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Rohtak News: भैया दूज... बहनों ने भाइयों के माथे पर किया स्नेह का तिलक
Mon, 04 Nov 2024 02:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 04 Nov 2024 02:19 AM IST
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फोटो 31- सोनीपत के धोबी वाड़ा में भाई शिवा शौनक को तिलक करती श्री शौनक। स्रोत: पाठक
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। भाई-बहन के प्रेम व विश्वास का प्रतीक भैया दूज पर्व रविवार को सौभाग्य व शोभन योग में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने शुभ मुहूर्त में अपने भाई के माथे पर तिलक कर उनकी लंबी आयु व सुख-शांति की कामना की। भाइयों ने बहनों को उपहार दिए।
बाजार में किरयाणा, मिठाई व अन्य खरीदारी को लेकर चहल-पहल रही। बहन-भाइयों ने एक-दूसरे के लिए मिठाई व उपहार खरीदें। श्री देवी चिटाने वाली माता मंदिर के पुजारी पंडित अमित शौनक ने बताया कि छह दिवसीय दीपोत्सव के आखिरी दिन भैया दूज पर्व मनाया गया। भैया दूज पर्व हर वर्ष दिवाली के दूसरे दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस पर्व का भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व है। भैया दूज पर बहनों ने भाइयों की लंबी आयु की कामना के साथ माथे पर तिलक कर उनके सुखी जीवन की कामना की। मान्यता है कि जो भाई इस दिन बहन के घर जाकर तिलक करवाकर भोजन ग्रहण करता है, उनकी अकाल मृत्यु नहीं होती। भैया दूज पर्व के साथ ही आज दिवसीय दीपोत्सव भी संपन्न हो गया। कई जगह परिवार के बड़े सदस्यों ने पर्व की परंपरा को निभाया तो कहीं नन्हें-मुन्नों ने भैया दूज पर्व मनाकर संस्कृति को समझा। वहीं, बहुत से भाई-बहन व्यस्तता व अन्य कारणों से एक-दूसरे के पास नहीं पहुंच पाए। हालांकि उन्होंने भी मोबाइल पर वीडियो कॉल कर एक-दूसरे को पर्व की बधाई दी।
बहनों ने व्रत रख की भाइयों की सुख-समृद्धि की कामना
भैयादूज पर बहनों ने भाइयों की सुख-समृद्धि व मंगलकामना के लिए व्रत भी रखा। कहीं बहनें अपने भाइयों के घर भाई दूज मनाने के लिए पहुंचीं तो कहीं भाई अपनी बहनों के घर पहुंचे। सुबह से ही बाजार में खरीदारी को लेकर चहल-पहल रही। बहनों ने अपने भाइयों के लिए मिठाई, गोला व उपहार की खरीदारी की। भाइयों ने भी अपनी बहनों के लिए पसंद के उपहार खरीदें। बहनों ने अपने भाइयों को रोली, चावल से तिलक कर आरती उतारकर उन्हें मिठाई खिलाई। साथ ही भाइयों की सुख, समृद्धि और लंबी उम्र की कामना की। भाइयों ने बहनों को आकर्षक उपहार प्रदान कर रक्षा का संकल्प लिया।
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सोनीपत। भाई-बहन के प्रेम व विश्वास का प्रतीक भैया दूज पर्व रविवार को सौभाग्य व शोभन योग में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने शुभ मुहूर्त में अपने भाई के माथे पर तिलक कर उनकी लंबी आयु व सुख-शांति की कामना की। भाइयों ने बहनों को उपहार दिए।
बाजार में किरयाणा, मिठाई व अन्य खरीदारी को लेकर चहल-पहल रही। बहन-भाइयों ने एक-दूसरे के लिए मिठाई व उपहार खरीदें। श्री देवी चिटाने वाली माता मंदिर के पुजारी पंडित अमित शौनक ने बताया कि छह दिवसीय दीपोत्सव के आखिरी दिन भैया दूज पर्व मनाया गया। भैया दूज पर्व हर वर्ष दिवाली के दूसरे दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस पर्व का भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व है। भैया दूज पर बहनों ने भाइयों की लंबी आयु की कामना के साथ माथे पर तिलक कर उनके सुखी जीवन की कामना की। मान्यता है कि जो भाई इस दिन बहन के घर जाकर तिलक करवाकर भोजन ग्रहण करता है, उनकी अकाल मृत्यु नहीं होती। भैया दूज पर्व के साथ ही आज दिवसीय दीपोत्सव भी संपन्न हो गया। कई जगह परिवार के बड़े सदस्यों ने पर्व की परंपरा को निभाया तो कहीं नन्हें-मुन्नों ने भैया दूज पर्व मनाकर संस्कृति को समझा। वहीं, बहुत से भाई-बहन व्यस्तता व अन्य कारणों से एक-दूसरे के पास नहीं पहुंच पाए। हालांकि उन्होंने भी मोबाइल पर वीडियो कॉल कर एक-दूसरे को पर्व की बधाई दी।
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बहनों ने व्रत रख की भाइयों की सुख-समृद्धि की कामना
भैयादूज पर बहनों ने भाइयों की सुख-समृद्धि व मंगलकामना के लिए व्रत भी रखा। कहीं बहनें अपने भाइयों के घर भाई दूज मनाने के लिए पहुंचीं तो कहीं भाई अपनी बहनों के घर पहुंचे। सुबह से ही बाजार में खरीदारी को लेकर चहल-पहल रही। बहनों ने अपने भाइयों के लिए मिठाई, गोला व उपहार की खरीदारी की। भाइयों ने भी अपनी बहनों के लिए पसंद के उपहार खरीदें। बहनों ने अपने भाइयों को रोली, चावल से तिलक कर आरती उतारकर उन्हें मिठाई खिलाई। साथ ही भाइयों की सुख, समृद्धि और लंबी उम्र की कामना की। भाइयों ने बहनों को आकर्षक उपहार प्रदान कर रक्षा का संकल्प लिया।
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