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कल होगा आर्य प्रतिनिधि सभा हरयाणा का चुनाव, नहीं मिला स्टे
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 10 Dec 2016 01:41 AM IST
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आर्य प्रतिनिधि सभा हरयाणा का चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
विवादों में घिरा आर्य प्रतिनिधि सभा हरयाणा का चुनाव रविवार को तय कार्यक्रम के अनुसार होगा। लेकिन इसके बाद भी चुनी गई कार्यकारिणी पर संशय बना रहेगा। इसकी वजह यह है कि चुनाव रोकने के लिए सोसायटी रजिस्ट्रार के पास दायर याचिका खारिज होने के बाद शुक्रवार को सभा के अंतरंग सदस्य शमशेर आर्य की तरफ से स्टेट रजिस्ट्रार के पास याचिका दायर कर दी गई है। इस याचिका पर अब सुनवाई 14 दिसंबर को होगी। इस बीच सभा का चुनाव 11 दिसंबर को हो जाएगा। लेकिन नियमानुसार चुनाव के बाद भी अपील की जा सकती है। ऐसे में यदि कुछ गलत पाया गया तो चुनाव को रद्द किया जा सकता है।
बता दें कि शमशेर आर्य की तरफ से सोसायटी रजिस्ट्रार के पास याचिका दायर कर मतदाता सूची पर सवाल उठाए गए थे और चुनाव पर स्टे की मांग की गई थी। लेकिन सोसायटी रजिस्ट्रार ने नियमों का हवाला देकर याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद शमशेर आर्य ने शुक्रवार को स्टेट रजिस्ट्रार के पास याचिका दायर कर दी।
दिन भर संशय बना रहा कि कहीं चुनाव पर स्टे न लग जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। स्टेट रजिस्ट्रार ने शमशेर आर्य की याचिका पर सुनवाई के लिए 14 दिसंबर का समय दिया है। जबकि रविवार को सभा का चुनाव करा दिया जाएगा। हालांकि, याचिकाकर्ता का कहना है कि भले ही सभा के चुनाव करा दिया जाएं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने मतदाता सूची पर सवाल उठाए हैं। मतदाता सूची गलत मिलने पर चुनाव के बाद बनी कार्यकारिणी खुद ही भंग हो जाएगी। उन्होंने कहा कि नए प्रतिनिधि बनाने में नियमों का उल्लंघन किया गया है। जिन प्रतिनिधियों को गलत तरीके से जोड़ा गया है उन्हें हटवाकर दम लेंगे।
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मास्टर रामपाल पक्ष के पुराने मामलों को दी हवा
याचिकाकर्ता शमशेर आर्य ने मास्टर रामपाल और उनके पैनल के प्रत्याशियों के पुराने मामले भी उठा दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2012 में मास्टर रामपाल आर्य व उनके सहयोगी गोशाला संघ से जुड़े थे। उन्होंने फर्जी कार्यकारिणी बनाकर गोशाला संघ के रिकार्ड में करीब 12 लाख रुपये की हेराफेरी की, जिसका हिसाब नहीं दिया गया। यह मामला हिसार के सिविल लाइन थाने में दर्ज है।
पिछले माह इसकी शिकायत रोहतक के सिविल लाइन थाने में भी दी गई। उक्त दोनों लोगों को गोशाला संघ से निष्काषित किया जा चुका है। उनके प्रवेश पर भी प्रतिबंध है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग फर्जी वोटों के सहारे आर्य प्रतिनिधि सभा पर काबिज होना चाहते हैं।
चुनाव के समय लगते रहते हैं आरोप-प्रत्यारोप : मास्टर रामपाल
