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साढ़े 18 लीटर दूध दे इमलोटा की गाय ने गाड़ा लट्ठ
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 07 May 2016 02:35 AM IST
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बछिया अाैर गाय
- फोटो : file photo
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गांव इमलोटा के पशुपालक विनोद की देसी गाय ने शुक्रवार को बहुअकबरपुर गांव में कमाल कर दिया। प्रदेशस्तरीय दूध प्रतियोगिता में प्रदेशभर से पहुंची गायों को चित कर विनोद की गाय ने साढ़े 18 लीटर दूध देकर पहला स्थान हासिल किया। विनोद ने बताया कि वह पहली बार प्रतियोगिता में आया और उसकी देशी गाय ने 18.350 लीटर दूध देकर पहला स्थान हासिल किया।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष यह गाय उसकी बहन के पास झज्जर में थी। ग्रामीण स्तरीय प्रतियोगिता में पिछले साल 14.420 लीटर दूध में पहला स्थान प्राप्त किया था। इससे पहले, शुक्रवार सुबह हिसार रोड स्थित बहुअकबरपुर गांव के अंतर्राष्ट्रीय पशु विज्ञान एवं शोध संस्थान में राज्य स्तरीय गौवंश प्रतियोगिता शुरू हुई। हरियाणा सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से यहां स्थित अंतरराष्ट्रीय पशु शोध संस्थान में यह प्रतियोगिता कराई जा रही है। शनिवार को देश के इतिहास में पहला मौका होगा, जब गौवंश मॉडलों की तरह रैंप पर कैटवॉक करेंगी। समापन समारोह में हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ मुख्यातिथि होंगे।
ये रहे परिणाम
हरियाणा वेस्ट सांड़ प्रतियोगिता
नाम गांव जिला स्थान
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नरेंद्र डिडवाडी पानीपत प्रथम
सुखदेव साह सतनामपुरा सिरसा दूसरा
हरियाणा बैड़ी प्रतियोगिता
नाम गांव जिला स्थान
संदीप बहुअकबरपुर रोहतक प्रथम
लाल सिंह सुगराणा रेवाड़ी दूसरा
अनिल जुगलाना हिसार तीसरा
हरियाणा बैलों की जोड़ी प्रतियोगिता
नाम गांव जिला स्थान
कर्मबीर खांड़ा खेड़ी हिसार प्रथम
विजेंद्र खरक जाटान रेवाड़ी दूसरा
बिजेंद्र भाली आंनदपुर रोहतक तीसरा
सुंदर दुधारू गाय प्रतियोगिता
नाम गांव जिला स्थान
बाबा लाठेवाल गौशाला पानीपत प्रथम
श्री गोपाल कृष्ण गौशाला कुरुक्षेत्र दूसरा
लावारिस पीड़ित पशु सेवा संघ रोहतक तीसरा
जसमेर गौशाला समिति सिसाना सोनीपत तीसरा
देशी सूखी गाय, बिना दूध की प्रतियोगिता
नाम गांव जिला स्थान
दादा मयूरापुरी गौशाला मातनहेल झज्जर प्रथम
जसमेर गौशाला समिति सिसाना सोनीपत दूसरा
गौशाला सेवा समिति झज्जर बहादुरगढ़ तीसरा
साहिवाल सांड़ प्रतियोगिता
नाम गांव जिला स्थान
श्री गौशाला डेयरी दाता हिसार प्रथम
श्री कृष्ण वासुदेव गौशाला दूसरा
जसमेर गौशाला समिति सिसाना सोनीपत तीसरा
ये बैल सबसे आगे
हिसार के गांव खांड़ा खेड़ी निवासी कर्मबीर ने बैलोें की जोड़ी में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। कर्मबीर ने बताया कि दोनों बैलों से वह आज भी खेती का पूरा काम करता है। लगभग तीन साल से यह जोड़ी उसके पास है। तीन बार पहले भी झज्जर, गुड़गांव व सिंघवा में यह जोड़ी अव्वल रही है। 45 हजार का इनाम भी मिल चुका है। किसान का कहना है कि वह इस जोड़ी से काम भी अच्छा लेता है और चारे में चना, बिनौला के अलावा घी, दूध भी देता रहा है।
उम्मीद से कहीं ज्यादा पहुंची गाय
यूं तो पशुओं के मेले हरियाणा व आसपास के राज्यों में आम होते हैं, लेकिन यहां उम्मीद से कहीं अधिक पशुपालक पहुंचे। आयोजकों का दावा है कि हरियाणा सहित पूरे देश में गौ पालन का चलन बढ़ रहा है। इन गौवंश का जलवा बॉलीवुड तक पहुंच चुका है। दिन प्रतिदिन बॉलीवुड में इन गायों की मांग बढ़ती जा रही है। बड़े-बड़े कलाकार देसी गायों के प्रति रुचि दिखा रहे हैं और देसी गायों का ही दूध पसंद करते हैं। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डा. सूर्या खटकड़ ने बताया कि शुक्रवार शाम तक लगभग 600 गौवंश समारोह स्थल पर पहुंच चुके हैं। इनमें हरियाणा, साहीवाल, राठी, गिर, थारपारकर व बिलाही नस्लें शामिल हैं। इन गौवंश में 50 जवान सांड़ों सहित 40 बैलों के जोड़े, 40 बछड़े, 100 से ज्यादा बिना दूध वाली गाय और अन्य 18 स्पर्धाओं में गौवंश पहुंचे हैं। रेवाड़ी, नारनौल, झज्जर और रोहतक जिलों से सबसे ज्यादा गौवंश पहुंचे हैं। पशुओं पर क्रूरता के खिलाफ कार्रवाई विषय पर एक सेमिनार भी हुआ, जिसमें पूरे हरियाणा के पशु चिकित्सकों ने भाग लिया।
