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Rohtak News: कुश्ती, हॉकी समेत 9 खेलों के खिलाड़ियों को तगड़ा झटका
Wed, 23 Oct 2024 01:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 23 Oct 2024 01:03 AM IST
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.रितिका। संवाद
रोहतक। कॉमनवेल्थ खेलों से कुश्ती व हॉकी समेत अहम नौ खेलों के बाहर होने से जिले के खिलाड़ियों को तगड़ा झटका लगा है। प्रदेश की परंपरा का हिस्सा व यहां की माटी से जुड़े कुश्ती व हॉकी खेलों को खिलाड़ियों का पदक जीतने का सपना भी चूरचूर हो गया है। देश को भी इन खेलों के नहीं होने से पदक का नुकसान उठाना पड़ेगा। इस मुद्दे को लेकर खिलाड़ियों से बातचीत की तो उनका दर्द साफ झलका।
कॉमनवेल्थ खेले से कुश्ती, किक्रेट, बैडमिंनट, हॉकी, टेबल टेनिस, तीरंदाजी व ट्रायथलन को बाहर कर दिया गया है। इसमें से अधिकतर खेलों में प्रदेश के खिलाड़ी देश को पदक दिलाते रहे हैं। जिले में भी इन खेलों के बड़ी संख्या में खिलाड़ी हैं। कॉमनवेल्थ खेलों में पदक जीत कर आने वाले खिलाड़ियों को सरकार की तरफ से प्रोत्साहन राशि व सम्मान भी दिया जाता है। अब ऐसा नहीं होगा। इससे खिलाड़ियों की भावना को गहरी ठेस लगी है। खिलाड़ियों का पदक जीतने का सपना ही नहीं टूटा, उनका भविष्य भी अधर में लटक गया है। खिलाड़ियों के लिए खेलने का एक मंच कम हो गया है। इसके चलते खिलाड़ियों ने इन खेलों को फिर से कॉमनवेल्थ खेलों की सूची में शामिल करने की मार्मिक अपील की है।
कॉमनवेल्थ खेलों से तीरंदाजी खेल को बाहर करना गलत है। इस खेल के बड़ी संख्या में खिलाड़ी हैं। ये जिले का विभिन्न स्पर्धाओं में प्रतिनिधित्व कर पदक दिलाते रहे हैं। इस फैसले से तीरंदाजी का अभ्यास करने वाले खिलाड़ी आहत हैं।
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नीतिका, खिलाड़ी, तीरंदाजी।
कॉमनवेल्थ से तीरंदाजी समेत कई खेलों को बाहर कर दिया गया है। यह सुन कर बुरा लगा। कॉमनवेल्थ खेलों में भारत सबसे ज्यादा पदक जीतता रहा है। साथ ही खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए एक मंच बंद हो गया है। इन खेलों को वापस लिया जाए।
सुमित, खिलाड़ी, तीरंदाजी।
कॉमनवेल्थ खेल खिलाड़ियों के लिए एक सुनहरा अवसर है। यहां वह अपनी प्रतिभा ही नहीं तराशता, बल्कि अपना मूल्यांकन भी करता है। देश के खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करने के लिए इस स्पर्धा में पदक के साथ अनुभव भी बंटोरते रहे हैं। इस फैसले से खिलाड़ियों का हौसला प्रभावित होगा।
सुनील, कोच तीरंदाजी।
देश के खिलाड़ियों को कॉमनवेल्थ खेलों में दबदबा रहता है। यहां के कुश्ती, हॉकी व अन्य खेलों के खिलाड़ी देश के लिए पदक जरूर जीतते हैं। ये खेल खिलाड़ियों को प्रतिद्वंद्वी से मुकाबले के लिए तैयारी करने में मददगार साबित होता है। कुश्ती के स्पर्धा से बाहर होने से खिलाड़ी आहत हैं।
रीतिका, पहलवान।
कॉमनवेल्थ खेल खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाता है। यहां मुकाबले में उतरा खिलाड़ी मानसिक रूप से मजबूत होता है। नए अनुभव सीखने के साथ नए खिलाड़ी के लिए खुद को पहचाने व कमियों को दूर करने का अवसर मिलता है। खेल मंत्रालय इन खेलों को सूची में शामिल कराए।
मनदीप, कोच, कुश्ती।
हॉकी खेल को काॅमनवेल्थ से बाहर करने के बारे में पता लगा। यह सुनकर गहरा धक्का लगा है। यह फैसला खेल व खिलाड़ी दोनों को प्रभावित करने वाला है। खिलाड़ियों से कॉमनवेल्थ का एक बेहतर मंच छिन गया है। इससे आने वाले समय में खिलाड़ियों को नुकसान होगा।
शत्रुंजय, खिलाड़ी, हॉकी।