शमशेर आर्य के आरोपों पर मास्टर रामपाल आर्य का कहना है कि शमशेर आर्य आरोप लगाने में पेशेवर हैं। पिछले दिनों उन्होंने जो आरोप लगाए थे, उसे सोसायटी रजिस्ट्रार ने खारिज कर दिया। हिसार में हुए मुकदमे को भी निचली कोर्ट में खारिज किया जा चुका है। अब इन्होंने दूसरी जगह अपील की है। अपील कोई भी व्यक्ति कर सकता है। इससे आरोप सिद्ध नहीं हो जाता है। चुनाव के समय ऐसे आरोप-प्रत्यारोप लगते रहते हैं। उनके आरोपों का जवाब देना मैं उचित नहीं समझता।
यह बोले सोसायटी रजिस्ट्रार
सोसायटी एक्ट में प्रावधान है कि चुनाव के बाद भी अपील की जा सकती है। जांच के बाद यदि कुछ गलत मिलता है तो कार्यकारिणी को भंग किया जा सकता है।
- आरएस साखला, सोसायटी रजिस्ट्रार
मास्टर रामपाल ने मेरे साथ विश्वासघात किया है : आचार्य विजयपाल
आर्य प्रतिनिधि सभा हरयाणा में आरोप-प्रत्यारोप का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में प्रधान पद के प्रत्याशी आचार्य विजयपाल ने कहा कि मास्टर रामपाल ने सभा पर काबिज होने के लिए मेरे साथ विश्वासघात किया है। जबकि मास्टर रामपाल आर्य ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि आचार्य विजयपाल संगठन को बांटने वाले लोगों का साथ दे रहे हैं।
मैना पर्यटन केंद्र में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में आचार्य विजयपाल ने कहा कि वह हमेशा सभा को साथ लेकर चले हैं, लेकिन मास्टर रामपाल आर्य ने सभा पर काबिज होने के लिए उनके साथ विश्वासघात करने में कसर नहीं छोड़ी। नामांकन से कुछ दिन पहले भी उन्होंने सर्वसम्मति से कार्यकारिणी बनाई थी, लेकिन मास्टर रामपाल ने विरोध जता दिया। उन्होंने कहा कि मास्टर रामपाल उन लोगों को सभा से बाहर करना चाहते हैं, जो उनके साथ नहीं हैं। आचार्य विजयपाल का कहना है कि मास्टर रामपाल ने मुझे झांसे में लेकर कहा था कि प्रधान आप ही होंगे, मैं चुनाव नहीं लडूंगा। मैंने आर्य होने के नाते उन पर विश्वास किया, लेकिन उन्होंने कुछ गलत प्रतिनिधि बना दिए और चुनाव मैदान में आकर अपनी मंशा जाहिर कर दी।
उन्होंने मास्टर रामपाल के आर्य होने पर भी सवाल उठाए। कहा कि मैंने नामांकन के दिन भी सहमति से कार्यकारिणी बनाने का प्रयास किया था, लेकिन रामपाल नहीं माने। अब उनकी सच्चाई सभी के सामने है। इस मौके पर मौजूद स्वामी संपूर्णानंद ने कहा कि चुनाव में सभी आर्यजन साबित कर देंगे कि उन्हें सभा का नेतृत्व करने वाला संन्यासी चाहिए या स्वार्थी। दो दिन बाद यह सामने होगा। उन्होंने कहा कि सभी से अपील है कि अच्छे प्रतिनिधि का ही चयन करें।
कुछ प्रतिनिधि गलत, फिर भी लड़ेंगे सच की लड़ाई
मतदाता सूची में गलत प्रतिनिधियों के सवाल पर आचार्य विजयपाल ने कहा कि अब चुनाव के लिए केवल एक दिन बचा है। ऐसे में मतदाता सूची में गलत प्रतिनिधि होने के बावजूद उनके सामने चुनाव लड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। यदि वह चुनाव लड़ने से पीछे हटते हैं तो दूसरे प्रत्याशी को विजयी घोषित कर दिया जाएगा। लेकिन वह ऐसा नहीं होने देंगे।
चुनाव के बाद पता चल जाएगा कि आर्यजन किसके साथ : मास्टर रामपाल