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उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष यह गाय उसकी बहन के पास झज्जर में थी। ग्रामीण स्तरीय प्रतियोगिता में पिछले साल 14.420 लीटर दूध में पहला स्थान प्राप्त किया था। इससे पहले, शुक्रवार सुबह हिसार रोड स्थित बहुअकबरपुर गांव के अंतर्राष्ट्रीय पशु विज्ञान एवं शोध संस्थान में राज्य स्तरीय गौवंश प्रतियोगिता शुरू हुई। हरियाणा सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से यहां स्थित अंतरराष्ट्रीय पशु शोध संस्थान में यह प्रतियोगिता कराई जा रही है। शनिवार को देश के इतिहास में पहला मौका होगा, जब गौवंश मॉडलों की तरह रैंप पर कैटवॉक करेंगी। समापन समारोह में हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ मुख्यातिथि होंगे।
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हरियाणा वेस्ट सांड़ प्रतियोगिता
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नाम गांव जिला स्थान
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अनिल जुगलाना हिसार तीसरा
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विजेंद्र खरक जाटान रेवाड़ी दूसरा
बिजेंद्र भाली आंनदपुर रोहतक तीसरा
सुंदर दुधारू गाय प्रतियोगिता
नाम गांव जिला स्थान
बाबा लाठेवाल गौशाला पानीपत प्रथम
श्री गोपाल कृष्ण गौशाला कुरुक्षेत्र दूसरा
लावारिस पीड़ित पशु सेवा संघ रोहतक तीसरा
जसमेर गौशाला समिति सिसाना सोनीपत तीसरा
देशी सूखी गाय, बिना दूध की प्रतियोगिता
नाम गांव जिला स्थान
दादा मयूरापुरी गौशाला मातनहेल झज्जर प्रथम
जसमेर गौशाला समिति सिसाना सोनीपत दूसरा
गौशाला सेवा समिति झज्जर बहादुरगढ़ तीसरा
साहिवाल सांड़ प्रतियोगिता
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श्री गौशाला डेयरी दाता हिसार प्रथम
श्री कृष्ण वासुदेव गौशाला दूसरा
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ये बैल सबसे आगे
हिसार के गांव खांड़ा खेड़ी निवासी कर्मबीर ने बैलोें की जोड़ी में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। कर्मबीर ने बताया कि दोनों बैलों से वह आज भी खेती का पूरा काम करता है। लगभग तीन साल से यह जोड़ी उसके पास है। तीन बार पहले भी झज्जर, गुड़गांव व सिंघवा में यह जोड़ी अव्वल रही है। 45 हजार का इनाम भी मिल चुका है। किसान का कहना है कि वह इस जोड़ी से काम भी अच्छा लेता है और चारे में चना, बिनौला के अलावा घी, दूध भी देता रहा है।
उम्मीद से कहीं ज्यादा पहुंची गाय
यूं तो पशुओं के मेले हरियाणा व आसपास के राज्यों में आम होते हैं, लेकिन यहां उम्मीद से कहीं अधिक पशुपालक पहुंचे। आयोजकों का दावा है कि हरियाणा सहित पूरे देश में गौ पालन का चलन बढ़ रहा है। इन गौवंश का जलवा बॉलीवुड तक पहुंच चुका है। दिन प्रतिदिन बॉलीवुड में इन गायों की मांग बढ़ती जा रही है। बड़े-बड़े कलाकार देसी गायों के प्रति रुचि दिखा रहे हैं और देसी गायों का ही दूध पसंद करते हैं। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डा. सूर्या खटकड़ ने बताया कि शुक्रवार शाम तक लगभग 600 गौवंश समारोह स्थल पर पहुंच चुके हैं। इनमें हरियाणा, साहीवाल, राठी, गिर, थारपारकर व बिलाही नस्लें शामिल हैं। इन गौवंश में 50 जवान सांड़ों सहित 40 बैलों के जोड़े, 40 बछड़े, 100 से ज्यादा बिना दूध वाली गाय और अन्य 18 स्पर्धाओं में गौवंश पहुंचे हैं। रेवाड़ी, नारनौल, झज्जर और रोहतक जिलों से सबसे ज्यादा गौवंश पहुंचे हैं। पशुओं पर क्रूरता के खिलाफ कार्रवाई विषय पर एक सेमिनार भी हुआ, जिसमें पूरे हरियाणा के पशु चिकित्सकों ने भाग लिया।