव के लिए चिह्न जारी होते ही प्रत्याशियों में प्रचार सामग्री छपवाने की होड़ मच गई है। इसमें वे प्रत्याशी भी हैं जोकि रक्त संबंधी हैं और एक-दूसरे से पहले प्रचार सामग्री छपवाना चाहते हैं। ताकि उन्हें सामने वाले की तुलना में प्रचार करने का अधिक समय मिल सके। गत दो दिनों से जिले के हजारों प्रत्याशी व उनके समर्थक प्रिंटिंग प्रेसों के बाहर डेरा जमाए हुए हैं। पहले छपवाने की होड़ में एक-दूसरे से अधिक कीमत भी दी जा रही है।
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जिले में 100 से अधिक प्रिंटिंग प्रेस हैं, यहां दो दिनों से चुनाव प्रत्याशियों का मेला लगा हुआ है। पंच, सरपंच, जिला परिषद व ब्लाक समिति चुनाव के प्रत्याशियों के पोस्टर, विजिटिंग कार्ड, बैनर, पंपलेट आदि छपवाने के लिए होड़ है। प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े कारोबारियों के अनुसार सोमवार को सबसे अधिक काम का दबाव था। मंगलवार को भी काफी लोग पहुंचे हैं। यह दबाव अभी बुधवार को बना रहेगा। जिले में काम होने में देरी होने पर कुछ प्रत्याशियों ने अन्य जिलों का रुख किया है, जहां चुनाव हो चुके हैं और प्रिंटिंग प्रेस खाली है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन तीन दिनों में लाखों रुपये की प्रचार सामग्री तैयार हो जाएगी, जोकि इन प्रत्याशियों का भविष्य तय करेगी।
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झज्जर रोड पर आए वीरेंद्र ने बताया कि वह सरपंच का चुनाव लड़ रहे हैं और उनके भाई भी चुनाव लड़ रहे हैं। प्रचार सामग्री भी वह एक ही जगह छपवा रहे हैं। वहीं मायना से आए नरेश ने बताया कि वह पीजीआईएमएस में आउटसोर्स पर हैं। उनका प्रतिद्वंद्वी भी करीबी है और दोनों एक साथ काम करते हैं। चुनाव जरूर एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं, लेकिन प्रचार सामग्री एक ही जगह से छपवा रहे हैं। दोनों ने बताया कि चुनाव लड़ना है तो प्रचार सामग्री छपवानी है। एक जगह छपवाएं या अलग-अलग कोई फर्क नहीं पड़ता। मत भी तो दोनों एक ही मतदाता से मांगेंगे। जिसके भाग्य में जीत होगी वह जीत जाएगा। यह एक महोत्सव है, जिसका वह आनंद ले रहे हैं।
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प्रचार सामग्री पर चल रही महंगाई की मार
महंगाई की मार जब हर जगह है तो चुनाव प्रचार सामग्री पर इसका असर पड़ना भी स्वाभाविक है। चुनाव की घोषणा होने से पहले ही कागज व स्याही की कीमत बढ़ गई थी। इसकी वजह से प्रत्याशियों को 40 प्रतिशत अधिक कीमत देनी पड़ रही है।

प्रचार सामग्री पर आने वाला प्रिंटिंग से संबंधित खर्च लगभग में
पंच दो से ढाई हजार
सरपंच दस हजार से तीन लाख
जिला परिषद पांच हजार से 20 लाख
ब्लाक समिति 50 हजार से दो लाख
पोस्टर साढ़े पांच रुपये
विजिटिंग कार्ड डिजिटल दो रुपये
सफेद पोस्टर एक रुपये
बैनर दस रुपये फुट
वर्जन-
कागज, गत्ते, पोस्टर पेपर, कार्ड सीट, स्याही सभी चुनाव से पहले ही महंगे हो चुके थे। इनकी कीमत पहले की तुलना में 40 फीसदी अधिक हो चुकी है। इसके चलते प्रचार सामग्री महंगी पड़ रही है। अभी प्रत्याशी अपने कार्ड, पोस्टर आदि छपवा चुके हैं। बुधवार को अभी काम का अधिक दबाव रहेगा। काम के दबाव के चलते प्रिंटिंग प्रेस वाले अन्य काम नहीं ले रहे हैं। इस समय दिन-रात काम चल रहा है। कुछ लोग दिल्ली से भी अपना काम करवा रहे हैं।
- जेपी गौड़, संचालक, दिव्या प्रिंटर्स
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