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरेंद्र और आचार्य विजयपाल पर सर्वसम्मति से फैसला छोड़ा गया था कि कार्यकारिणी का गठन कर लिया जाए, लेकिन उन्होंने कार्यकारिणी में गलत लोगों को शामिल कर लिया इसलिए विरोध किया गया। आचार्य विजयपाल संगठन को बांटने वाले लोगों से घिरे हैं। इस कारण ऐसे आरोप लगा रहे हैं। मुझे उम्मीद नहीं थी कि आचार्य विजयपाल इस हद तक आ जाएंगे। समझौते से मैं नहीं, वह खुद भागे थे। चुनाव परिणाम आने के बाद पता चल जाएगा कि आर्यजन किसके साथ हैं।
- मास्टर रामपाल आर्य, प्रधान पद के प्रत्याशी
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बता दें कि शमशेर आर्य की तरफ से सोसायटी रजिस्ट्रार के पास याचिका दायर कर मतदाता सूची पर सवाल उठाए गए थे और चुनाव पर स्टे की मांग की गई थी। लेकिन सोसायटी रजिस्ट्रार ने नियमों का हवाला देकर याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद शमशेर आर्य ने शुक्रवार को स्टेट रजिस्ट्रार के पास याचिका दायर कर दी।
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दिन भर संशय बना रहा कि कहीं चुनाव पर स्टे न लग जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। स्टेट रजिस्ट्रार ने शमशेर आर्य की याचिका पर सुनवाई के लिए 14 दिसंबर का समय दिया है। जबकि रविवार को सभा का चुनाव करा दिया जाएगा। हालांकि, याचिकाकर्ता का कहना है कि भले ही सभा के चुनाव करा दिया जाएं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने मतदाता सूची पर सवाल उठाए हैं। मतदाता सूची गलत मिलने पर चुनाव के बाद बनी कार्यकारिणी खुद ही भंग हो जाएगी। उन्होंने कहा कि नए प्रतिनिधि बनाने में नियमों का उल्लंघन किया गया है। जिन प्रतिनिधियों को गलत तरीके से जोड़ा गया है उन्हें हटवाकर दम लेंगे।
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मास्टर रामपाल पक्ष के पुराने मामलों को दी हवा
याचिकाकर्ता शमशेर आर्य ने मास्टर रामपाल और उनके पैनल के प्रत्याशियों के पुराने मामले भी उठा दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2012 में मास्टर रामपाल आर्य व उनके सहयोगी गोशाला संघ से जुड़े थे। उन्होंने फर्जी कार्यकारिणी बनाकर गोशाला संघ के रिकार्ड में करीब 12 लाख रुपये की हेराफेरी की, जिसका हिसाब नहीं दिया गया। यह मामला हिसार के सिविल लाइन थाने में दर्ज है।
पिछले माह इसकी शिकायत रोहतक के सिविल लाइन थाने में भी दी गई। उक्त दोनों लोगों को गोशाला संघ से निष्काषित किया जा चुका है। उनके प्रवेश पर भी प्रतिबंध है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग फर्जी वोटों के सहारे आर्य प्रतिनिधि सभा पर काबिज होना चाहते हैं।
चुनाव के समय लगते रहते हैं आरोप-प्रत्यारोप : मास्टर रामपाल
शमशेर आर्य के आरोपों पर मास्टर रामपाल आर्य का कहना है कि शमशेर आर्य आरोप लगाने में पेशेवर हैं। पिछले दिनों उन्होंने जो आरोप लगाए थे, उसे सोसायटी रजिस्ट्रार ने खारिज कर दिया। हिसार में हुए मुकदमे को भी निचली कोर्ट में खारिज किया जा चुका है। अब इन्होंने दूसरी जगह अपील की है। अपील कोई भी व्यक्ति कर सकता है। इससे आरोप सिद्ध नहीं हो जाता है। चुनाव के समय ऐसे आरोप-प्रत्यारोप लगते रहते हैं। उनके आरोपों का जवाब देना मैं उचित नहीं समझता।
यह बोले सोसायटी रजिस्ट्रार
