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पीजीआईएमएस को समय पर नहीं मिल पा रही सिलिंडर में ऑक्सीजन

Tue, 11 May 2021 12:55 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 11 May 2021 12:55 AM IST
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Beds are not growing in PGIMS due to lack of oxygen cylinders
संजय कुमार
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रोहतक। पीजीआईएमएस रोहतक रोजाना 400 के करीब कोरोना मरीजों को दाखिल कर उपचार दे रहा है। इससे अधिक बेड की संख्या बढ़ाने में संस्थान के आड़े सिलिंडर में ऑक्सीजन की कमी आ रही है। यहां फिलहाल लिक्विड ऑक्सीजन की तो कोई कमी नहीं है, लेकिन सिलिंडर में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। ऐसे में बेड की संख्या बढ़ाना चुनौती बना हुआ है।
संस्थान को सरकार की ओर से एक हजार बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके बावजूद अभी तक करीब 400 बेड कोरोना मरीजों को दिए गए हैं। पीजीआईएमएस प्रशासन का कहना है कि उनके यहां लिक्विड ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन सिलिंडर में ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। निजी अस्पतालों को यह ऑक्सीजन अधिक उपलब्ध कराई जा रही है। पीजीआईएमएस में दस-दस मीट्रिक टन के तीन लिक्विड ऑक्सीजन टैंक हैं। यह पुराने अस्पताल, लाला श्याम लाल सुपर स्पेशलिटी व ट्रामा सेंटर के अलावा न्यू मॉड्यूलर ओटी के लिए ऑक्सीजन उपलब्ध कराते हैं। इसके अलावा आपातकालीन विभाग, गायनी, बी-ब्लॉक, मनोरोग विभाग जैसे स्थानों पर सिलिंडर वाली ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। इसके लिए हमारे पास डी ग्रुप के 1150 व बी ग्रुप के 450 सिलिंडर हैं। इनका प्रयोग आपात विभाग व जहां ऑक्सीजन सप्लाई नहीं है, वहां प्रयोग होता है। लेकिन इस समय पर्याप्त मात्रा में सिलिंडर में ऑक्सीजन न मिल पाने के कारण समस्या खड़ी है। यदि जिला प्रशासन पर्याप्त मात्रा में सिलिंडर में ऑक्सीजन उपलब्ध कराए तो बेड की संख्या को बढ़ाया जा सकता है।
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मेडिकल कॉलेजों को दिए गए ऑक्सीजन सिलिंडर वापस मांगे
पीजीआईएमएस ने पिछले साल प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों को दिए गए ऑक्सीजन सिलिंडर को वापस मांगे है। संस्थान ने कोरोना संकट को देखते हुए पिछले साल प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों को 450 के करीब सिलिंडर भेजे थे।
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वर्जन
संस्थान में दस-दस मीट्रिक टन के तीन लिक्विड ऑक्सीजन के टैंक हैं। यहां पहले 150 सिलिंडर थे, लेकिन पिछले साल कोरोना को देखते हुए एक हजार सिलिंडर खरीदे गए थे। इनको डिमांड के आधार पर अन्य मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। अभी हमारे पास करीब 600 सिलिंडर हैं, बाकी वापस मांगे गए हैं। जिला प्रशासन से आग्रह किया गया है कि वह सिलिंडर में ऑक्सीजन उपलब्ध कराने का इंतजाम करें, ताकि हम बेड की संख्या को बढ़ा सकें। जब तक ऑक्सीजन का प्रबंध नहीं होता, तब तक सिर्फ बेड की संख्या बढ़ाने का लाभ नहीं होगा।

- डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस
वर्जन
पीजीआईएमएस को बीते 24 घंटे के दौरान चार चरणों में 120 ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराए गए हैं। रोजाना जितने अॅक्सीजन सिलिंडर की खपत होती है, उससे अधिक सिलिंडर पीजीआईएमएस को दिए जा रहे हैं। कोरोना मरीजों के बेड को लेकर ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए पीजीआईएमएस की ओर से कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। यदि इस तरह की मांग की जाएगी तो उसके लिए भी ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी।
- मेजर गायत्री अहलावत, ओएसडी ऑक्सीजन मैनेजमेंट, पीजीआईएमएस, रोहतक।
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