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Rohtak News: मनमानी... छुट्टी के दिन भी खुले निजी स्कूल
Sat, 19 Apr 2025 01:57 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 19 Apr 2025 01:57 AM IST
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छुट्टी के दिन गुड फ्राइडे पर रोहतक में निजी स्कूल से पढ़कर बाहर आते विद्यार्थी। संवाद
- फोटो : सीओ अनुज चौधरी।
रोहतक। गुड फ्राइडे पर सरकारी अवकाश के बावजूद जिले के ज्यादातर निजी स्कूल खुले रहे। भीषण गर्मी में बच्चों को स्कूल बुलाकर निजी स्कूल संचालक सरकारी निर्देशों का उल्लंघन करते नजर आए। शुक्रवार दोपहर को तेज धूप व गर्मी के बीच बच्चे स्कूल से पढ़कर घर लौटे।
शुक्रवार को विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से सरकारी अवकाश घोषित किया गया था। इसके बावजूद निजी स्कूल खुले रहे। निजी स्कूलों के वाहन विद्यार्थियों को लेकर सड़कों पर दौड़ते नजर आए। शहर ही नहीं, ग्रामीण इलाकों में निजी स्कूल खुले रहे। शिक्षा अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। ऐसा पहली बार नहीं है, जब छुट्टी के दिन भी निजी स्कूल खुले रहे। पहले भी नियमों का उल्लंघन हुआ है।
पिछले सत्र में अवकाश के दिन महेंद्रगढ़ में निजी स्कूल बस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। इसमें छह बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि 15 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद प्रशासन ने कुछ सख्ती बरती, मगर बाद में फिर वही स्थिति बन गई। शुक्रवार को भी अवकाश के दिन बसों व अन्य वाहनों में सवार होकर बच्चे स्कूल गए और घर लौटे। ऐसे में यदि कोई हादसा हो जाता तो कौन जिम्मेदार होता। जिला शिक्षा अधिकारी से इस मामले में संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनसे बात नहीं हो पाई। मोबाइल पर संपर्क करने के अलावा संदेश भेजकर भी उनका पक्ष मांगा गया, लेकिन देर रात भी कोई जवाब नहीं आया।
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शुक्रवार को विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से सरकारी अवकाश घोषित किया गया था। इसके बावजूद निजी स्कूल खुले रहे। निजी स्कूलों के वाहन विद्यार्थियों को लेकर सड़कों पर दौड़ते नजर आए। शहर ही नहीं, ग्रामीण इलाकों में निजी स्कूल खुले रहे। शिक्षा अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। ऐसा पहली बार नहीं है, जब छुट्टी के दिन भी निजी स्कूल खुले रहे। पहले भी नियमों का उल्लंघन हुआ है।
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पिछले सत्र में अवकाश के दिन महेंद्रगढ़ में निजी स्कूल बस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। इसमें छह बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि 15 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद प्रशासन ने कुछ सख्ती बरती, मगर बाद में फिर वही स्थिति बन गई। शुक्रवार को भी अवकाश के दिन बसों व अन्य वाहनों में सवार होकर बच्चे स्कूल गए और घर लौटे। ऐसे में यदि कोई हादसा हो जाता तो कौन जिम्मेदार होता। जिला शिक्षा अधिकारी से इस मामले में संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनसे बात नहीं हो पाई। मोबाइल पर संपर्क करने के अलावा संदेश भेजकर भी उनका पक्ष मांगा गया, लेकिन देर रात भी कोई जवाब नहीं आया।
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