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बठिंडा के किसान की हृदयाघात से मौत
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बहादुरगढ़। तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के टीकरी बॉर्डर पड़ाव में शुक्रवार को पंजाब के एक किसान की हृदयाघात से मौत हो गई।
पंजाब के जिला बठिंडा के गांव जोगानंद के किसान यशपाल (52) पुत्र विचित्र सिंह किसान आंदोलन में काफी समय से सक्रिय थे। शुक्रवार को हार्ट फेल होने से उनकी मौत हो गई। उन्हीं के गांव के निवासी साथी किसान दीदार सिंह ने बताया कि कुछ दिन से खेती क्यारी के काम के लिए गांव में थे। सोमवार 5 अप्रैल को वह धरने में शामिल होने के लिए टीकरी बॉर्डर आए थे। दिन में हर रोज टीकरी बॉर्डर सभा में शामिल होते। शुक्रवार को बॉर्डर की सभा खत्म होने के बाद एमएआइई पुलिस चौकी के सामने मेट्रो पिलर नंबर 763 के पास अपनी ट्रॉली के साथ टेंट में आ गए।
दीदार सिंह ने बताया कि लगभग साढ़े चार बजे यशपाल साथी किसानों के साथ बैठे थे कि अचानक उनकी छाती में भीषण दर्द होने लगा। साथी किसान उनको अस्पताल ले जा पाते तक मौके पर ही उनकी मौत हो गई। साथियों के अनुसार यशपाल की अनुमानित मौत हृदयाघात से हुई है। सूचना मिलने पर चौकी से पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचित किया और कार्रवाई कर शव को नागरिक अस्पताल के शव गृह पहुंचाया। जहां शनिवार को पोस्टमार्टम होगा। यशपाल तीन बेटियों और एक बेटे समेत चार बच्चों के पिता थे। दो बड़ी बेटियां विवाहित हैं।
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पंजाब के जिला बठिंडा के गांव जोगानंद के किसान यशपाल (52) पुत्र विचित्र सिंह किसान आंदोलन में काफी समय से सक्रिय थे। शुक्रवार को हार्ट फेल होने से उनकी मौत हो गई। उन्हीं के गांव के निवासी साथी किसान दीदार सिंह ने बताया कि कुछ दिन से खेती क्यारी के काम के लिए गांव में थे। सोमवार 5 अप्रैल को वह धरने में शामिल होने के लिए टीकरी बॉर्डर आए थे। दिन में हर रोज टीकरी बॉर्डर सभा में शामिल होते। शुक्रवार को बॉर्डर की सभा खत्म होने के बाद एमएआइई पुलिस चौकी के सामने मेट्रो पिलर नंबर 763 के पास अपनी ट्रॉली के साथ टेंट में आ गए।
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दीदार सिंह ने बताया कि लगभग साढ़े चार बजे यशपाल साथी किसानों के साथ बैठे थे कि अचानक उनकी छाती में भीषण दर्द होने लगा। साथी किसान उनको अस्पताल ले जा पाते तक मौके पर ही उनकी मौत हो गई। साथियों के अनुसार यशपाल की अनुमानित मौत हृदयाघात से हुई है। सूचना मिलने पर चौकी से पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचित किया और कार्रवाई कर शव को नागरिक अस्पताल के शव गृह पहुंचाया। जहां शनिवार को पोस्टमार्टम होगा। यशपाल तीन बेटियों और एक बेटे समेत चार बच्चों के पिता थे। दो बड़ी बेटियां विवाहित हैं।
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