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Rohtak: बचा खाना जरूरतमंदों को पहुंचा बांट रहे खुशियां, सप्ताह में दो दिन झुग्गी-झोपड़ियों में दे रहे शिक्षा

Tue, 27 Feb 2024 07:53 PM IST
भूपेंद्र सिंह श्वेता सिंह, अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
श्वेता सिंह, अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 27 Feb 2024 07:53 PM IST
सार

आर्मी सर्विंग हैप्पीनेस संगठन सड़क किनारे और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों को सप्ताह में दो दिन शिक्षा दे रहे हैं। 40 माह में तीन लाख से अधिक की मदद  कर चुके हैं। एनजीओ दिवस पर इस संगठन के बारे में पढ़े विस्तृत रिपोर्ट।

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Army Serving Happiness Delivering leftover food to the needy and spreading happiness
बच्चों को पढ़ाते संगठन के सदस्य। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

किसी भी समाज के विकास में जितनी भूमिका प्रशासन और नागरिक निभाते हैं, उतनी ही भूमिका गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) भी निभाते हैं। रोहतक शहर में अनेक संगठन समाज के उत्थान के लिए अपने तरीके से काम कर रहे हैं, इन्हीं में आर्मी सर्विंग हैप्पीनेस संगठन भी जरूरतमंदों की मदद करके समाज में खुशियां बांट रहा है।

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यह संगठन शादियों व अन्य समारोह में बचे खाने को जरूरतमंदों तक पहुंचाता है, साथ ही सप्ताह में दो दिन (शनिवार और रविवार) अपने समय का सदुपयोग झुग्गियों में रहने वाले बच्चों को पाठशाला खोलकर शिक्षित कर रहे हैं।
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आर्मी सर्विंग हैप्पीनेस का संगठन भूख के खिलाफ और भोजन की बर्बादी को रोकने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इसकी शुरुआत 2018 में कुछ युवाओं ने की थी। शादी व अन्य समारोह में बचे हुए खाने को देखकर विचार आया कि क्यों न इस खाने को जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाए। समाज की सहायता के लिए स्वैच्छिक सेवा देना ही इसका लक्ष्य है।
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इसी कड़ी में उन्हें लोगों की शिक्षा का ख्याल आया और सप्ताह में दो दिन झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। 2021 में कॉर्पोरेट जागरूकता मंत्रालय, केंद्र सरकार ने आर्मी सर्विंग हैप्पीनेस को फाउंडेशन के रूप में शामिल किया। करीब 100 सदस्यों का यह समूह 40 माह में तीन लाख से ज्यादा जरूरतमंदों की सहायता कर चुका है। यह समूह कैथल में भी काम कर रहा है।

आर्मी की तर्ज पर बनाई टीम
संगठन की टीम आर्मी की तर्ज पर तैयार की गई है। संगठन के लोग अपने हर कार्य को मिशन नाम देते हैं और टीम में मिशन को पूरा करने पर सदस्यों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें आर्मी की तर्ज पर रैंक दिया जाता है। नए सदस्यों को कैडेट कहा जाता है। लगातार चार-पांच मिशन पूरा करने वालों का पद व जिम्मेदारियां बढ़ा दी जाती हैं। यह संगठन अन्य संगठनों के साथ प्लास्टिक कचरा और ई-वेस्ट मुक्त रोहतक के लिए भी काम कर रहा है। बच्चों को शिक्षा के साथ साफ-सफाई का महत्व भी बता रहे हैं।


इन कार्यक्रमों का करते हैं आयोजन
संगठन के सदस्य समय-समय पर भारतीय रेडक्राॅस सोसाइटी के साथ मिलकर रक्तदान शिविर का आयोजन करते हैं, साथ ही जरूरतमंदों को वस्त्र बांटते हैं और बच्चों के साथ होली-दिवाली जैसे प्रमुख त्योहार भी मनाते हैं। इन कार्यों के लिए उन्हें जिला प्रशासन से प्रशंसा पत्र भी मिल चुका है।

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