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Rohtak News: खेत में फसलों के अवशेष जलाने से जमीन को होता है भारी नुकसान
Tue, 22 Oct 2024 07:20 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 22 Oct 2024 07:20 PM IST
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महम।
छोटूराम नगर में पराली प्रबंधन को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इसमें कृषि विकास अधिकारी मोनिका पाराशर, खंड कृषि अधिकारी संदीप नांदल व सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी रोहतक डॉ बलवंत नागर ने किसानों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से धुआं प्रदूषण रोकने के लिए किसानों से पराली न जलाने की अपील की गई है अगर कोई भी किसान पराली जलाता है तो उसके खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने का प्रावधान किया गया है इसलिए पराली न जलाएं । बताया कि खेत में आग लगाने से जमीन को नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा पर्यावरण प्रदूषित होता है। इससे आम जनमानस को सांस लेने में कठिनाई होती है। उन्होंकहा कि पराली को कृषि यंत्रों द्वारा खेत में मिलाएं ताकि जमीन की उर्वरक शक्ति बनी रहे। इसके लिए किसान को प्रति एकड़ 1000 रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाएगा। इसके लिए पोर्टल पंजीकरण करांए।
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छोटूराम नगर में पराली प्रबंधन को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इसमें कृषि विकास अधिकारी मोनिका पाराशर, खंड कृषि अधिकारी संदीप नांदल व सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी रोहतक डॉ बलवंत नागर ने किसानों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से धुआं प्रदूषण रोकने के लिए किसानों से पराली न जलाने की अपील की गई है अगर कोई भी किसान पराली जलाता है तो उसके खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने का प्रावधान किया गया है इसलिए पराली न जलाएं । बताया कि खेत में आग लगाने से जमीन को नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा पर्यावरण प्रदूषित होता है। इससे आम जनमानस को सांस लेने में कठिनाई होती है। उन्होंकहा कि पराली को कृषि यंत्रों द्वारा खेत में मिलाएं ताकि जमीन की उर्वरक शक्ति बनी रहे। इसके लिए किसान को प्रति एकड़ 1000 रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाएगा। इसके लिए पोर्टल पंजीकरण करांए।