हॉकी, कुश्ती खेल हमारी माटी से जुड़े होने के साथ परंपरा का हिस्सा रहे हैं। इन खेलों में हमारे खिलाड़ी छाए रहते हैं। कॉमनवेल्थ से इन खेलों काे हटाया जाना खिलाड़ियों के साथ गहरा छल है। इससे नए खिलाड़ियों का मनोबल कम होगा। आने वाले समय में पदकों का नुकसान होगा।
अभिषेक, खिलाड़ी, हॉकी।
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कॉमनवेल्थ खेले से कुश्ती, किक्रेट, बैडमिंनट, हॉकी, टेबल टेनिस, तीरंदाजी व ट्रायथलन को बाहर कर दिया गया है। इसमें से अधिकतर खेलों में प्रदेश के खिलाड़ी देश को पदक दिलाते रहे हैं। जिले में भी इन खेलों के बड़ी संख्या में खिलाड़ी हैं। कॉमनवेल्थ खेलों में पदक जीत कर आने वाले खिलाड़ियों को सरकार की तरफ से प्रोत्साहन राशि व सम्मान भी दिया जाता है। अब ऐसा नहीं होगा। इससे खिलाड़ियों की भावना को गहरी ठेस लगी है। खिलाड़ियों का पदक जीतने का सपना ही नहीं टूटा, उनका भविष्य भी अधर में लटक गया है। खिलाड़ियों के लिए खेलने का एक मंच कम हो गया है। इसके चलते खिलाड़ियों ने इन खेलों को फिर से कॉमनवेल्थ खेलों की सूची में शामिल करने की मार्मिक अपील की है।
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कॉमनवेल्थ खेलों से तीरंदाजी खेल को बाहर करना गलत है। इस खेल के बड़ी संख्या में खिलाड़ी हैं। ये जिले का विभिन्न स्पर्धाओं में प्रतिनिधित्व कर पदक दिलाते रहे हैं। इस फैसले से तीरंदाजी का अभ्यास करने वाले खिलाड़ी आहत हैं।
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नीतिका, खिलाड़ी, तीरंदाजी।
कॉमनवेल्थ से तीरंदाजी समेत कई खेलों को बाहर कर दिया गया है। यह सुन कर बुरा लगा। कॉमनवेल्थ खेलों में भारत सबसे ज्यादा पदक जीतता रहा है। साथ ही खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए एक मंच बंद हो गया है। इन खेलों को वापस लिया जाए।
सुमित, खिलाड़ी, तीरंदाजी।
कॉमनवेल्थ खेल खिलाड़ियों के लिए एक सुनहरा अवसर है। यहां वह अपनी प्रतिभा ही नहीं तराशता, बल्कि अपना मूल्यांकन भी करता है। देश के खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करने के लिए इस स्पर्धा में पदक के साथ अनुभव भी बंटोरते रहे हैं। इस फैसले से खिलाड़ियों का हौसला प्रभावित होगा।
सुनील, कोच तीरंदाजी।
देश के खिलाड़ियों को कॉमनवेल्थ खेलों में दबदबा रहता है। यहां के कुश्ती, हॉकी व अन्य खेलों के खिलाड़ी देश के लिए पदक जरूर जीतते हैं। ये खेल खिलाड़ियों को प्रतिद्वंद्वी से मुकाबले के लिए तैयारी करने में मददगार साबित होता है। कुश्ती के स्पर्धा से बाहर होने से खिलाड़ी आहत हैं।
रीतिका, पहलवान।
कॉमनवेल्थ खेल खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाता है। यहां मुकाबले में उतरा खिलाड़ी मानसिक रूप से मजबूत होता है। नए अनुभव सीखने के साथ नए खिलाड़ी के लिए खुद को पहचाने व कमियों को दूर करने का अवसर मिलता है। खेल मंत्रालय इन खेलों को सूची में शामिल कराए।
मनदीप, कोच, कुश्ती।
हॉकी खेल को काॅमनवेल्थ से बाहर करने के बारे में पता लगा। यह सुनकर गहरा धक्का लगा है। यह फैसला खेल व खिलाड़ी दोनों को प्रभावित करने वाला है। खिलाड़ियों से कॉमनवेल्थ का एक बेहतर मंच छिन गया है। इससे आने वाले समय में खिलाड़ियों को नुकसान होगा।
शत्रुंजय, खिलाड़ी, हॉकी।
हॉकी, कुश्ती खेल हमारी माटी से जुड़े होने के साथ परंपरा का हिस्सा रहे हैं। इन खेलों में हमारे खिलाड़ी छाए रहते हैं। कॉमनवेल्थ से इन खेलों काे हटाया जाना खिलाड़ियों के साथ गहरा छल है। इससे नए खिलाड़ियों का मनोबल कम होगा। आने वाले समय में पदकों का नुकसान होगा।
अभिषेक, खिलाड़ी, हॉकी।

.रितिका। संवाद