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नगर निगम पड़ोसियों से पूछेगा किसी के बीपीएल कार्डधारक होने पर उनको आपत्ति तो नहीं

Mon, 02 Dec 2019 02:48 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 02 Dec 2019 02:48 AM IST
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BPL Ration Card checking Three layer
नगर निगम
रोहतक। अब सरकारी गरीब बनना आसान नहीं रहेगा। नगर निगम थ्री लेयर सिस्टम से न केवल आवेदनों की जांच कराएगा, बल्कि पड़ोसियों से सार्वजनिक तौर पूछेगा कि किसी के सरकारी गरीब यानी बीपीएल कार्ड धारक बनने पर आपत्ति तो नहीं। अगर सात दिन के अंदर लिखित में आपत्ति मिलती है तो उसकी जांच पड़ताल कराई जाएगी। जांच के दायरे में नए आवेदनों के बाद 25 हजार पुराने कार्डों की भी जांच होगी।
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प्रदेश सरकार बीपीएल कार्ड धारकों को कई तरह की सुविधाएं देती है। मेडिकल सुविधाओं के साथ-साथ राशन वितरण, बैंक से लोन व दूसरी प्राथमिकताएं मिलती हैं। प्रदेश में 2006 में बीपीएल कार्ड बनवाने के लिए सर्वे हुआ था। उस समय रोहतक शहर में 25 हजार कार्ड बनाए गए थे। हालांकि समय-समय पर ऐसे लोगों के नाम भी सामने आए, जो अपात्र होते हुए भी बीपीएल कार्ड बनवाने में कामयाब रहे। ऐसे में सरकार की हिदायत पर जिला प्रशासन ने बीपीएल घरों के बाहर बीपीएल परिवार लिख दिया था। अब 2019 में नए सिरे से बीपीएल कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू हुई। विधानसभा चुनाव से पहले ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। निगम के सूत्रों के अनुसार पूरे जिले में 12 हजार 700 लोगों ने आवेदन किया हुआ है। अकेले रोहतक शहर में आवेदकों की संख्या 6 हजार से ज्यादा थी। अब हर वार्ड में दो-दो टीम गठित कर मौके पर जाकर आवेदनों की जांच की गई। जिसमें पता चला है कि मात्र 105 लोग ही पात्र हैं। आवेदनों में जो सूचना दी गई थी, उसमें धरातल पर काफी अंतर मिला है। अब निगम पात्र लोगों की दो स्तर पर और जांच करवाएगी। इसमें एक टीम एसडीएम की देखरेख में पड़ताल करेगी। तीसरे व फाइनल चरण में डीसी की निगरानी में आवेदनों की जांच होगी। क्योंकि बीपीएल कार्ड बनाने वाली कमेटी के चेयरमैन खुद जिला उपायुक्त हैं। इतना ही नहीं, फाइनल सूची को सार्वजनिक करके पूछा जाएगा, कि अगर किसी व्यक्ति को आपत्ति है तो वह सात दिन के अंदर लिखित में निगम या जिला प्रशासन को बता दें। शिकायतकर्ता का नाम सार्वजनिक नहीं होगा। शिकायत अगर सही मिलती है तो आवेदन को रद्द कर दिया जाएगा।
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मासिक आय बन रही सबसे बड़ी बाधा
प्रदेश सरकार की तरफ से बीपीएल पात्र के लिए 15 शर्त तय की गई हैं। इसमें बड़ी शर्त परिवार की 10 हजार रुपये प्रति व्यक्ति आय बाधा बन रही है। क्योंकि परिवार में कितने भी सदस्य हैं। उन सबकी आय ज्यादा है तो उसे पात्र नहीं माना जाएगा। साथ ही दो पहिया वाहन व फ्रिज ज्यादातर परिवारों के पास है। अगर यह दोनों भी हैं तो बीपीएल कार्ड नहीं बन सकता।
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105 के करीब आवेदक शर्तों पर खरे उतरे
नगर निगम द्वारा चलाई जा रही बीपीएल कार्ड बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। प्रथम चरण में टीमों ने ज्यादातर आवेदन की जांच कर ली है। इसमें 105 के करीब आवेदक ही शर्तों पर खरे उतर रहे हैं। हालांकि फाइनल रिपोर्ट आनी बाकी है। दूसरे व तीसरे चरण की जांच के बाद पात्र आवेदकों के नाम सार्वजनिक होंगे। अगर लिखित में आपत्ति मिली तो उसकी जांच पड़ताल कराई जाएगी।

जगदीश चंद्र, स्पेशल प्रोजेक्ट आफिसर नगर निगम
25 हजार पुराने बीपीएल कार्ड धारक की जांच बाद में
नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक फिलहाल शहर में 25 हजार बीपीएल कार्ड धारक हैं, जो 13 साल से सरकार से सुविधाएं ले रहे हैं, लेकिन अब सरकार नए कार्ड बनाने के साथ पुराने कार्डों की भी जांच करेगी। क्योंकि परिवार का जो स्टेट्स 2006 में था। क्या वह आज भी यहीं है। निगम हर माह नए आवेदन मांगेेगा और पुराने कार्ड धारकों की जांच पड़ताल करेगा।
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