सोसायटी एक्ट में प्रावधान है कि चुनाव के बाद भी अपील की जा सकती है। जांच के बाद यदि कुछ गलत मिलता है तो कार्यकारिणी को भंग किया जा सकता है।
- आरएस साखला, सोसायटी रजिस्ट्रार
मास्टर रामपाल ने मेरे साथ विश्वासघात किया है : आचार्य विजयपाल
आर्य प्रतिनिधि सभा हरयाणा में आरोप-प्रत्यारोप का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में प्रधान पद के प्रत्याशी आचार्य विजयपाल ने कहा कि मास्टर रामपाल ने सभा पर काबिज होने के लिए मेरे साथ विश्वासघात किया है। जबकि मास्टर रामपाल आर्य ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि आचार्य विजयपाल संगठन को बांटने वाले लोगों का साथ दे रहे हैं।
मैना पर्यटन केंद्र में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में आचार्य विजयपाल ने कहा कि वह हमेशा सभा को साथ लेकर चले हैं, लेकिन मास्टर रामपाल आर्य ने सभा पर काबिज होने के लिए उनके साथ विश्वासघात करने में कसर नहीं छोड़ी। नामांकन से कुछ दिन पहले भी उन्होंने सर्वसम्मति से कार्यकारिणी बनाई थी, लेकिन मास्टर रामपाल ने विरोध जता दिया। उन्होंने कहा कि मास्टर रामपाल उन लोगों को सभा से बाहर करना चाहते हैं, जो उनके साथ नहीं हैं। आचार्य विजयपाल का कहना है कि मास्टर रामपाल ने मुझे झांसे में लेकर कहा था कि प्रधान आप ही होंगे, मैं चुनाव नहीं लडूंगा। मैंने आर्य होने के नाते उन पर विश्वास किया, लेकिन उन्होंने कुछ गलत प्रतिनिधि बना दिए और चुनाव मैदान में आकर अपनी मंशा जाहिर कर दी।
उन्होंने मास्टर रामपाल के आर्य होने पर भी सवाल उठाए। कहा कि मैंने नामांकन के दिन भी सहमति से कार्यकारिणी बनाने का प्रयास किया था, लेकिन रामपाल नहीं माने। अब उनकी सच्चाई सभी के सामने है। इस मौके पर मौजूद स्वामी संपूर्णानंद ने कहा कि चुनाव में सभी आर्यजन साबित कर देंगे कि उन्हें सभा का नेतृत्व करने वाला संन्यासी चाहिए या स्वार्थी। दो दिन बाद यह सामने होगा। उन्होंने कहा कि सभी से अपील है कि अच्छे प्रतिनिधि का ही चयन करें।
कुछ प्रतिनिधि गलत, फिर भी लड़ेंगे सच की लड़ाई
मतदाता सूची में गलत प्रतिनिधियों के सवाल पर आचार्य विजयपाल ने कहा कि अब चुनाव के लिए केवल एक दिन बचा है। ऐसे में मतदाता सूची में गलत प्रतिनिधि होने के बावजूद उनके सामने चुनाव लड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। यदि वह चुनाव लड़ने से पीछे हटते हैं तो दूसरे प्रत्याशी को विजयी घोषित कर दिया जाएगा। लेकिन वह ऐसा नहीं होने देंगे।
चुनाव के बाद पता चल जाएगा कि आर्यजन किसके साथ : मास्टर रामपाल
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरेंद्र और आचार्य विजयपाल पर सर्वसम्मति से फैसला छोड़ा गया था कि कार्यकारिणी का गठन कर लिया जाए, लेकिन उन्होंने कार्यकारिणी में गलत लोगों को शामिल कर लिया इसलिए विरोध किया गया। आचार्य विजयपाल संगठन को बांटने वाले लोगों से घिरे हैं। इस कारण ऐसे आरोप लगा रहे हैं। मुझे उम्मीद नहीं थी कि आचार्य विजयपाल इस हद तक आ जाएंगे। समझौते से मैं नहीं, वह खुद भागे थे। चुनाव परिणाम आने के बाद पता चल जाएगा कि आर्यजन किसके साथ हैं।
- मास्टर रामपाल आर्य, प्रधान पद के प्रत्याशी