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Rohtak News: कागजों में बह रही अधिकारियों के दावों की नहर

Tue, 28 Jan 2025 02:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Tue, 28 Jan 2025 02:27 AM IST
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Canal of claims of officials flowing on paper
27कलानौर01-पिलाना की तरफ खाली पड़ी नहर। स्रोत : संवाद
किसानों को फसल की सिंचाई के लिए नहर के पानी की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। वर्तमान में 23 जनवरी से 29 जनवरी तक नहर में पानी छोड़ा गया है। सिर्फ कागजों में ही गुढ़ान, कटेसरा पिलाना की नहर में पानी दर्शाया गया है। जमीनी स्तर की बात की जाए तो इन गांवों के किसानों को एक सप्ताह में तीन दिन भी नहर का पानी नसीब नहीं हुआ।
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गांव कटेसरा के किसानों ने बताया कि करीब दो साल से रविवार, सोमवार, मंगलवार को किसानों को सिंचाई के लिए नहर का पानी नहीं मिला है। 260074 लेफ्ट (नहर का पाॅइंट) बौंद गांव की बात की जाए तो तीन साल से नहर में पानी नहीं आया है। किसानों का कहना है कि आलाकमान अधिकारी एक बार नहर में पानी छोड़कर उच्च अधिकारियों को फोटो भेजकर वापस नहर बंद कर दादरी की तरफ रुख कर देते हैं। यदि थोड़ा बहुत नहर में पानी आ भी जाए तो रास्ते में ऊण गांव में अवैध रूप से पानी की चोरी कर ली जाती है।
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ट्यूबवेल के खारे पानी से किसानों की फसलें हो रहीं खराब
किसानों ने बताया कि गेहूं की ट्यूबवेल के पानी से सिंचाई की जाती है। ट्यूबवेल का पानी इतना खारा होता है कि गेहूं की फसल उठाने के बाद आगामी ज्वार-बाजरे की फसलें खराब हो जाती हैं। इन गांवों की भूमि में नमक की मात्रा इतनी बढ़ चुकी है कि साल में एक फसल भी बड़ी मुश्किल से उगाई जाती है। अकेले कटेसरा गांव में 7 हजार बीघे जमीन है, जो नहर के पानी बिना बंजर होती जा रही है। किसान पारंपरिक खेती छोड़कर कर शहरों में प्राइवेट नौकरियों की तरफ रुख कर रहे हैं।
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माधान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात

समय पर गेहूं की सिंचाई नहीं होने व नहर में पानी न छोड़े जाने को लेकर किसानों में रोष है। गुढ़ान, कटेसरा, पिलाना, बौंद गांव के किसान इंद्रजीत, विक्रम, राधेश्याम, रामभूल, कृष्ण, संदीप, मुकेश, नसीब, बलजीत आदि ने बताया कि मंगलवार को नहर में पानी नहीं छोड़े जाने को लेकर एसडीओ कार्यालय का 10 बजे घेराव किया जाएगा। यदि यहां से समाधान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री के आवास पर मुलाकात कर समस्या का समाधान करने के लिए चंडीगढ़ पहुंचेंगे।

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नहरों में पानी छोड़े जाने का अपना एक नियम होता है। यदि पर्याप्त मात्रा में खरकड़ा नहर से पानी प्राप्त हो तो सांजरवास नहर में पानी छोड़ा जाता है। यदि पानी कम मात्रा में प्राप्त होता है तो दादरी नहर में ही छोड़ा जाएगा। फिलहाल नहर में पानी दादरी के लिए छोड़ा गया है। उच्च अधिकारियों के आदेश पर दादरी नहर में पानी छोड़ा जा रहा है।

- अजय सिंह, एसडीओ, नहर विभाग।
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