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किसानों के विरोध के चलते भाजपा ने सांपला में नहीं की बैठक
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कैनाल रेस्ट हाउस में पत्रकारों से वार्ता करते भाजपा सांसद नायब सैनी। अमर उजाला
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किसानों के विरोध के चलते भाजपा को सांसद नायब सैनी की सांपला में होने वाली बैठक रद्द करनी पड़ी। बाद में वह बैठक रोहतक कार्यालय में की गई।
सांपला की परशुराम धर्मशाला में सांसद सैनी ने भाजपा प्रकल्प प्रकोष्ठ की बैठक को संबोधित करना था। लेकिन करनाल धरने में शामिल किसान नेताओं को इसकी भनक लग गई। उन्होंने फौरन सांपला और रोहद टोल पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों को फोन किए। आनन-फानन में सूचना फैल गई और किसान लामबंद हो गए। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में किसान काले झंडे लेकर परशुराम धर्मशाला के गेट पर पहुंच गए। इसकी जानकारी भाजपा नेताओं को मिली। इसके साथ ही पुलिस और सीआईडी के अधिकारियों ने भी उन्हें माहौल के बारे में बताया। इसके बाद पार्टी ने सांपला की बैठक रद्द करने का फैसला किया। बाद वह बैठक रोहतक प्रदेश कार्यालय में की गई। बाद में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान इस संबंध में पूछे सवाल पर सांसद सैनी और जिला प्रभारी अरविंद यादव ने कहा कि वे टकराव टालना चाहते थे, इसलिए सांपला के बजाय बैठक रोहतक में कर ली।
संगठन मजबूत करने पर किया मंथन
सांसद सैनी ने कैनाल रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दो दिन में उन्होंने अलग-अलग वर्ग के कार्यकर्ताओं के साथ आठ बैठकें कीं। इनमें संगठन को मजबूत बनाने पर मंथन किया गया। कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे बूथ को मजबूत बनाएं, तभी संगठन मजबूत बनेगा। 25 सितंबर तक बूथों पर त्रिदेव प्रणाली लागू करें। हर बूथ पर कम से कम दो स्वास्थ्य स्वयंसेवक नियुक्त करें। केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाएं धरातल तक लेकर जाएं। पंचायती राज चुनाव को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। किसान आंदोलन को लेकर सवाल पर उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे विपक्ष है। इस मौके पर प्रभारी अरविंद यादव, जिलाध्यक्ष अजय बंसल, मेयर मनमोहन गोयल, सह-मीडिया प्रभारी हैप्पी जांगड़ा भी मौजूद रहे।
सैनी ने चार बैठकों को किया संबोधित
सांसद नायब सैनी ने बुधवार को चार बैठकों को संबोधित किया। उन्होंने पहली बैठक कलानौर में की, जोकि शक्ति केंद्रों पर आधारित थी। बैठक में शक्ति केंद्र प्रमुख शामिल हुए। दूसरी बैठक प्रकल्प प्रकोष्ठ की थी। सांपला में किसानों के विरोध के बाद उसे रद्द करके रोहतक कार्यालय में किया गया। इसमें सभी जिला प्रकोष्ठों के प्रमुख शामिल हुए। तीसरी बैठक मदनलाल धींगरा सामुदायिक केंद्र में हुई। इसमें जिले के सभी मंडल पदाधिकारी और प्रभारी शामिल हुए। धींगरा सामुदायिक केंद्र में ही शाम करीब साढ़े सात बजे तक चली चौथी बैठक मोर्चों की थी। इसमें सभी छह मोर्चों के जिला पदाधिकारी, प्रदेश के पदाधिकारी भी शामिल हुए। गौरतलब है कि भाजपा ने संगठन को मजबूत बनाने के मकसद से सभी बड़े नेताओं को जिलों में दो-दो दिन के प्रवास और बैठकों का कार्यक्रम तय किया है। सांसद नायब सैनी इसी के तहत मंगलवार को रोहतक आए थे।
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सांपला की परशुराम धर्मशाला में सांसद सैनी ने भाजपा प्रकल्प प्रकोष्ठ की बैठक को संबोधित करना था। लेकिन करनाल धरने में शामिल किसान नेताओं को इसकी भनक लग गई। उन्होंने फौरन सांपला और रोहद टोल पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों को फोन किए। आनन-फानन में सूचना फैल गई और किसान लामबंद हो गए। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में किसान काले झंडे लेकर परशुराम धर्मशाला के गेट पर पहुंच गए। इसकी जानकारी भाजपा नेताओं को मिली। इसके साथ ही पुलिस और सीआईडी के अधिकारियों ने भी उन्हें माहौल के बारे में बताया। इसके बाद पार्टी ने सांपला की बैठक रद्द करने का फैसला किया। बाद वह बैठक रोहतक प्रदेश कार्यालय में की गई। बाद में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान इस संबंध में पूछे सवाल पर सांसद सैनी और जिला प्रभारी अरविंद यादव ने कहा कि वे टकराव टालना चाहते थे, इसलिए सांपला के बजाय बैठक रोहतक में कर ली।
संगठन मजबूत करने पर किया मंथन
सांसद सैनी ने कैनाल रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दो दिन में उन्होंने अलग-अलग वर्ग के कार्यकर्ताओं के साथ आठ बैठकें कीं। इनमें संगठन को मजबूत बनाने पर मंथन किया गया। कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे बूथ को मजबूत बनाएं, तभी संगठन मजबूत बनेगा। 25 सितंबर तक बूथों पर त्रिदेव प्रणाली लागू करें। हर बूथ पर कम से कम दो स्वास्थ्य स्वयंसेवक नियुक्त करें। केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाएं धरातल तक लेकर जाएं। पंचायती राज चुनाव को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। किसान आंदोलन को लेकर सवाल पर उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे विपक्ष है। इस मौके पर प्रभारी अरविंद यादव, जिलाध्यक्ष अजय बंसल, मेयर मनमोहन गोयल, सह-मीडिया प्रभारी हैप्पी जांगड़ा भी मौजूद रहे।
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सैनी ने चार बैठकों को किया संबोधित
सांसद नायब सैनी ने बुधवार को चार बैठकों को संबोधित किया। उन्होंने पहली बैठक कलानौर में की, जोकि शक्ति केंद्रों पर आधारित थी। बैठक में शक्ति केंद्र प्रमुख शामिल हुए। दूसरी बैठक प्रकल्प प्रकोष्ठ की थी। सांपला में किसानों के विरोध के बाद उसे रद्द करके रोहतक कार्यालय में किया गया। इसमें सभी जिला प्रकोष्ठों के प्रमुख शामिल हुए। तीसरी बैठक मदनलाल धींगरा सामुदायिक केंद्र में हुई। इसमें जिले के सभी मंडल पदाधिकारी और प्रभारी शामिल हुए। धींगरा सामुदायिक केंद्र में ही शाम करीब साढ़े सात बजे तक चली चौथी बैठक मोर्चों की थी। इसमें सभी छह मोर्चों के जिला पदाधिकारी, प्रदेश के पदाधिकारी भी शामिल हुए। गौरतलब है कि भाजपा ने संगठन को मजबूत बनाने के मकसद से सभी बड़े नेताओं को जिलों में दो-दो दिन के प्रवास और बैठकों का कार्यक्रम तय किया है। सांसद नायब सैनी इसी के तहत मंगलवार को रोहतक आए थे।
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